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हरियाणा

लावारिश बच्ची की तालीम का खर्चा उठाएगा हरियाणा वक्फ बोर्ड़

November 14, 2017 07:52 PM

नूंह (धनेश विद्यार्थी) एक तरफ देश और दुनिया आज के दिन को बाल दिवस के रुप में मना रहा है, वहीं मेवात जिले में दुधमुंही बच्चियों को सडक़ों पर फेंका जा रहा है। जो वास्तव में बाल दिवस की गंभीरता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। हालांकि बाल दिवस के मौके पर हरियाणा वक्फ बोर्ड़ के चेयरमैन व पुन्हाना के विधायक रहीश खान ने सोमवार को मिली एक लावारिश बच्ची की पूरी पढ़ाई लिखाई का खर्चा उठाने की घोषणा कर एक मरहम लगाने का प्रयास जरुर किया है। लेकिन जिस मां-बाप द्वारा यह कार्य किया गया, वह वास्तव में सोचने पर मजबूर कर रहा है।   

नन्हीं बच्ची को फेंका सडक़ पर- यही है बाल दिवस


चेयरमैन ने कहा कि हरियाणा वक्फ बोर्ड़ नवजात शिशु के लिए उनकी पूरी शिक्षा का प्रबंध करेगा, जो भी जरुरत होगी वो मुहैया कराई जाएगी। बच्ची के बेहतर भविष्य के लिए हर मुमकिन प्रयास किया जाएगा। रहीश खान ने कहा कि 21 वीं सदी में भी लोग अपनी बच्चियों को ऐसे लावारिश छोड़ सकते हैं, ये नकारात्मक मानसिकता का नतीजा है। समाज में ऐसे लोगों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी। आज लड़कियां हर जगह नाम रोशन कर रही हैं, दुनिया के सर्वोच्च पदों पर भी आज लड़कियां पहुंच चुकी हैं।
भारत में बेटियां आज सानिया मिर्जा, सुषमा स्वराज बनकर नाम रोशन कर रही हैं। महिलाएं शिक्षा के क्षेत्र में भी तेजी से तरक्की कर रही हैं। इसके बावजूद ऐसे में लावारिश बच्ची को फेंका जाना वास्तव में शर्मनाक है, लेकिन हम सुनिश्चित करते हैं कि इस बच्ची की शिक्षा में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। लड़कियां सिर्फ बोझ नहीं हैं। शिक्षित होकर ये हमारे देश के लिए इतना अच्छा कर सकती जितना कि शायद लडक़े न कर पाएं। जो लोग बच्चियों को मुसीबत समझते है, वो यह नहीं जानते कि जब उन पर मुसीबत आएगी तो ये बच्चियां मदद के लिए पहले खड़ी होंगी। जिस दिन हम सभी ने मिलकर इन बुराइयों को दूर कर दिया, वह दिन ही सही मायने में बाल दिवस होगा।

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