ENGLISH HINDI Friday, June 22, 2018
Follow us on
राष्ट्रीय

बस! एक दिन का मातृत्व

May 13, 2018 05:57 PM

— रोशन

बस एक दिन
"मातृत्व दिवस" मनाने चले हैं
नौ माह रखा जिसने गर्भ में
बस! एक दिन में उसका
कर्ज चुकाने चले हैं।
365 दिन रही जो अंग— संग
364 भुला कर एक ही दिन में
उसकी ममता को भुनाने चले हैं
भेड़ों सी भीड़ में शामिल वे हैं
जिन्हें मां ने काबिल बनाया
हररोज सतरंगी पल है खोया
मां के प्रति लबा—लब भरा
प्यार वे आज दुनियां को
दिखाने चले हैं
पल—पल देती हैं जो दुआएं
उसी के आगे दुआओं के ढेर
सजाने चले हैं
ज्यूं मंदिर में ढेर- सा मांगने के बदले
मुट्ठीभर चढावा भगवान को चढा चले हैं
नयन तरसते रहे हर पल दीदार को
जुबां तरसती रही मीठी बातों को
अपने जायों के शीश को सहलाउं
क्या अब भी उसकी गोद में
कोई पल कभी बिताएं है
मां तो अज़र अमर है
चंद शब्दों में उसको
कब, कहां और कैसे तोल पाए हैं
नौ माह रखा जिसने गर्भ में
बस! एक दिन में उसका
कर्ज चुकाने चले हैं।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
और राष्ट्रीय ख़बरें
भारत और तजाकिस्तान जल विकास के आपसी सहयोग पर सहमत डीआरडीओ के एचईएमआरएल परिसर में आग, संविदाकर्मी की मौत राष्ट्रपति भवन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया शिक्षक राष्‍ट्रीय शिक्षक पुरस्‍कार के लिए सीधे आवेदन कर सकेंगे उपराष्ट्रपति मुंबई में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लेंगे राष्ट्रपति ने एथेंस में विदेश नीति थिंकटैंक को संबोधित किया साइबर अपराध की ऑनलाइन शिकायत दर्ज के पोर्टल को जल्द लांच करें: केंद्रीय गृह मंत्री आतंकवादियों विरूद्ध सुरक्षा बलों की आक्रामक कार्रवाइयां फि‍र से होंगी शुरू दिल्ली सरकार ने 2016 से नहीं बढाया ईंधन पर वैट पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ और राजस्थान में वांछित जोधपुर जेल में बंद लारेंस बिशनोई का साथी संपत नेहरा हैदराबाद से काबू