हरियाणा

नकली घी बनाने वाली फैक्टरी का पर्दाफाश, हजारों लीटर तैयार घी व अन्य सामान बरामद

May 17, 2017 08:19 PM
बरामद टीन, मिनी टैंकर, पत्रकारों से बात करते उप सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार कौशिक, मिल्क पाउडर।

नूंह (धनेश विद्यार्थी)

बुधवार को देर शाम शहर के पलड़ी रोड पर मुख्यमंत्री उडऩदस्ता, गुरूग्राम और गुप्तचर विभाग नूंह की टीम ने एक गोदाम पर संयुक्त तौर पर छापामारी की और वहां से सात हजार लीटर तैयार कथित नकली घी बरामद किया। मौके से तैयार घी से भरा एक मिनी टैंकर भी मिला। गोदाम में 70 ड्रम घी और क्रीम से भरे हुए मिले जबकि दो दर्जन से अधिक छोटे-बड़े ड्रम खाली रखे मिले। अधिकांश ड्रम बिना ढक्कन के घी से भरे हुए मिले।   


खास बात यह है कि इस छापामारी के दौरान गोदाम से एक प्रयोगशाला-नुमा जगह भी मिली, जिसमें संभवत: नकली घी को बनाने में इस्तेमाल चीजों की मात्रा का मिलान तय करके उसे कितनी ड्रिगी पर पकाया जाना है, यह बात तय की जाती है। मौके पर कोई भी व्यक्ति नकली घी तैयार करता हुआ नहीं मिला। लोहे के टीन शैड नुमा इस गोदाम में वनस्पति घी और पॉम ऑयल के 160 टीन, मिल्क पाउडर के 52 बैगस (वजन 40 किलोग्राम) के साथ खाली और भरे हुए लोहे के कनस्तर तथा अन्य साजोसामान मिला है।     
 

पता चला है कि यह गोदाम भाजपा के एक पूर्व पार्षद ने किराए पर लिया हुआ है। जिला स्वास्थ्य विभाग के उप सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार कौशिक और मुख्यमंत्री उडऩदस्ते के इंस्पैक्टर कृष्ण कुमार ने अलग-अलग बातचीत में मीडिया कर्मियों के सामने नकली घी बनाने वाले गोदाम पर छापामारी करने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह सारा सामान सील नहीं किया गया है लेकिन यह छापामारी फूड सेफ्टी एवं स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के तहत मानव खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के मकसद से की गई है।   

इस मामले पर उप सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार कौशिक ने कहा कि गोदाम को प्रथम दृष्टा देखने से ही यहां चलने वाले काम की जानकारी मिल जाती है। गोदाम में भारी मात्रा में तैयार घी बरामद हुआ है। उसके अलावा कुछ अन्य सामान भी मिला है। तैयार घी से भरा एक मिनी टैंकर भी मिला है।
उन्होंने कहा कि गोदाम से बरामद सामान के कुल सोलह नमूने लिए गए हैं, जिनको सीलबंद अवस्था में सरकारी प्रयोगशाला में जांच के लिए भिजवाया जा रहा है। उक्त टीम की ओर से पकड़ा गया घी नकली है या असली, यह बात सरकारी प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद पता चल पाएगी मगर फिलहाल गोदाम में जिस तरह का आलम दिखा, उससे यह साफ कि यहां अवैध तरीके से नकली घी तैयार किया जा रहा था।
कब से चल रहा है यह धंधा:
पलड़ी रोड चूंकि शहर के बाहरी ओर स्थित है और वहां करीब छह माह से यह गोदाम चल रहा है। पता चला है कि इससे पहले यह शहर में ही एक अन्य जगह चल रहा था। सत्तापक्ष से जुड़े पूर्व भाजपा पार्षद ने यह गोदाम किराए पर लिया हुआ है। जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घी और अन्य सामान के नमूने लेकर उनके साथ गोदाम के संचालक और गोदाम मालिक के मौजूदगी हस्ताक्षर भी ले लिए हैं।
शहर में कई चीजों में भी मिलावट:
शहरवासियों का कहना है कि नगर में बिकने वाली मिठाईयों, दूध, पनीर, सब्जी पकाने के मसालों और अन्य चीजों में भी धड़ल्ले से मिलावट की जा रही है। पॉलीथीन में पानी तक बेचा जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता को लेकर अभी तक जिला स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। आईएसआई और एगमार्का चीजों के इस्तेमाल और उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी को लेकर मेवात के अधिकांश उपभोक्ता अभी अनजान हैं। सामान खरीदने के बाद उसकी रसीद तक नहीं दी जाती और इस वजह से मेवात के कम पढ़े लिखे लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है।

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