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इम्पीरियल गार्डन की इमारत गिरने के पीछे हो सकते है कई कारण, प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे

April 13, 2018 12:08 PM

-एन.डी.आर.ऑफ टीम ने बचाव कार्य के लिए किया दिन रात एक
 

जीरकपुर, जेएस कलेर
 
कल दोपहर तकरीबन एक बजे पुरमुछाला क्षेत्र के इम्पीरियल गार्डन सोसाइटी में गिरी निर्माण अधीन इमारत को अब 24 घँटे बीत जाने पर भी एन.डी.आर.ऑफ की टीम कल रात से ही किसी के फसे होने की आशंका को लेकर जी तोड़ मेहनत कर रही है, तो वहीं प्रशासनिक अधिकारी जिसमें एस डी एम डेराबसी, तहसीलदार व नायब तहसीलदार डेराबसी, कार्यकारी अधिकारी जिरकपुर समेत समूचा पुलिस व नगर परिषद प्रशासन मौके पर दता हुआ है। तो दूसरी और स्थानीय लोगों में अब बिल्डिंग के गिरने से गुस्सा व्याप्त है
 
 
3 मंजिला फ्लैट्स में रहने वाले लोग दूर दूर से ध्वस्त इमारत को देखने आ रहे है व उनमें बिल्डर व प्रशासन के प्रति गुस्सा व्याप्त है। मौके देखने आए कंस्ट्रक्शन बिजिनेस से जुड़े लोंगो का कहना है कि किसी भी बिल्डिंग के गिरने के पीछे घटिया सामग्री के अलावा तकनीकी पहलू भी शामिल होता है। इस इमारत के गिरने का सबसे पहला कारण जो भूगोल को देख साफ साफ कहा जा सकता है वह है कंस्ट्रक्शन साइट पर कुछ एक वर्ष पहले माइनिंग कर इस जमीन को खोखला कर दिया गया था। अब इस जमीन पर जल्दबाजी में 15 से 20 फुट फिलिंग कर इनमें इमारत का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया इमारत बनाते बनाते मिटी को बैठाने के लिए पानी का प्रयोग किया गया जिसे रिटेनिंग वाल संभाल नहीं सकी और वह खाली पड़े माइनिंग क्षेत्र की तरफ झुक गई जिससे इमारत के बीम चटक गए और बिल्डिंग जमींदोज हो गई। दूसरा कारण इम्पीरियल गार्डन की इमारत के गिरने के पीछे घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने की बात सामने आ रही है। इस मामले में बिल्डिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंस्ट्रक्शन कास्ट को कम करने के लिए बिल्डर द्वारा निर्माण सामग्री के अंदर एक-चार की जगह, एक-आठ का मसाला इस्तेमाल किया गया है।
ऐसे में यह मैटेरियल किसी भी बिल्डिंग के हादसे के लिए कहां तक जिम्मेदार हो सकता है। इस बारे में एग्जिक्यूटिव इंजीनियर मनवीर सिंह गिल ने बताया कि सीमेंट में ताकत पानी से आती है। अगर किसी भी निर्माण में सीमेंट का कितना भी इस्तेमाल किया जाए पर उसकी तराई नहीं की गई तो वह रेत बन जाती है। निर्माण में एक-आठ का मसाला बहुत खराब नहीं होता है, बशर्ते उसकी तराई ठीक से की जाए। एक-चार का मसाला भले आदर्श हो पर सही से तराई न की जाए तो इसमें मजबूती नहीं आ सकती है।
साथ ही उन्होंने बताया कि बताया कि निर्माण में इस्तेमाल हो रहे रेत की भी जांच करने की जरूरत है क्योंकि इन दिनों स्थानीय रेत में काफी मिट्टी आ रही है। इससे भी निर्माण की मजबूती पर असर पड़ता है। तीसरी तकनीकी बिंदु यह भी है कि ऊंची इमारत तैयार करते समय कॉलम पर भी ध्यान देने की जरूरत होती है। वहीं निर्माण में कम सरिए या अंदर वैल्यू सरिए का प्रयोग भी किसी निर्माण को स्थिर रखने में एक निर्णायक पहलू होता है।
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