पंजाब

दहशत के 50 घंटे: इम्पीरियल गार्डन सोसाइटी में बचाव कार्य पूरा, किसी के हताहत न होने से प्रशासन को राहत, लोग अभी हैं सहमे

April 14, 2018 05:17 PM

जीरकपुर, जेएस कलेर
जीरकपुर के पीरमुछल्ला क्षेत्र की इम्पीरियल गार्डन सोसाइटी में गुरुवार को निर्माणधीन तीन मंजिल इमारत के मलबे को शनिवार दोपहर 12 बजे के करीब एन.डी.आर.ऑफ की टीम द्वारा मलबे में किसी भी व्यक्ति के न दबे होने की पुष्टि के बाद करीबन 50 घँटे बाद ऑपरेशन रोक दिया गया।

प्रोजेक्ट का भविष्य एसडीएम की जांच पर टिका

एफआईआर में इस प्रोजेक्ट के 11 नामजद हिस्सेदार ओ.पी.सिंगला, मनदीप सिंगला, अमित सिंगला, पवन गोयल, परवीन कुमार, सुनील अग्रवाल, पुष्पिंदर गोयल, सुरेश सिंगला विनोद कुमार, के साथ दो और लोगों के खिलाफ आईपीसी धारा 420, 336, 337, 288, 427, 120बी आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया था, अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं; इन्हें भी राहत मिली है, क्योंकि किसी के हताहत होने पर इनके खिलापफ आईपीसी एक धारा जुड जाती.

 
 
 
इस ऑपरेशन में भवानी सिंह के नेतृत्व में एन.डी.आर.ऑफ के करीबन 30 जवानों ने किसी इंसानी जीवन की तलाश में दिन रात एक कर दिया। इस दौरान 4 जे.सी.बी 2 बड़ी पोकलेन मशीनें व एक हाइड्रा मशीन के अलावा बड़ी संख्या में नगर कौंसिल जिरकपुर व स्थानीय पुलिस व सेहत विभाग के कर्मचारी व अधिकारी लगातार ड्यूटी पर तैनात रहे। शनिवार दोपहर तक की कार्रवाई में किसी के भी हताहत होने की पुष्टी नहीं हुई है।

मोहाली की डिप्टी कमिश्नर गुरप्रीत कौर सपरा ने घटनास्थल का जायजा लेकर एसडीएम परमजीत सिंह, डेराबस्सी को गिरी हुई इमारत के अलावा इसी जगह बनी अन्य कॉलोनियों की भी जांच के आदेश दिए थे। डिप्टी कमिश्नर ने कहा था कि दोषी पाए गए किसी भी आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वही इस दुर्घटना के दौरान दर्ज हुई एफआईआर में इस प्रोजेक्ट के 11 नामजद हिस्सेदार ओ.पी.सिंगला, मनदीप सिंगला, अमित सिंगला, पवन गोयल, परवीन कुमार, सुनील अग्रवाल, पुष्पिंदर गोयल, सुरेश सिंगला विनोद कुमार, के साथ दो और लोगों के खिलाफ आईपीसी धारा 420, 336, 337, 288, 427, 120बी आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया था, अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं; इन्हें भी राहत मिली है, क्योंकि किसी के हताहत होने पर इनके खिलापफ आईपीसी एक धारा जुड जाती.

इम्पीरियल गार्डन सोसाइटी में घटी दुर्घटना के बाद न केवल रीयल एस्टेट के दिग्गज बेचैन हैं बल्कि यहाँ रह रहे लोग और खरीदार भी परेशान है, यहाँ रह रहे लोगों में डर का माहौल है, वहीं अब इस कालोनी में चल रहे फ्लैटस के निर्माण का भविष्य एसडीएम डेराबस्सी परमजीत सिंह की रिपोर्ट पर निर्भर करता है क्योकि डीसी मोहाली ने उन्हें गिरी हुई इमारत के अलावा शहर में बनी अन्य 3 मंजिला इमारतों की भी जांच के आदेश दे दिए थे। वहीं खरीदारों का कहना है कि साफ सुथरी छवि वाले रीयल एस्टेट के बिल्डर तो अपना प्रोजेक्ट पूरा कर लेंगे, मगर जिन लोगों ने इस फील्ड में नई- नई उड़ान भरी है वे मुसीबत में फंस सकते हैं। अब इस सोसाइटी में खरीदारों और बेचने वाले बिल्डर्स के बीच प्रोपर्टी डिस्प्यूट्स भी बढ़ने की आशंका है।

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