ENGLISH HINDI Thursday, June 21, 2018
Follow us on
खेल

कबड्डी के रोमांचक मुकाबलों का आयोजन, 1 से 3 अप्रैल तक नेशनल सर्कल कबड्डी चैम्पियनशिप में भिड़ेंगी टीमें

March 31, 2017 05:08 PM

चंडीगढ़:पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के ग्राउंड में 1 अप्रैल से 28वीं सीनियर नेशनल सर्कल कबड्डी चैम्पियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। इस चैम्पियनशिप का आयोजन एमेच्योर सर्कल कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (ए.सी.के.एफ.ई.) द्वारा किया जा रहा है जो कि 3 अप्रैल तक चलेगी। चैंपियनशिप के दौरान महिला और पुरुष टीमों के विभिन्न मैचों का आयोजन कराया जाएगा। पूरे देश से विभिन्न राज्यों की कबड्डी टीमें इसमें शामिल हो रही हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाबए चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पुडुचेरी की टीमें इसमें शुमार हैं।  

एमच्योर सर्कल कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (ए.सी.के.एफ.ई.) के संस्थापक महासचिव प्रोफेसर जे पी शर्मा तथा नरिन्द्र सिंह कंग ने सांझे तौर पर बताया कि कबड्डी चैम्पियनशिप का उद्घाटन हरियाणा के कृषि मंत्री ओ.पी. धनखड़ करेंगे। हरियाणा के शिक्षा और पर्यटन मंत्री रामबिलास शर्मा (ए.सी.के.एफ.ई.) के अध्यक्ष हैं। 
ए.सी.के.एफ.ई. वल्र्ड सर्कल कबड्डी फेडरेशन और एशियन सर्कल कबड्डी फेडरेशन द्वारा मान्यता प्राप्त है। हरियाणा के जींद में साल 1978 में गठित ये संघ महिला और पुरुष कबड्डी की पंजीकृत ईकाई है। फेडरेशन द्वारा अब तक महिला और पुरुष टीमों के लिए 27 सीनियर नेशनल सर्कल कबड्डी चैम्पियनशिप आयोजित कराए जा चुके हैं। इसके अलावा ए.सी.के.एफ.ई. ने 4 फेडरेशन कप टूर्नामेंट और 4 नॉर्थ जोन सर्कल कबड्डी चैम्पियनशिप भी आयोजित कराए हैं। फेडरेशन ने कई अंतर्राष्ट्रीय सर्कल कबड्डी टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है। पाकिस्तान के लाहौर में साल 1983, 1985, 1988, 1989, 1997, 1998, 1999 और 2004 में फेडरेशन ने कबड्डी मैचों में हिस्सा लिया। इसके अलावा साल 2008 में ए.सी.के.एफ.ई. ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में वल्र्ड कबड्डी चैम्पियनशिप में भी हिस्सा लिया। प्रोफेसर शर्मा को कबड्डी के प्रचार प्रसार के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान से नवाज़ा जा चुका है। उन्होंने कहा, ‘वैसे तो आज भी क्रिकेट सबसे ज्यादा देखा जाने वाला खेल है लेकिन कबड्डी भी भारत समेत दुनिया के कई दूसरे देशों में तेज़ी से लोकप्रिय हो रही है। भारत में ही कबड्डी ने कमाई के लिहाज से खुद को काफी हद तक स्थापित कर लिया है। हमारे पास कबड्डी खिलाडिय़ों की एक बड़ी सेना है और इसीलिए ज़रूरी है कि कबड्डी को भी क्रिकेट की तरह तरजीह दी जाए। हमें कबड्डी खिलाडिय़ों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और ज्यादा अवसर दिलाने की कोशिश करनी होगी’।
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
और खेल ख़बरें
जूनियर एशियन चेंपिअनशिप में रजत पदक लेकर पहुंचे दमनीत का हुआ भव्य अभिनंदन ब्रिक्स गेम्स-2018 साउथ अफ्रीका में 17 जुलाई से, ट्रॉयल पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के नेटबॉल मैदान में 16 जून से ब्रजेश्वर जसवाल को चंडीगढ़ वॉलीबॉल एसोसिएशन का उपाध्यक्ष चुना गया चैंपस ट्राफी में चैंपस क्रिकेट एकैडमी जीरकपुर ने जीता मनवीर ने ताईकवांडो में गोल्ड मैडल जीत जीरकपुर नाम किया रौशन ग़ैर-कानूनी गतिविधियों के कारण ओहदों से बाहर हुए अधिकारी नेटबॉल खिलाड़ियों से कर रहे धोखा -एनएफआई। आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट के कॉमनवेल्थ में देश से 221 खिलाड़ी लें रहें हैं भाग मनाना की टीम ने जीता दयालपुरा का पहला कबड्डी कप, ट्राफी समेत 51 हज़ार ईनामी राशि जीती भारत-अफगानिस्तान के बीच मोदी दोस्ती कप दिव्यांग क्रिकेट सीरीज का आगाज: सोलंकी बने बल्लेबाज और गेंदबाजी का मोर्चा संभाला बेदी ने 35वीं सीनीयर नैशनल नेटबॉल चेंपियनशिप मोहाली में 27 मार्च से