प्रखर कवि, दूरदर्शी नेता देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की संसारिक यात्री पूरी
प्रखर कवि, उच्चकोटि के राजनेता देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आज 5 बजकर 5 मिन्ट पर इस संसार को अलविदा कह दिया। अपनी कविताओं व तेजस्वी भाषणों की तरह जिंदगी के अंतिम पड़ाव में बिमारी से भी वे उसी तरह जूझते रहे जैसे जीवन में संघर्षो से जूझे। उन्होंने अपने 93 वर्ष इस वसुंधरा के लेखे किए। वाजपेयी जी यूरिन इन्फेक्शन और किडनी संबंधी बिमारी की परेशानी के चलते पिछले 11 जून से दिल्ली के एम्स में भर्ती थे। पिछले 24 घंटों के दौरान उनके स्वास्थय में कई उतार चढाव आए। तीन बार देश का नेतृत्व कर चुके श्री अटल बिहारी वाजपेयी एक मात्र ऐसा नेता हैं जो ओछी राजनीति से दूर रहे और अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों में भी लोकप्रिय रहे हैं। उन्होंने सक्रिय राजनीति से 2005 में सन्यास ले लिया था।