ENGLISH HINDI Wednesday, September 19, 2018
Follow us on
ताज़ा ख़बरें
श्राद्ध पक्ष. 24 सितंबर से 8 अक्टूबर 2018 तक क्यों करें श्राद्ध ?प्रत्येक नागरिक की प्रतिबद्धता से बनेगा चण्डीगढ़ स्वच्छता में नम्बर वन: महापौर'आप' ने कांग्रेस, अकाली-भाजपा पर पंचायती राज संस्थाओं को बर्बाद करने का लगाया आरोपअकालियों व कांग्रेसियों की तकरार में दो को गंभीर चोटेंअकाली वर्कर के साथियों द्वारा अस्पताल के सुरक्षाकर्मी से हाथापायी करने पर हंगामाश्री राधा अष्टमी का महोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनायाएनीमिया मुक्त भारत और घर में बच्चे की देखभाल पर राष्ट्रीय प्रसार कार्यशाला का उद्घाटनदेवप्रीत सिंह ने पीआईबी उत्तरी क्षेत्र के अपर महानिदेशक का पदभार संभाला
कविताएँ

पापा को कभी थकते नहीं देखा

June 17, 2018 02:42 PM

-शिखा शर्मा

ज़िन्दगी में एक करिश्मा देखा
जमीं पर ज़िम्मेदारियों का फरिश्ता देखा
डालो उस पर जितना बोझ
कभी मुंह मोड़ते नहीं देखा

जेब होती कभी उसकी खाली तो भी
खाली कभी थाली नहीं होती
भूखे पेट न कभी सोने देता
चैन की नींद कभी सोते नहीं देखा

ख्वाइशों को पूरा करते देखा
फौलादी कन्धों को झुकते देखा
जख्म हों लाख फिर भी 
दर्द से कभी कराहते नहीं देखा

परेशानियों का सैलाब सा बहता
मजबूरियों में मौन रहते देखा
दिल में लाख उछलता हो समंदर
आंखों में कभी आंसू छलकते नहीं देखा

है प्यार दिल में बेशुमार
मां की तरह दुलार करते नहीं देखा
देखा सौ बार चिल्लाते हुए
हज़ार बार गुस्सा पीते हुए देखा

हर सुबह भागते हुए देखा
हर शाम भीगते हुए देखा
मैनें हर सांझ सूरज को ढलते देखा
पापा को कभी थकते नहीं देखा

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें