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अवैध खनन पर जागा प्रशासन, मोहाली के एडीसी ने किया दौरा, माफिया और खेत मालिकों पर दर्ज होंगे पर्चे

March 10, 2018 09:14 PM

जीरकपुर, जेएस कलेर

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के हरकत में आते ही डेराबस्सी क्षेत्र में चल रहे अवैध माइनिंग पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से विजिलेंस जांच के आदेश देते ही जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के द्वारा निरंतर अभियान चलाकर खनन माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई के लिए कमर कस ली गई है।

इस कड़ी में आज डेराबस्सी में घघर खेत्र के साथ साथ लगती खेती योग्य भूमि का एड़ीसी चरनदेव सिंह मान व एसपी डी हरदीप सिंह अटवाल ने निरीक्षण कर पाया कि इस क्षेत्र के में पड़ते गांव ककराली, पंडवाला, मुबारकपुर, सनोली, भँखरपुर, शताबगढ़, छत्त और बाकरपुर में व्यापक तौर पर अवैध माइनिंग की गई है। जिससे खेती योग्य भूमि और घघर नदी का प्राकृतिक स्वरूप ही बदल कर रह गया है। जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम के द्वारा किए गए इस दौरे को खनन माफियाओं के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करने की रणनीति माना जा रहा है ।

नियमों और कानूनों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से मिंट्टी और खनिजो का खनन किया जाता रहा है। माफिया और खेत मालिक मिलकर दिन और रात धरती की कोख पर जेसीबी मशीने व वर्जित हैवी पोकलेने मशीने चलाते रहे, मगर अफसर चैन की नींद सोते रहे। आज आई टीम इस क्षेत्र बेखौफ होकर की गई खेतों के खनन की कार्रवाई को देख दंग रह गई। खेत मालिक खुद मिंट्टी का खनन करा रहे हैं। किसान निजी इस्तेमाल के लिए खनन की अनुमति लेकर उसका व्यावसायिक उपयोग करते रहे और सरकार को पता ही नही चला।

जिकरयोग है कि इस समूचे घघर क्षेत्र में मिंट्टी, रेत, बालू, ग्रैवर व अन्य प्रकार के अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई न होने और पुलिस और प्रशासन के सुस्त रवैये से सरकार बेहद खफा है जिसकी वजह से इसकी विजिलेंस जांच के निर्देश भी दिए गए है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शासन ने अधिकारियों को खनन माफिया से सख्ती से निपटने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को अवैध खनन या उपकरण के पकड़े जाने पर तत्काल माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

इस क्षेत्र में खनन माफिया के हौसले बुलंद है। नियमों और कानूनों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से मिंट्टी और खनिजो का खनन किया जाता रहा है। माफिया और खेत मालिक मिलकर दिन और रात धरती की कोख पर जेसीबी मशीने व वर्जित हैवी पोकलेने मशीने चलाते रहे, मगर अफसर चैन की नींद सोते रहे। आज आई टीम इस क्षेत्र बेखौफ होकर की गई खेतों के खनन की कार्रवाई को देख दंग रह गई। खेत मालिक खुद मिंट्टी का खनन करा रहे हैं। किसान निजी इस्तेमाल के लिए खनन की अनुमति लेकर उसका व्यावसायिक उपयोग करते रहे और सरकार को पता ही नही चला। शाम होते ही धरती की कोख पर जेसीबी मशीनें चलनी शुरू हो जाती थी लेकिन माइनिंग विभाग ट्रैक्टर ट्राली मालिकों पर कार्यवाही कर खाना पूर्ति करता रहा। रोजाना लाखों घनमीटर मिंट्टी का खनन हो रहा और पुलिस, प्रशासन व खनन विभाग के अधिकारी अवैध खनन करने वालों पर कार्रवाई करने में विफल रहे।

एड़ीसी मोहाली दिखे खफा

खनन माफिया के खिलाफ अधिकारियों के लचर रवैये पर जिला प्रशासन में कड़ी नाराजगी देखने को मिली है। मोहाली जिले के ए डी सी चरनदेव सिंह मान व एस पी डी हरबीर सिंह अटवाल ने जिला माइनिंग अफसर सिमरप्रित कौर ढिल्लों, नायब तहसीलदार कर्मजीत सिंह, डेराबसी थाना मुखी डेराबासी मोहिंदर सिंह, चौकीं इंचार्ज मुबारिकपुर भिंदर सिंह, बीएलओ बलजीत सिंह व अन्य अधिकारियों के साथ घघर किनारे माइनिंग प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और सबंधित अफसरों को लताड़ लगाई की अवैध माइनिंग के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नही हुई। एडीसी मान व एसपीडी हरबीर सिंह अटवाल ने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन व उपकरण पकड़े जाने पर आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए। जिला खनन अधिकारी अपने जिलाधिकारी से पुलिस फोर्स लेकर नियमित छापेमारी करेंगे और हर सप्ताह शासन को निदेशक के माध्यम से कार्यवाही की रिपोर्ट देंगे। निदेशक स्तर से कम से कम पांच उड़न दस्ते बनाकर खनन बाहुल्य इलाकों में जाकर देखेंगे कि शासनादेश का कड़ाई से पालन हो रहा है अथवा नहीं। ट्रकों को रोककर तस्दीक की जाएगी कि रवाना पर्ची फर्जी तो नहीं। यदि रवाना पर्ची असली है तो देखेंगे कि वाहन में अधिक खनन सामग्री तो नहीं है।

बीएलओ की शिकायत पर एफआईआर दर्ज

बीएलओ बलजीत सिंह की शिकायत पर इस क्षेत्र में पड़ते गांव ककराली, पंडवाला, मुबारिकपुर, सनोली आदि गांव के अवैध माइनिंग प्रभावित गांवों के सन्धर्व में भारतीय दंड सहिता की धारा 379, माइन्स मिनरल डवलपमेंट एण्ड रेगुलेशन एक्ट की धारा 21-1 व धारा 4 के अंतर्गत डेराबसी थाने में नामालूम लोगों के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज करवाई गई है। जिसके बाद विभाग द्वारा इन खेत मालिकों को अब नोटिस भेजे जाएंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह अवैध माइनिंग किसने और किसकी सरपरस्ती में की। इसी तरह गाँव नगला की ग़ैरकानूनी निकासी की शिकायतों का निपटारा करने के लिए ज़िला माइनिंग अफ़सर और सबंधित थाना प्रमुख को कार्रवाई करने के निर्देश जारी किये गए हैं। उन्होंने बताया कि ज़ीरकपुर में एक अस्पताल की साइट पर बिना किसी मंजूरी से निकासी के लिए चल रही जेसीबी को पुलिस द्वारा कब्ज़े में लिया गया और ज़िला माइनिंग अफ़सर को दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर ने बताया कि जलद ही बड़े स्तर पर टीमें बना कर स्क्रीनिंग प्लांटों और क्रशरों की पड़ताल करवाई जायेगी और यदि ग़ैरकानूनी निकासी का कोई भी मामला सामने आया तो सख़्त कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।

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