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चंडीगढ़

ओजस हॉस्पिटल में रोबोट-असिस्टेड नी रिप्लेसमेंट सर्जरी शुरू

January 12, 2019 01:20 PM

चंडीगढ़,सुनीता शास्त्री।

ट्राइसिटी में पहली बार,ओजस हॉस्पिटल पंचकूला में रोबोट-असिस्टेड नी रिप्लेसमेंट सर्जरी शुरू की गई है। ये शुरुआत अमनदीप हॉस्पिटल, अमृतसर के साथ एक जॉइन्ट विन्चर में शुरू की गई है, जिसने देश के इस हिस्से में पहली बार पिछले साल अप्रैल में रोबोट-असिस्टेड नी सर्जरी की शुरुआत की थी।

डॉ.अवतार सिंह, चीफ ऑर्थोपेडिक सर्जन, अमनदीप हॉस्पिटल, ओजस हॉस्पिटल में सर्जरी के लिए डॉ. सुरेश सिंगला, डायरेक्टर, ऑर्थोपेडिक्स एंड ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी को असिस्ट करेंगे। डॉ.हरीश गुप्ता, सीईओ, ओजस हॉस्पिटल ने कहा कि ज्वाइंट रिप्लेसमेंट में ये नई रोबोटिक इंटरवेंशन हैं, जो कि पहली बार ट्राईसिटी उसके आसपास के क्षेत्र के निवासियों के लिए उपलब्ध होगी।

उन्होंने कहा कि सर्जरी के पारंपरिक तरीके के दिन अब बीत गए हैं जिनमें कट्स, सूजन, जरूरत से अधिक खून बहना आदि शामिल था। अब लोग ओजस में रोबोट की सहायता से होने वाली सर्जरी का लाभ उठा सकते हैं, जो अधिक सटीक और विश्वसनीय परिणामों के साथ घुटने की समस्या को पूरी तरह से हल कर देती है।

डॉ.सुरेश सिंगला ने कहा कि‘रोबोट-असिस्टेड सर्जरी एक सर्जन को जटिल प्रोसीजर के दौरान भी बेहतर सटीकता, कुशलता और नियंत्रण के साथ काम करने में सक्षम बनाती है और हड्डियों को हटाने की प्रक्रिया को कम करती है, प्राकृतिक शारीरिक रचना को बनाए रखती है और सर्जरी के बाद मरीज को बेहतर परिणाम प्रदान करती है।उन्होंने कहा कि घुटने की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी एक नई राहत और वरदान है। इसने कई नई इनोवेशन की है और आर्थोपेडिक्स क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाया है। सर्जन प्रभावी रूप से सर्जरी कर सकता है और किसी भी प्रकार की गलती की संभावना बेहद कम रह जाती है। इसने अन्य सभी प्रक्रियाओं को काफी पीछे छोड़ दिया है और ये लगातार बेहतर हो रही है। डॉ.अवतार सिंह ने रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी के फायदों के बारे में बात करते हुए कहा कि इसमें मरीज का कम से कम खून निकलता है और मरीज काफी तेजी से सामान्य जीवन में वापसी करता है।

हड्डियों को कोई नुकसान नहीं है क्योंकि यह केवल उन हड्डियों को लक्षित करता है जिन्हें उपचार की आवश्यकता होती है और इसकी विश्वसनीयता दर बहुत अधिक होती है। मेडिकल तौर पर ये प्रमाणित हो चुका है कि एक्सपोजर कंट्रोल के साथ इस सर्जरी के कोई हानिकारक प्रभाव नहीं हैं।डॉ.सिंह ने बताया कि यह वास्तव में सर्जन की विशेषज्ञता और रोबोट की सटीकता का मिश्रण है। यह सर्जरी पूरी तरह से तो सर्जन पर निर्भर है और ना ही पूरी तरह से रोबोटिकली असिस्टेड हैंड-पीस पर निर्भर है। यह सर्जन की विशेषज्ञता और रोबोट की सटीकता के मिश्रण का लाभ प्रदान करता है जो इसे रोगियों के लिए अधिक प्रभावी और लाभदायक बनाता है। उन्होंने कहा कि वास्तव में यह सर्जरी सर्जन नियंत्रित है लेकिन फिर भी सर्जन निर्भर नहीं है। इसलिए यह अधिक सुरक्षित और सक्षम है।

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