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राष्ट्रीय

एमएसजी भंडारे की खुशियों में रंग गया उत्तरप्रदेश

August 06, 2017 04:31 PM

बरनावा,(उत्तरप्रदेश) पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने कहा कि सत्संग, सेवा, सुमिरन। तीन ऐसी बातें हैं, जो बेहद जरूरी है, आत्मा के लिए। इंसान का मन जब अहंकारी हो जाता है, गरूर, घमंड करने लग जाता है तो इंसान राम नाम में बहुत पिछड़ जाता है। सत्संग में आकर पता चलता है कि कौन से कार्य करने चाहिए और कौन से कार्य नहीं करने चाहिए।  वे रविवार को स्थानीय शाह सतनाम जी धाम में आयोजित एमएसजी भंडारे को संबोधित कर रहे थे।

*लाखों श्रद्धालुओं ने पूज्य गुरु संत डॉॅ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के 50वें पावन अवतार दिवस पर आयोजित भंडारे में शिरकत की*गुरुजी के 50वें गोल्डऩ जुबली पावन अवतार दिवस के अवसर पर 10 से 16 अगस्त तक सिरसा(हरियाणा) स्थित शाह सतनाम जी धाम में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे* इससे पूर्व 9 अगस्त को पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया जाएगा, जिसके बाद देशभर में पौधे लगाए जाएंगे।

पूज्य गुरुजी के 50वें गोल्डऩ जुबली अवतार दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस भंडारे में उत्तरप्रदेश व उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से लाखों श्रद्धालुओं ने शिरकत की। इस अवसर पर हजारों लोगों ने गुरुमंत्र हासिल कर बुराइयां त्यागने का संकल्प लिया। सत्संग के दौरान हजारों लोगों ने जाम ए इन्सां गुरु का ग्रहण कर मानवता भलाई कार्यों में बढ़ चढ़ कर भाग लेने का प्रण लिया। 
समाधि के दौरान किया है रामायण-महाभारत का अनुभव: 
पूज्य गुरुजी ने कहा कि भारतीय संस्कृति बहुत ज्यादा हाईटैक थी। हमारे वेदों-धर्म ग्रंथों में ये लिखा है। अगर आप अपनी संस्कृति को फिर से अपना लें तो यह महान बन सकती है। हमारे धर्म ग्रंथ महा साईंस थे। अपनी संस्कृति को छोटा ना मानो। पूरी दुनियां को जिसने प्रेम करना सिखाया, पूरी दुनियां को प्रेम करना सिखाया ... यह है हमारी संस्कृति। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम भी थे और श्री कृष्ण जी भी थे। रामायण और महाभारत काल सत्य है। पूज्य गुरुजी ने कहा कि उन्होंने स्वयं समाधि के दौरान रामायण व महाभारत का अनुभव किया है। उन्होंने कहा कि हमारे वेद ग्रंथ महा साईंस है। विदेशी आक्रमणकारियों ने हमारी विरासत व आत्मविश्वास को खत्म करने के लिए नालंदा विश्वविद्यालयों जैसे संस्थानों में रखे अनगिनत दिव्य ग्रंथों को जलाकर नष्ट कर दिया। अपनी धरोहर से विमुख होकर हम उनके और उनके द्वारा थोपी गई धारणाओं के गुलाम बनते चले गए और जिनसे हम अभी तक उभर नहीं पा रहे हैं। प्राचीन काल में अर्जून जैसे योद्धा एटम-परमाणु अपने कंधों पर रखते थे और परमाणु शस्त्र को चलाने के बाद उन्हें रोकने की भी क्षमता उन योद्धाओं में थी। लेकिन आज हम मानसिक गुलामी की वजह से इन तथ्यों से मुंह मोड़े हुए हैं। 
पूज्य गुरुजी ने कहा कि उस ईश्वर प्रभु की भक्ति कीजिए, जिसे सारे खंड ब्रह्मांड बनाए। उसका जाप करने से आपको जीते जी मोक्ष मिलेगा और मुक्ति मिलेगी। प्रतिदिन सुबह शाम ईश्वर की भक्ति के लिए समय निकालो। राम का नाम लेते हुए प्रभु की भक्ति करते हुए जैसे जैसे आगे बढ़ेंगे, आपके गम, चिंता दूर होती जाएंगी। आलौकिक नजारें मिलने शुरु हो जाएंगे।

