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हिमाचल प्रदेश

शिक्षा ग्रहण करने की न कोई सीमा है न ही कोई शिक्षा से परिपूर्ण

January 20, 2019 07:46 PM

सरस्वती बाल भारती स्कूल ज्वालामुखी  का वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह

प्रबंधक सुकन्या शर्मा ने कहा कि शिक्षा का मानव जीवन में बहुत ही महत्व है। शिक्षित व्यक्ति से ही अच्छे समाज की परिकल्पना साकार होती है।  उन्होंने कहा कि सरस्वती बाल भारती स्कूल गुणात्मक और सुसंस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिये कृत संकल्प है।   स्कूल की प्रधानाचार्य रजिया ने स्कूल की वार्षिक रिपो्रट पढ़ी।  कार्यक्रम में  स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। मुख्यातिथि ने स्कूल में उत्तम प्रदर्शन करने वाले स्कूली बच्चो  को पारितोषिक वितरित किये । 

ज्वालामुखी , 20 जनवरी  (विजयेन्दर शर्मा)

ज्वालामुखी  के सरस्वती बाल भारती स्कूल का वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह धूमधाम से मनाया गया। समारोह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही।इस अवसर पर कांगड़ा के ए एस पी दिनेश कुमार बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे।

  
  
इस अवसर पर बच्चों और अविभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों को हमेशा ही आगे बढऩे के लिये कड़ी मेहनत करनी चाहिये।  ताकि उन्हें बेहतर मुकाम हासिल हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा का क्षेत्र सीमित न होकर विस्तृत है । व्यक्ति जीवन से लेकर मृत्यु तक शिक्षा का पाठ पढ़ता है। व प्राचीन काल में छात्र शिक्षा गुरूकुलों में प्राप्त कर घर वापिस आते थे, लेकिन वर्तमान में जगह-जगह सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में शिक्षा उनके घर द्वार पर उपलब्ध करवाई जा रही है। 

उन्होंने कहा कि शिक्षा ग्रहण करने की न कोई सीमा है न ही कोई शिक्षा से परिपूर्ण है, शिक्षा ग्रहण करने का अथाह क्षेत्र है, इसलिये मनुष्य जीवन से लेकर मृत्यु तक शिक्षा का पाठ पढ़ता है।   उन्होंने कहा कि प्रतिस्पद्र्धा के युग में कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है। उन्होंने शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों का आह्वान किया कि वे बच्चों को गुणात्मक, व्यवसायीक तथा सुसंस्कारयुक्त शिक्षा देने का प्राथकिता के आधार पर अपना दायित्व निभाएं। 

उन्होंने कहा कि आज का  दिन छात्रों और अविभावकों के लिये विशेष महत्व रखता है क्योकि आज के दिन बच्चों की पूरे साल की पढ़ाई के साथ साथ बाकी गतिविधियों में किये गए परिश्रम का लेखा जोखा सब के सामने प्रस्तुत किया जाता है। इस से बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ती है। छात्रों से कहा कि  जीवन में सफलता के लिये अनुशासन बहुत जरूरी है और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है इस लिये अनुशासन में रहते हुये दृढ़ संकल्प के साथ कड़ी मेहनत करें।उन्होने विद्यार्थियों से कहा कि विद्या सुख से नहीं मिलती है। आत्मिक शक्ति और दृढ़ निश्चय जीवन की सफलता के लिये जरूरी है।

इस अवसर पर  प्रबंधक सुकन्या शर्मा ने कहा कि शिक्षा का मानव जीवन में बहुत ही महत्व है। शिक्षित व्यक्ति से ही अच्छे समाज की परिकल्पना साकार होती है।  उन्होंने कहा कि सरस्वती बाल भारती स्कूल गुणात्मक और सुसंस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिये कृत संकल्प है।   स्कूल की प्रधानाचार्य रजिया ने स्कूल की वार्षिक रिपो्रट पढ़ी।  कार्यक्रम में  स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। मुख्यातिथि ने स्कूल में उत्तम प्रदर्शन करने वाले स्कूली बच्चो  को पारितोषिक वितरित किये । बाद में कांगड़ी धाम  का लोगों ने आनंद लिया। 

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