ENGLISH HINDI Saturday, December 15, 2018
Follow us on
राष्ट्रीय

रखरखाव में लापरवाही से गाड़ी की वारंटी नहीं हो सकती समाप्त: उपभोक्ता आयोग

November 24, 2018 10:59 AM

चंडीगढ, संजय मिश्रा:
गाड़ियों के रखरखाव में कमी या उसके सर्विस में हुई देरी से गाड़ी की वारंटी समाप्त नहीं हो सकती, राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के पीठासीन अध्यक्ष प्रेम नारायण ने उपरोक्त फैसला देते हुए टाटा मोटर्स एवं उनके अधिकृत डीलर शिवम मोटर्स को रुपया 41568 एवं ब्याज के साथ साथ रुपया 5000 मुकदमा खर्च के रूप मे शिकायतकर्ता को देने के आदेश जारी किए।
राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने पुनरीक्षण याचिका संख्या 2055 ऑफ 2015 को निस्तारित करते हुए याची डीलर एवं टाटा मोटर्स के दावे को सिरे नकारते हुए उसकी पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया जिसमें गाड़ियों के निर्माता टाटा मोटर्स ने कहा था कि शिकायतकर्ता ने गाड़ियों की सर्विस नीयत समय पर नहीं कराई जिस वजह से गाड़ी के इंजन के ऊपर धूल वगैरह जम गई थी, शिकायतकर्ता के गाड़ियों के रखरखाव के प्रति ढुलमुल रवैये के कारण गाड़ी जल्दी खराब हुई, जिस कारण गाड़ी का मरम्मत वारंटी के तहत नहीं किया जा सकता। डीलर ने कहा था कि जब निर्माता कंपनी के इजाजत के बिना वो वारंटी के तहत गाड़ी का मरम्मत नहीं कर सकता।
प्रतापपुर छत्तीसगढ़ निवासी नीरज कुमार ने टाटा मोटर्स के डीलर शिवम मोटर्स से एक टाटा 709 ट्रक खरीदा। ट्रक के परिचालन के दौरान फ्री सर्विस कराने में कुछ देरी होने पर एवं ट्रक के खराब होने पर ट्रक को डीलर के पास मरम्मत के लिए ले जाया गया, लेकिन वारंटी में होने के बावजूद भी डीलर ने ट्रक के मरम्मत से इंकार कर दिया, बताया गया कि ट्रक के रखरखाव में अनावश्यक देरी के कारण ट्रक जल्दी खराब हुआ है जिसकी मरम्मत के लिए निर्माता कंपनी से वारंटी देने से इंकार कर दिया है। मामला जिला उपभोक्ता मंच सरगुजा में पहुंचा जहां निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने कहा की गाड़ी की खराबी कोई मेनूफ़ेक्चरिंग डिफ़ेक्ट की वजह से नहीं आई है बल्कि शिकायतकर्ता द्वारा गाड़ी के रखरखाव में लापरवाही के चलते आई है जिसके लिए डीलर या निर्माता किसी भी रूप मे ज़िम्मेवार नहीं है। फोरम ने प्रतिवादी के तर्क को स्वीकार कर शिकायत को खारिज कर दी।
मामला छत्तीसगढ़ उपभोक्ता आयोग मे पहुंचा जहाँ अपील को स्वीकारते हुए राज्य उपभोक्ता आयोग ने टाटा मोटर्स को तो बरी कर दिया लेकिन डीलर को गाड़ी ठीक नहीं करने के कारण 41568 का जुर्माना किया।
राज्य उपभोक्ता आयोग के आदेश के खिलाफ डीलर ने राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया जिसमें कहा गया कि डीलर का निर्माता के साथ हुए करार के मुताबिक निर्माता कंपनी के वारंटी के तहत मरम्मत की इजाजत के बिना डीलर अपनी मर्जी से किसी भी गाड़ी का मरम्मत नहीं कर सकता, क्योंकि वारंटी के तहत किए गए मरम्मत के खर्चे की भरपाई डीलर को कंपनी से ही होती है। इस तरह स्टेट कमीशन द्वारा कंपनी को बरी करते हुए डीलर को जुर्माना करना गलत है।
राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि मात्र सर्विस में देरी गाड़ी के वारंटी को समाप्त करने का कारण नहीं बन सकता। गाड़ी की वारंटी जितने समय के लिए भी बिक्री के समय दी गई है कंपनी अपने उस वादे से मुकर नहीं सकती। इसलिए दिये गए वारंटी को पूरा करने के लिए डीलर और कंपनी दोनों संयुक्त रूप से ज़िम्मेवार है।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
और राष्ट्रीय ख़बरें
गहरे विक्षोभ के कारण अगले 12 घंटों में चक्रवाती तूफान की आशंका राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण संवर्धन परिषद का गठन सुनयना द्वारा फिर से हथियार और गोला-बारूद बरामद व्यास ने ली संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ व्यास ने ली संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ स्टार्ट-अप्स को जल्दी ही लाया जाएगा जीईएम प्लेटफॉर्म पर दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर विक्षोभ, चक्रवात-पूर्व चेतावनी जारी इंसाफ की बजाए जख्मों पर नमक छिडक़ रही है कांग्रेस: चीमा कांग्रेस द्वारा एच.ए.एल. कर्मियों के हक़ में संसद के बाहर यैलो वेस्ट प्रदर्शन मुख्यमंत्री पद अब लगाने लगा राजस्थान के अमन को आग