थोड़ा समय ईश्वर की याद में बिताया करो: 
पूज्य गुरुजी ने कहा कि थोड़ा समय ईश्वर की याद में जरूर बिताया करो, वो सब परेशानियां दूर कर देता है और जायज मांगे तुरंत पूरा कर देेते हैं। वर्तमान समय में इंसान कुदरत से मिले तोहफों को ठुकराए बैठा है। जिस कारण बहुत सारे रोग इंसान को घेरे हुए हैं। सुबह सूरज उगने से पहले उठो। सूरज छिपने से पहले खाना खा लेने से शरीर में बैक्टिरिया-वायरस नहीं जाते। अपने शरीर- सेहत के लिए समय दो। सुबह सवेरे उठकर घूमे, वो आपकी सेहत के लिए नायाब तोहफा होगा। 
आत्मबल को बढ़ाने के लिए राम नाम जरूरी: 

पूज्य गुरुजी ने कहा कि आज का दौर कलयुग का दौर है, ऐसा समय जहां हाथ को हाथ खाए जा रहा है। लोग बुराइयों के नुमायदें बन जाते हैं और राम नाम से जी चुराते हैं। सच्चाई नेकी को अपनाते हैं बहुत कम लोग और बुराई से जुड़ जाते हैं। और यहीं वजह है इंसान टैंशन, चिंता, परेशानियों से भरा हो। आत्मबल- विल पॉवर को बढ़ाने के लिए सेवा-सुमिरन जरूरी है। सेवा की शुरूआत अपने घर से करो। जहां आप रह रहे हैं, कोई भूखा-कोई बीमार कोई तकलीफ में हैं जाकर उसे खाना दीजिए, उसकी बीमारी का इलाज करवाइए, हो सके तो उसके रहने का इंतजाम कीजिए। यह महान सेवा है। वैसे तो सभी जीव जंतु भगवान की औलाद है और जो उसकी औलाद की सेवा करता है उसे असीम आनंद, शांति मिलती है। लेकिन लोग कह देते हैं हमारे पास समय नहीं है, बहुत सारे काम धंधे हैं। यह तो आपकी बहानेवाजी है, यह तो आपके सोचने का गलत अंदाज है। हकीकत यह है कि समय तो आपके पास है पर आप मानवता भलाई कार्य करना, राम का नाम लेना फिजुल की बातें समझते हो। जबकि यह सही नहीं है, दुनियादारी के काम धंधे कोई साथ जाने वाले नहीं है। 
पूज्य गुरुजी ने कहा कि सत्संग में गुरु-पीर-फकीर ऐसा होता है जो जोडऩे का काम करता है, तोडऩे का नहीं। वो भाईचारे को बढ़ाता है। वो इंसान को भगवान से जोडऩे का काम करता है। वो सिखाते हैं नेक  कार्य- भले कार्य करना। संत इस जगत में बुराइयां छुड़वाने आते हैं और भलाइयां करवाने आते हैं। संत का परिवार है भगवान की पैदा की हुई सारी जीवात्माएं। जो भगवान की औलाद है संत उन्हें अपनी संतान समझते हैं, और उनके लिए विनती-प्रार्थना करते रहते हैं। हमेशा मालिक से मालिक को मांगने का तरीका सिखाते हैं। संत हमेशा परहित-परमार्थ करते हैं। संत उस मालिक की औलाद का भला मांगते हैं और संत का मालिक वो परमात्मा होता है। कई बार संतों को भले कार्य करने से रोका जाता है, परंतु वे लगातार भले कार्यों में लगे रहते हैं और राम नाम के पथ पर चलते रहते हैं। 
* सत्संग के दौरान पूज्य गुरुजी ने मानवता भलाई कार्यों में प्रथम स्थान पर रहने वाले उत्तरप्रदेश व उत्तराखंड के ब्लाकों के सेवादार भाई बहनों को ट्राफियां देकर सम्मानित किया। पूज्य गुरुजी से सम्मान पाकर श्रद्धालु फूले नहीं समा रहे थे और नाच गाकर खुशी का इजहार किया। लोगों की बुराइयां छुड़वाकर उन्हें राम नाम से जोडऩे में उत्तरप्रदेश का ब्लाक  धनीपुर मंडी तथा उत्तराखंड का ब्लाक बाजपुर प्रथम स्थान पर रहे। फूड बैंक, ट्वाय बैंक व क्लाथ बैंक के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की मदद करने में उत्तरप्रदेश का ब्लाक गाजियाबाद शहर तथा उत्तराखंड का रूड़की ब्लाक पहले स्थान पर रहे। सफाई महाअभियान में सहयोग देने में उत्तरप्रदेश का ब्लाक साहिबाबाद तथा उत्तराखंड का रूड़की ब्लाक पहले स्थान पर रहे। 
*सत्संग के दौरान 310 बीघा में बनाया गया पंडाल भी छोटा पड़ गया। चहूओर साध संगत ही साध संगत नजर आ रही थी।
*पावन भंडारे के अवसर पर बरनावा आश्रम को भव्य तरीके से सजाया गया था। जगह जगह रंग बिरंगे झंडे, स्वागती द्वार, होर्डिंग्स, विद्युत चलित लडिय़ों इत्यादि के माध्यम से कई किलो मीटर तक सजावट की गई थी। हर कोई पूज्य गुरुजी के पावन अवतार दिवस की खुशियों में रंगा हुआ नजर आया। 
