ENGLISH HINDI Sunday, August 25, 2019
Follow us on
 
कविताएँ

बीते लम्हे

February 10, 2017 01:16 PM

आज वो शख्स बहुत याद आए

जाे बन चुके है बीते लम्हाें के साए
सैक्टर 23 की वाे
यादें
एक साथ किए थे कई
वादे
आज वाे लम्हें बहुत याद आए
वक्त भी क्या—क्या गुल खिलाता है
मिटाता भी खुद ही है सब कुछ
और
फिर रह—रह कर
याद भी दिलाता है
ये यादें ब़ेजार करती हैं
हर वक्त उन का इंतजार करती हैं
जानते हुए भी
कि
बीते हुए लम्हें
कभी
वापिस नहीं आते
फिर भी न जाने
क्यों
ये दिल बैठा है आस लगाए।
—रोशन

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें