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राष्ट्रीय

पंजाब और चंडीगढ में बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल का रहा व्यापक असर

May 31, 2018 05:42 PM
चंडीगढ़, जीरकपुर(जेएस कलेर ):
दूसरे दिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के करीब 10 लाख कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर दिखा और बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। भारतीय बैंक संघ द्वारा वेतन में दो प्रतिशत वृद्धि की पेशकश के विरोध में कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर थे। 
  
हड़ताल के दौरान विभिन्न राज्यों से बैंकिंग कामकाज में दिक्कत रही और हड़ताल का असर पंजाब और चंडीगढ़ में भी दिखा। जीरकपुर में बैंक काम काम पूरी तरह ठप रहा और लोगों को लेन.देन में परेशानी हुई. कई एटीएम में कैश न होने से लोगों को निराशा का सामना करना पडा.सेक्टर 17 सी में विभिन्न बैंकों के कार्यालयों के आगे बारी-बारी एकत्रित होकर शांतिपूर्वक अपना विरोध जाहिर किया। इस हड़ताल में ही प्रदर्शन कर रहे एक बैंक की अधिकारी यूनियन अनंत दत्ता ने बताया कि  यह हड़ताल युनाइटेड  फोरम ऑफ बैंकिंग यूनियन (यूएफबीयू) द्वारा बुलाई गयी है और ये  बैंक कर्मियों की एकता का प्रतीक है। इस हड़ताल में अधिकारी और कर्मचारी यूनियन समान रूप से भाग ले रही हैं। 2 प्रतिशत की वेतन वृद्धि का प्रस्ताव, एक तरह से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मियों का अपमान है। हमारे पास हड़ताल पर जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। उन्होंने कहा कि सरकार की मुद्रा योजना, जनधन योजना और नोटबंदी जैसी सभी योजनाओं की सफलता सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सुनिश्चित करते हैं और बदले में उसके कर्मचारियों को सिर्फ दो प्रतिशत वेतन वृद्धि की पेशकश की जाती है। यह उन बैंक कर्मियों के साथ अन्याय  जो देश निर्माण में कठिन परिश्रम करते है।
इस मौके श्री वसुदेव सिंगला, कार्यकारी सचिव, बैंक ऑफ महाराष्ट्र ऑफिसर यूनियन, श्री अनंत दत्ता राज्य सचिव, बोमू, श्री परमीत सहारण, प्रदेश सचिव, एन ओ बी डब्ल्यू, श्री आशुतोष अंचल सचिव बोमू, श्री सौरभ सैनी, विनीत कुमार, श्रीमती कुलविंदर कौर, अनिता चौहान, श्री अमित कुमार, श्री मुनीश कुमार, अंकित शर्मा, अमित मिश्र, केनरा बैंक, सोमनाथ मिश्र आदि मौजूद थे।
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