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गुड़िया हत्याकांड मामले में सीबीआई पुख्ता सबूत जुटाने में जुटी, आरोपियों का ब्रेन टेस्ट

September 30, 2017 12:00 PM

शिमला, फेस2न्यूज:
गुड़िया हत्याकांड मामले में ज़िला शिमला के कोटखाई में गिरफ्तार पांच आरोपियों ने ब्रेन मैपिंग के दौरान कई राज उगले हैं। इसका खुलासा सीबीआई सूत्रों ने किया है। गुजरात के गांधीनगर में आरोपियों के टेस्ट की प्रक्रिया 18 सितंबर चल रही है
आधिकारिक तौर पर 30 सितंबर तक आरोपी वहां पर रहेंगे लेकिन टेस्ट करवाने की अवधि बढ़ाई जा सकती है। इससे पूर्व शिमला की एक अदालत से टेस्ट करवाने की इजाजत मांगी गई। पांच में से चार आरोपियों ने इसके लिए सहमति दे दी, लेकिन शराल निवासी आशीष चौहान ने इनकार किया था। उसके वकीलों ने अदालत में भी इसका विरोध किया था। अदालत के निर्देश के बाद इसे अन्य आरोपियों के साथ टेस्ट करवाने गांधीनगर ले जाया गया। सीबीआई संकेत दे चुकी है कि उसे इस केस में बड़ी सफलता हाथ लगी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पुलिस के हाथों पकड़े गए युवा असली नहीं है! सीबीआई जल्द ही वायरल तस्वीरों का सच भी सामने लाने में जुटी है। सीबीआई ने कोटखाई व महासू में डेरा डाल रखा है। क्षेत्रीय लोगों अनुसार वीरवार को टीम फिर से "सीन ऑफ क्राइम" पर पहुंची थी। कई लोगों से पूछताछ की गई। जिन व्यक्तियों से पूछताछ हुई है, उनमें वह युवक भी शामिल बताया गया जिनके फोटो वायरल हुए। सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने कोटखाई व महासू में कई जगहों पर दस्तक दी। समझा जाता है कि आरोपियों के ब्रेन मैपिंग के दौरान मिले संकेतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। सीबीआई ने स्कूल में छात्रा के साथ पढ़ने वाली लड़कियों और अध्यापकों से भी पूछताछ करके अहम पहलू जुटाए। मामले में सीबीआई ने अभी तक नई गिरफ्तारी नहीं की है। उसका जोर वैज्ञानिक आधार पर पुख्ता सबूत जुटाने पर ही रहा है। इसी कारण स्थानीय लोगों से लेकर चिरानियों, नेपालियों के ब्लड सैंपल एकत्र किए गए। बताया जा रहा है कि करीब 200 लोगों से पूछताछ हो चुकी है। दूसरी ओर उच्च न्यायालय में इस केस की सुनवाई 11 अक्तूबर को होनी है। उसी दिन कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

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