ENGLISH HINDI Wednesday, August 22, 2018
Follow us on
हरियाणा

ऋण दिलाने, मोबाइल टावर लगवाने, आरबीआई से बोनस दिलवाने, एटीएम बंद होने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने गिरोह वाला गिरोह बेनकाब

February 11, 2018 07:50 PM
चण्डीगढ़,भिवानी , फेस2न्यूज  
हरियाणा में अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने देश के अन्य राज्यों में ऋण दिलाने, मोबाइल टावर लगवाने, आरबीआई से बोनस दिलवाने तथा एटीएम बंद होने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक गिरोह को भिवानी से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने दिल्ली व हांसी निवासी गिरोह के दो सदस्य अशोक उर्फ बिटटू तथा हरीश उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया है।

पुलिस  ने इन अभियुक्तों से पासबुक, चेकबुक, लाखों की नकदी, जेवर, दर्जनों सिम कार्ड बरामद किये हैं। भिवानी निवासी धर्मदेव ने सिटी पुलिस थाना में शिकायत दी थी कुछ लोगों ने उसे फोन कर आरबीआई से उसके लाखों रुपये का बोनस दिलाने के नाम पर 70 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने जब इस बारे में जांच शुरु की तो मामला हैरानी करने वाला पाया। पुलिस ने इस मामले में दिल्ली के उतम नगर निवासी अशोक उर्फ बिटटू तथा हांसी के उतम नगर निवासी हरीश उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस ने इन अभियुक्तों से पासबुक, चेकबुक, लाखों की नकदी, जेवर, दर्जनों सिम कार्ड बरामद किये हैं। भिवानी निवासी धर्मदेव ने सिटी पुलिस थाना में शिकायत दी थी कुछ लोगों ने उसे फोन कर आरबीआई से उसके लाखों रुपये का बोनस दिलाने के नाम पर 70 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने जब इस बारे में जांच शुरु की तो मामला हैरानी करने वाला पाया। पुलिस ने इस मामले में दिल्ली के उतम नगर निवासी अशोक उर्फ बिटटू तथा हांसी के उतम नगर निवासी हरीश उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया।
उन्होंने बताया कि अभियुक्त बिटटू व सोनू से पुछताछ के दौरान बताया कि उनका एक गिरोह है, जो लोगों को फोन कर उन्हे सस्ती दरों पर ऋण दिलाने, मोबाइल टावर लगवाने, आरबीआई से बोनस दिलाने तथा एटीएम बंद होने का नाम लेकर ठगी करते थे। इन ठगों ने अपना मोबाइल नेटवर्क पूरे देश में फैलाकर अनेक लोगों को निशाना बनाया। फिलहाल पुलिस पकङ में आने के बाद ये आरोपी अपनी आर्थिक कमजोरी की मजबूरी बता रहे हैं और कह रहे हैं कि वो तो इस ठग गिरोह में 4-5 हजार रुपये मासिक की नौकरी कर रहे हैं। उन्होने बताया कि उन्हे ये भी पता नहीं कि गिरोह का सरगना कौन है। 
प्रवक्ता ने बताया कि इस गिरोह के निशाने पर अनपढ़ या कम पढ़े-लिखे लोग थे। ये अखबारों में विज्ञापन देकर व लोगों को सीधे फोन कर उन्हे अलग-अलग तरीके से निशाना बनाते और उनका काम करवाने के लिए हजारों से लेकर लाखों रुपये तक अपने खाते में डलवा लेते और अपना-अपना हिस्सा बांट लेते। उन्होने बताया कि आरोपियों से 32 चैक बुक, 46 पास बुक, 47 एटीएम, डेढ़ लाख रुपये की नगदी, तीन सोने की अंगुठी, एक चैन व एक हार बरामद किया है। उन्होने बताया कि अब स्पेशल टीम बना कर गिरोह के सरगना को गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें