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राष्ट्रीय

आबू धाबी में होगा स्वामीनारायण मन्दिर का निर्माण

February 11, 2018 10:30 AM

अबोहर, फेस2न्यूज ब्यूरो:
रविवार को आबू धाबी में स्वामीनारायण मन्दिर का निर्माण कार्य भूमि पूजन के साथ शुरू होगा। इस अवसर पर प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल होंगे। मंदिर निर्माण के लिये वहां की सरकार ने 20 हजार वर्ग मीटर भूमि हाईवे के पास आबंटित की है।  
पिछले 20 वर्षों से, मध्य पूर्व में अरब देशों की नियमित यात्रा करने तथा बीएपीएस सत्संग की गतिविधियों को संभालने वाले स्वामी ब्रह्मविहारी ने जानकारी देते हुए कहा कि संयुक्त अरब अमीरात के हिंदू मंदिर का निर्माण बीएपीएस द्वारा किया जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात के शासकों ने नम्रता का सम्मान करने के लिए, स्वामीनारायण संस्थान का चयन किया गया है। उन्होने कहा कि आबू धाबी में स्वामीनारायण संस्था द्वारा स्थापित हिंदू मंदिर, विश्वास के साथ दोस्ती का प्रतीक व मील पत्थर होगा श्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में, हिन्दू मंदिर के लिए निर्माण भूमिपूजन के साथ शुरू किया जा रहा है  

भूमि पूजन में शामिल होंगे नरेन्द्र मोदी


उन्होने कहा कि आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करना जरूरी है। 21वीं सदी में, जब स्वार्थों के कारण दुनियां टुकड़ों में विखंडित हो रही है, ऐसा एक महान कदम बहुतायत से एकता की आशा करता है। संयुक्त अरब अमीरात के संस्थापक एकता और सहिष्णुता के आदर्शों को प्रेरित करते हैं। श्री शेख मोहम्मद बिन ज़ैद अल नाहयन, प्रधान मंत्री अबू धाबी, श्री नरेंद्र मोदी, भारत के प्रधान मंत्री और हम दोनों देशों के लोगों की सद्भावना की प्रतिबद्धता के लिए आभारी हैं।
स्वामी जी ने कहा कि बीएपीएस के गौरवशाली अक्षरधाम पूरे भारत में फैले हुए हैं और दुनिया के कई देशों के साथ-साथ कला और वास्तुकला, सौंदर्य और कौशल, सामाजिक कार्य और पर्यावरणीय मुद्दों के चलते 1200 से अधिक मंदिरों का निर्माण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि आबू धाबी में बनने वाले मंदिर के लिये पत्थर भारत में भारतीय कारीगरों द्वारा तराशे जायेंगे और अबू धाबी में अंतिम रूप से निर्माण किया जाएगा। आगंतुक केंद्र, प्रार्थना अनुभाग, प्रदर्शनियां, बच्चों के लिए शिक्षण व खेल सुविधाएं, उद्यान, जल संसाधन, फूडकोर्ट बुकस्टॉल इत्यादि जैसी सुविधाएं 2020 तक पूरी हो जायेंगी।
उन्होंने कहा कि यह मंदिर, सभी मान्यताओं और भूमिकाओं के सभी लोगों के लिए खुला होगा, धर्म और जाति का भेद नहीं रहेगा। संयुक्त अरब अमीरात में प्रेम, सहिष्णुता, सद्भाव और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का अनुकूल उत्साह बनाएगा। यह मंदिर, हिंदू धर्म की परंपरागत धार्मिक अनुष्ठानों के साथ, संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले तथा प्रयटकों के लिये आकर्षण व आस्था का केन्द्र होगा।

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