ENGLISH HINDI Friday, August 18, 2017
Follow us on
ताज़ा ख़बरें
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख केस , पुलिस कर्मियों की छुट्टियां रद्द , केंद्र से 150 अर्धसैनिक बलों की कम्पनियां मांगीहरियाणा सरकार ने चार आईएएस, तीन एचसीएस, चार आईपीएस, और दो एचपीएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश किये जारी खान माफिया को संरक्षण देने वाली कांग्रेस के मुंह पर तमाचा है सुप्रीम कोर्ट का निर्णय, भाजपाकेनरा बैंक के रक्तदान शिविर में मुख्य दानी बने रजिंदर गर्ग, 180 बार दिया खूनखाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय पंजाब में मेगा फूड पार्कों में निवेश के लिए किसानों को दो साल तक देगा विशेष सहयोगकैलाश जैन को केंद्रीय गृहमंत्री की सलाहकार समिति का सदस्य बनने पर सम्मानित किया चंडीगढ़ युवा कांग्रेस ने 71वें सवतंत्रता दिवस को चंडीगढ़ के विभिन्न विभिन्न वार्डो में धूमधाम से मनाया पंजाब पुलिस की अवनीत और अशीष ने देश का नाम रोशन किया
कविताएँ

पवित्र अग्नि

August 06, 2017 04:27 PM

— रोशन
जीवन भी देती
विध्वंश भी मचाती
पर सदा ही रही पवित्र
ये अग्नि
सीनों में जले
तो है जलाती
जलती है जब चूल्हों में
तो
पेट की क्षुब्दा है मिटाती
उद्र में जले तो जठराग्नि कहलाती
ये अग्नि
जन्म से होकर शुरू
अंत समय तक
साथ है निभाती
और अपने
आलिंगन में अपनाती
ये अग्नि
अग्नि से ही यज्ञ
अग्नि से पाणिग्रह
अग्नि से जीवन यापन
अग्नि से है अंतिम संस्कार
पल—पल जो साथ दे
उसमें बड़ा गहरा है राज
बस! इसकी समझ
बहुत कम को है आती
अर्थ की लगी हो तो
कल्याणकारी हो जाती
और
व्यर्थ की जहां भी लगी
विध्वंशकारी होकर
अपना रौद्र रूप
है दिखाती
ये अग्नि...

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें