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राष्ट्रीय

पत्रकार छत्रपति हत्याकांड: राम रहीम सहित चारों आरोपियों को उम्रकैद की सजा

January 17, 2019 05:33 PM

पंचकूला,जीरकपुर,  जेएस कलेर

बहुचर्चित पत्रकार राम चन्द्र छत्रपति हत्याकांड में आखिर कलम की जीत हुई और सीबीआई कोर्ट के विशेष जज श्री जगदीप सिंह ने डेरा प्रमुख राम रहीम सहित चारों आरोपियों को उम्रकैद की सजा वीरवार को शाम को सुनाई.गौरतलब है कि साल 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की सिरसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। छत्रपति अपने समाचार पत्र में डेरा से जुड़ी खबरों को प्रकाशित करते थे।


बहुचर्चित पत्रकार राम चन्द्र छत्रपति हत्याकांड में आखिर कलम की जीत हुई और सीबीआई कोर्ट के विशेष जज श्री जगदीप सिंह ने डेरा प्रमुख राम रहीम सहित चारों आरोपियों को उम्रकैद की सजा वीरवार को शाम को सुनाई.

गौरतलब है कि साल 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की सिरसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। छत्रपति अपने समाचार पत्र में डेरा से जुड़ी खबरों को प्रकाशित करते थे।

  सिरसा डेरे के गुरमीत राम रहीम को एक और गुनाह की सज़ा मिल गई। कभी खुद को खुदा मानने वाला वो ढोंगी आज सलाखों के पीछे है और अपने एक गुनाह की सुनारिया जेल रोहतक में सज़ा काट रहा है। पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने आज उसे दूसरे गुनाह की सज़ा सुना दी गई। रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम सहित चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है हालाकि सीबीआई ने राम रहीम को फांसी की सजा देने की मांग की थी। आज सभी दोषियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी करवाई गई।
बता दें कि 11 जनवरी को पंचकूला स्थित हरियाणा की विशेष सीबीआई कोर्ट ने सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम, कृष्ण लाल, निर्मल सिंह और कुलदीप सिंह को दोषी करार दिया गया था। चारों आरोपियों गुरमीत राम रहीम, कृष्ण लाल, निर्मल सिंह और कुलदीप सिंह को IPC की धारा 302 और IPC की धारा 120बी के तहत दोषी करार दिया गया था, जबकि आरोपी कृष्ण लाल को 1959 आर्म्स एक्ट के सेक्शन 29 के तहत भी दोषी करार दिया गया था। साथ ही आरोपी निर्मल सिंह को 1959 आर्म्स एक्ट के सेक्शन 25 के तहत भी दोषी करार दिया गया था.साध्वी यौन शोषण मामले में जो लेटर लिखे गए थे, उन्हीं के आधार पर रामचंद्र ने अपने अखबार में खबरें प्रकाशित की थीं। छत्रपति पर पहले दबाव बनाया गया जब वे धमकियों के आगे नहीं झुके तो 24 अक्टूबर 2002 को उन पर हमला कर दिया गया। 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। 24 अक्टूबर 2002 को बाइक पर आए कुलदीप ने गोली मारकर रामचंद्र की हत्या कर दी थी, उसके साथ निर्मल भी था। जिस रिवॉल्वर से रामचंद्र पर गोलियां चलाई गईं, उसका लाइसेंस डेरा सच्चा सौदा के मैनेजर किशन लाल के नाम पर था।
हिंसा भड़कने का डर
मंगलवार को हरियाणा सरकार ने सीबीआई कोर्ट में याचिका दायर कर सजा की सुनवाई के दौरान राम रहीम की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कराने की मांग की थी। सरकार ने दलील दी थी कि 25 अगस्त 2017 को जब डेरा प्रमुख को साध्वी यौन शोषण मामले में पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में लाया गया था तो डेरे के समर्थकों ने दंगा कर दिया था। कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सजा सुनाने की मांग मंजूर कर ली। इसके बाद सुनारिया जेल में अस्थाई कोर्ट बनाने का आदेश दिया गया।
जीरकपुर सहित हरियाणा के 3 जिलों सुरक्षा कड़ी की गई
फैसले के मद्देनजर जीरकपुर, पंचकूला, रोहतक और सिरसा में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रोहतक में सुनारिया जेल, पंचकूला में सीबीआई कोर्ट और सिरसा में डेरे की सुरक्षा के साथ पंचकूला के साथ लगते जीरकपुर में भी पंजाब पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। रोहतक में इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) की टीम पेट्रोलिंग करेगी। जेल के चारों ओर 10 नाके लगाए हैं। ड्रोन की मदद से भी नजर रखी जाएगी। सिरसा में सीआरपीएफ की दो कंपनियां तैनात की गई हैं। 38 पुलिस नाके लगाए हैं। पंचकूला में रिजर्व आर्म्ड फोर्स तैनात की है। हाई अलर्ट जारी कर धारा 144 लागू की गई है। जिले में 14 नाके लगाए हैं।

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