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व्यापार

सीआईआई एग्रो टैक में तीखे का तडक़ा, तीखी, मीठी, लंबी, छोटी, मोटी और पतली, हर तरह की मिर्च का जलवा

November 21, 2016 03:09 PM
चंडीगढ़सानिया, सिंथिया, निहारिका, अनन्या, वीनस, जुगनी, ये सब नाम है, उन मिर्चों के, जिनको सीआईआई एग्रो टैक 2016 में प्रदर्शित किया गया है। पंजाब, हरियाणा में लोग तीखा खाने के शौकीन है और मिर्च उनके खाने का अहम हिस्सा है। ऐसे में तरह तरह की मिर्चों को देखने और उनके बीज लेने के लिए किसानों और आम लोगों में काफी उत्सुकता है।

रंग चुनने की भी आजादी, 6 से.मी. से 15-16 सें.मी. तक की लंबाई भी

गुडग़ांव की रासी सीड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत की गई इन मिर्चों की किस्मों को लोगों की पसंद और क्षेत्र के मौसम के अनुसार विकसित किया गया है। इलेक्ट्रा नाम की मिर्च अपने नाम के अनुसार ही काफी तीखी है तो तपिश एफ1 भी एफ1 की तरह से तीखा स्वाद बेहद तेजी के साथ देती है। रासी सीड्स के प्रवक्ता ने बताया कि मिर्च का झाड़ काफी आता है और ये काफी तेजी से बिकने वाली कैश क्रॉप है। ऐसे में पूरे उत्तर भारत में मिर्च की खेती लगातार बढ़ रही है। बड़े स्तर पर मिर्च का आचार भी डाला जा रहा है और उसकी बिक्री भी लगातार बढ़ रही है। मिर्च की मांग हर तरफ से बढऩे के बाद किसान भी अब मिर्च की खेती को अपना रहे हैं। किसानों से बढ़ती मांग को देखते हुए हमने भी मिर्च की नई नई किस्मों को तैयार कर प्रस्तुत करना शुरू कर दिया है। एग्रो टैक में कई अन्य बीज कंपनियां भी मिर्च की अलग अलग कई तरह की किस्मों को लेकर आए हैं। इनमें बारीक और तेज मिर्चों से लेकर तरह तरह की आयतित मिर्चें तक शामिल हैं। किसान भी आधुनिक तकनीक से मिर्चों की खेती करते हुए अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त करना चाहते हैं।   
रंग भी मनपसंद के 
एग्रो टैक में एक ही किस्म की मिर्चों को अलग अलग रंग में प्राप्त करने का विकल्प भी दिया गया है। आज के ग्राहकों को ताजा मिर्च भी लाल रंग की चाहिए तो बीज कंपनियों ने एक ही किस्म के मिर्च के बीजों को इस तरह से तैयार किया है कि उन्हें हरे या लाल, दोनों रंगों में तैयार किया जा सकता है। इससे ग्राहकों को एक नया अनुभव मिलता है और किसान को भी ग्राहक की मांग पूरा करने का अवसर मिलता है।  
मिर्चों की बढ़ती लंबाई 
नई किस्मों की लंबाई भी लोगों को हैरान करती है। उत्पादक और किचन गार्डिंनिंग करने वाले लोग अपनी पसंद के अनुसार तीन चार या पांच छह सें.मी. से लेकर 15-16 सें.मी. तक की लंबाई वाली मिर्चों के बीज खरीद सकते हैं। मिर्चों की मोटाई भी 1 सें.मी. से लेकर 2.5 सें.मीटर तक उपलब्ध है।   
 
विदेश से भी बढ़ी मांग
सदियों से भारत से विदेशों में काली मिर्च का ही निर्यात होता रहा है लेकिन अब अमेरिका से लेकर यूरोप तक भारतीय हरी मिर्च की मांग भी बढऩे लगी है। अमेरिका में लोग काफी तेजी से भारतीय मिर्च को अपना रहे हैं। वहीं पंजाब से यूके और यूरोप को ताजा हरी मिर्च का एक्सपोर्ट किया जा रहा है। ऐसे में बेहतर गुणवत्ता की हरी मिर्च को बड़ा बाजार मिल रहा है और उससे उससे बेहतर दाम भी मिल रहे हैं। इन सब काकरों के चलते किसान भी मिर्च की खेती को अपनी नियमित कृषि का हिस्सा बना रहे हैं।
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