*पावन भंडारे का सत्संग सुबह 8.30 बजे से शुरु हो गया तथा दोपहर बाद तक चला। सत्संग में कविराज भाइयों ने भजन गाकर अवतार माह की खुशियां मनाई। पंजाबी कलाकार प्रगट भागू ने 'दातार प्यारे, दिलदार प्यारे, मेरी जिंदगी में तू रब्ब बनकर आया' भजन सुनाया।  सत्संग के तुरंत बाद आए हुए श्रद्धालुओं को लंगर व हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। 
*सत्संग के दौरान लाखों श्रद्धालुओं ने पूज्य गुरुजी के वचनों को बड़े ध्यान एवं श्रद्धा से सुना। पंडाल रह रहकर तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंजायमान हो उठता को कभी पूरी तरह पिन ड्रॉप साइलेंट रहता।  
*सत्संग के दौरान पूज्य गुरुजी ने श्रद्धालुओं द्वारा लिखकर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाएं शांत की। 
*सत्संग के दौरान सादगी पूर्ण ढंग से एक शादी भी हुई। पूज्य गुरुजी की पावन उपस्थिति में वैवाहिक बंधन में बंधने वाले जोड़े ने दिल जोड़ माला पहनाकर एक दूसरे को जीवनसाथी स्वीकारा। 
*डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाई जा रही मुहिम 'आशियानाÓ के तहत जिला मुरादाबाद के ब्लाक बिलारी की साध संगत ने सुशीला इन्सां पत्नी नरेंद्र सिंह निवासी रामनगर गंगपुर को मकान बनाकर दिया। पूज्य गुरुजी ने मकान की चाबी अपने पावन कर कमलों से सुशीला इन्सां को प्रदान की। 
*सत्संग के दौरान साध संगत ने 2 प्रण भी लिए। जिनमें कभी नशा नहीं करेंगे तथा अनख- गैरत के साथ सच के मार्ग पर चलेंगे। उपस्थित जनसमूह ने दोनों हाथ उठाकर ये दोनों प्रण लिए। 
*बरनावा आश्रम में विशाल पंडाल बनाया गया था, जिसमें बड़ी बड़ी एलईडी स्क्रीनों व टीवी सैट्स के माध्यम से भी सत्संग का प्रसारण किया गया। 
*पावन भंडारे के अवसर पर डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन द्वारा काबिले तारीफ प्रबंध किए गए थे। हजारों सेवादार विभिन्न सेवा समितियों के माध्यम से सेवा कार्यों में पूरी तन्मयता से जुटे हुए थे। टे्रफिक समिति, लंगर समिति, पानी समिति, साउंड समिति, यातायात समिति व अन्य समितियों के माध्यम से आए हुए लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्था की गई थी। लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद अनुशासन काबिले तारीफ था। सत्संग के दौरान हजारों सेवादार लंगर बनाने, लंगर खिलाने, पानी पिलाने, यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने इत्यादि सेवाकार्यों में लगे हुए थे। विभिन्न स्थानों पर अलग अलग टे्रेफिक ग्राउंड बनाए गए थे, जहां वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। सैंकड़ों सेवादार यातायात व्यवस्था को सुचारू ढंग से चलाने में लगे हुए थे। 
*पावन भंडारे के अवसर पर श्रद्धालुओं अपने अपने अंदाज में खुशियां मनाते हुए नजर आए। कोई डीजे पर डॉ. एमएसजी के भजनों पर नाच रहा था तो कोई ढोल नगाड़ों पर नाच गाकर खुशियां मना रहे थे। 
*बडौत- मेरठ रोड़ तथा बरनावा की ओर आने वाले सभी मार्गों पर डेरा श्रद्धालुओं के वाहन नजर आए। श्रद्धालु निजी वाहनों के अलावा रेलगाडिय़ों व रोडवेज बसों के माध्यम बरनावा पहुंचे। 
*पूज्य गुरुजी के 50वें गोल्डऩ जुबली पावन अवतार दिवस के अवसर पर 10 से 16 अगस्त तक सिरसा(हरियाणा) स्थित शाह सतनाम जी धाम में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे पूर्व 9 अगस्त को पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया जाएगा, जिसके बाद देशभर में पौधे लगाए जाएंगे।  

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