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धर्म

नृत्य नाटिका में दिखाया श्रीकृष्ण के बाल्य रूप से लेकर सिंहासन तक का सफर

February 27, 2018 12:48 PM

आबू रोड, फेस2न्यूज:
लाइट, साउंड, कैमरा और एक्शन का अद्भुत मेल जब डॉयमंड हॉल आबू रोड में मंच पर साकार हुआ तो कुछ पल के लिए ऐसा लगा कि जैसे स्वर्णिम दुनिया इस धरा पर ही आ गई हो और सतयुग के प्रथम राजकुमार श्रीकृष्ण-राधा की गोपियों के साथ रासलीला चल रही हो। कलाकारों के मर्मस्पर्शी अभिनय और वृंदावन में निश्छल प्रेम के भावपूर्ण दृश्यों को देख विश्वभर के 100 देशों से आए मेहमानों की आंखों से प्रेम के आंसू निकल आए। प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री ग्रेसी सिंह व टीम के सदस्यों ने 45 मिनट की नृत्य नाटिका में श्रीकृष्ण के पूरे जीवन काल को समा दिया। मौका था ब्रह्माकुमारीज संस्थान के शांतिवन परिसर में चल रहे अंतरराष्ट्रीय महासम्मेलन में कल्चरल प्रोग्राम का। इस पूरी नृत्य नाटिका को बहुत ही सुंदर तरीके से सीनियर फिल्म कोरियाग्राफर कमलनाथ के मार्गदर्शन में मंचित किया गया।
शंख ध्वनि के साथ नाटिका की शुरुआत होती है और विष्णु चतुर्भुज रूप में परमात्मा की भविष्यवाणी होती है.. सर्वधर्म मान परित्यज, मामेकम् सर्ववब्रिज.... अर्थात् समस्त प्रकार के धर्मों का परित्याग करो और मेरी शरण में आ जाओ, मैं समस्त पापों से तुम्हारा उद्धार कर दूंगा, डरो मत। परमात्मा ने श्रीमद् भगवत गीता में राजयोग की सहज विधि का ज्ञान दिया है। जिसमें आत्मा-परमात्मा के ज्ञान के साथ तीनों लोगों और आदि-मध्य-अंत के साथ चारों युगों का यथार्थ ज्ञान कराया है। समस्त मनुष्य आत्माओं को संबोधित करते हुए भगवान कहते हैं तुम सभी मेरी संतान हो और मैं तुम आत्माओं का अनादि पिता हूं।
कुछ समय के लिए ऐसा लगता है मानो पूरा वृंदावन मंच पर उतर आया है। इसके बाद नंदलाल के बाल्यरूप के साथ युवावस्था और फिर राजतिलक का मंचन और कलाकारों के अभिनय कौशल से दृश्य दिल को छू जाते हैं।
नाटक से संदेश:
इस नाटक से संदेश दिया गया कि श्रद्धा से भक्ति मिलती है और भक्ति से भगवान। हम सभी उस परमपिता परमात्मा की संतान हैं। वो हमारा जन्म-जन्मातर का अविनाशी पिता है। सतयुग में हम सभी देव आत्माएं थे, लेकिन कर्मों में गिरावट से अब पतित बन गए हैं। अब फिर से हमें देव आत्मा बनाने वह परमधाम के निवासी परमात्मा इस सृष्टि पर आए हुए हैं। तो हे! मनुष्य आत्मा सहज राजयोग से मुझसे योग लगाओ तो मैं तुम्हें समस्त पापों से मुक्त कर स्वर्ग की बादशाही दूंगा।

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