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चंडीगढ़

कमर्शियल वाहनों पर स्पीड गवर्नर लगाने के कोर्ट एवं केंद्र के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहीं हैं पंजाब व हरियाणा सरकारें : डॉ. कमलजीत सोइ

September 05, 2017 10:03 AM

चण्डीगढ़। भारत सरकार की 15 अप्रैल, 2015 की अधिसूचना के अनुसार दिनांक 31 जनवरी, 2017 से परिवहन वाहनों में स्पीड गवर्नर अनिवार्य बनाया गया था। इसके अलावा माननीय उच्चतम न्यायालय की सड़क संरक्षा समिति द्वारा इस बाबत विशेष दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं व इसके मुताबिक कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, असम और केरल जैसे राज्यों ने पहले ही अपने यहां स्पीड लिमिट डिवाइस (एसएलडी) स्कीम लागू करना शुरू कर दिया है और केवल एसएलडी लगे वाहनों को फिटनेस जारी किया जा रहा है। परन्तु बेहद अफ़सोस की बात है कि हरियाणा एवं पंजाब के परिवहन विभाग द्वारा इन आदेशों व दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा।

 ये बात  चण्डीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में डॉ. कमलजीत सोइ ने कही जो राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के सदस्य एवं अंतर्राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ हैं।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की वर्ष 2015 की रिपोर्ट अनुसार हरियाणा में 11,174 सड़क दुर्घटनाओं में 10,794 घायल हुए और 4,879 की मौत हुई, जबकि पंजाब में 6,702 सड़क दुर्घटनाओं में 4,414 घायल हुए और 4,893 की मौत हुई। सड़क दुर्घटना के मुख्य कारणों में से एक ओवर-स्पीड मानी जाती है, जिसमें 40-50% से अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। श्री सोइ ने कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि एसएलडी इस क्षेत्र के लिए कितना जरूरी है। उन्होंने दुःख जताया कि कितनी ही बहुमूल्य जानें सड़क हादसों में चली जातीं हैं।

उन्होंने कहा कि मेरे कई प्रयासों के बावजूद व केंद्र सरकार (MoRTH) के दिशा-निर्देशों की अवहेलना करते हुए हरियाणा और पंजाब सरकारों ने राज्य में स्पीड गवर्नर लागने का कार्य शुरू भी नहीं किया है। सोइ के मुताबिक परिवहन विभाग, हरियाणा और पंजाब इस तथ्य की ओर से मुंह मोड़ते दिखाई दे रहें है कि स्पीड गवर्नर इंस्टॉल किए बिना एजेंट और एमवीआई अब भी कामर्शियल वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं, क्योंकि हरियाणा और पंजाब में स्पीनड गवर्नर इंस्टॉल करने और इसे प्रभावी बनाने के संबंध में परिवहन विभाग, हरियाणा और पंजाब द्वारा एमवीआई/आरटीओ को कोई निर्देश नहीं हैं।

उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग, हरियाणा ने दिनांक 07.01.2016 की अधिसूचना सं. 1095/1116/T-3ST-III जारी करते हुए परिवहन वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य बनाया है। परिवहन विभाग, हरियाणा ने पात्र विनिर्माताओं के चयन संबंधी मानदंड संबंधी शर्तों बनाई हैं। इसके विरोध में कुछ विनिर्माताओं ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए पात्रता मानदंडों को चुनौती दी थी, लेकिन उच्च न्यायालय पंजाब और हरियाणा ने उचित तरीके से स्पीड गवर्नर के कार्यान्वयन के पक्ष में फैसला दिया। । हालांकि, राज्य में स्पीड गवर्नर लागू नहीं किया जा सका है।

इसी तरह, परिवहन विभाग, पंजाब ने दिनांक 21.07.2015 की अधिसूचना सं. 4/111/2007-2T2/543120/1 जारी की और उसके बाद पंजाब के परिवहन विभाग ने विनिर्माताओं के पंजीकरण संबंधी पात्रता मानदंड बनाए लेकिन आज तक पंजाब में भी इनका कार्यान्वयन नहीं हुआ।

पंजाब-हरियाणा सरकारों को 3 सप्ताह का अल्टीमेटम

डॉ. कमलजीत सोइ ने प्रेस वार्ता में जोर देकर कहा कि यदि 3 सप्ताह के भीतर एसएलडी लगाने बारे पंजाब-हरियाणा सरकारों ने नोटिफिकेशन जारी ना किया तो वे उन पर कोर्ट ऑफ़ कंटेम्प्ट डालेंगे। 

पहले 1500 रुपए देकर गाडी पास होती थी, अब 2500 लगते हैं

डॉ. कमलजीत सोइ ने खुलासा किया कि जब से उन्होंने इस मुद्दे पर दबाब बनाया है तब से गाडी पास करने के रेट चढ़ गए हैं। पहले 1500 रुपए देकर गाडी पास होती थी, अब 2500 लगने लग गए हैं।

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