ENGLISH HINDI Saturday, December 15, 2018
Follow us on
हिमाचल प्रदेश

लोरेएट गलोबल स्कूल में बाल दिवस की धूम

November 15, 2018 11:58 AM

ज्वालामुखी, (मोनिका शर्मा) ।

कार्यक्रम में सबसे पहले स्कूल प्रधानाचार्य प्रतिमा आशावत ने चाचा नेहरू की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस दौरान बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम किए गए। अपनी प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया व बाद में स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। जिसमें बच्चों ने स्कूल परिसर को संवारा।

ज्वालामुखी के लोरेएट गलोबल स्कूल में  प्रथम प्रधानमंत्री पंडित ज्वाहर लाल नेहरू का जन्म दिवस बाल दिवस के रूप में बड़ी धूमधाम से मनाया गया।  स्कूल परिसर में स्कूली छात्रों ने सांस्कृतिक कायक्रमों के साथ खूब धमाल मचाई। 

कार्यक्रम में सबसे पहले स्कूल प्रधानाचार्य प्रतिमा आशावत ने चाचा नेहरू की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस दौरान बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम किए गए। अपनी प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया व बाद में स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। जिसमें बच्चों ने स्कूल परिसर को संवारा।

स्कूल  प्रधानाचार्य  श्रीमति अशावत ने बाल दिवस के महत्व के बारे में बताते हुये प्रथम जवाहरलाल नेहरू के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर को हुआ था। उन्हें बच्चों से बहुत प्यार था। यही वजह है कि बच्चे आज भी उन्हें चाचा नेहरू कहकर बुलाते हैं। नेहरू कहते थे कि बच्चे देश का भविष्य है इसलिए ये जरूरी है कि उन्हें प्यार दिया जाए और उनकी देखभाल की जाए जिससे वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें।  

उन्होंने कहा कि भारत में हर साल 14 नवंबर को बड़े ही उत्साह के साथ बाल दिवस मनाया जाता है। बच्चों के प्रति जवाहर लाल नेहरू के प्यार और लगाव को देखते हुए उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। 27 मई 1964 को पंडित जवाहर लाल नेहरु के निधन के बाद बच्चों के प्रति उनके प्यार को देखते हुए सर्वसम्मति से यह फैसला हुआ कि अब से हर साल 14 नवंबर को चाचा नेहरू के जन्मदिवस पर बाल दिवस मनाया जाएगा और बाल दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

बाल दिवस साल 1925 से मनाया जाने लगा था, लेकिन यूएन ने 20 नवंबर 1954 को बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी। विभिन्न देशों में अलग-अलग तारीखों पर बाल दिवस मनाया जाता है। भारत में बाल दिवस 1964 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद से मनाया जाने लगा। सर्वसहमति से ये फैसला लिया गया कि नेहरू के जन्मदिन पर बाल दिवस मनाया जाएगा।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
और हिमाचल प्रदेश ख़बरें
जोगिन्द्रनगर में एचआरटीसी डिपो और आईपीएच मण्डल की घोषणा वार्षिक खेल प्रतियोगिता का आयोजन नशा मुक्ति पर शपथ समारोह का आयोजन मंदिर नहीं तो वोट भी नहीं: हिन्दू परिषद व बजरंग दल सुलाह विधानसभा क्षेत्र में अवयवस्था तथा अराजकता का महौल अयोध्या में राम मंदिर का फैसला अदालत को जनभावनाओं के अनुरूप ही करना होगा: इंद्रेश कुमार आयुर्वेद का अखिल भारतीय संस्थान बनाने के होंगे प्रयास: परमार अनुराग ठाकुर का सांसद के तौर पर कार्यकाल बेहद निराशाजनक रहा: नरदेव कंवर राजकीय डिग्री कालेज में विशव एड्स दिवस , रैली आयोजित कर एड्स के प्रति जागरूकता का संदेश दिया हार के सदमें से उभर नहीं पा रही ज्वालामुखी कांग्रेस