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राष्ट्रीय

पुलवामा आतंकी हमला: भारत सरकार ने सेना को दी खुली छूट

February 15, 2019 05:13 PM

नई दिल्ली/चंडीगढ, संजय मिश्रा:

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में 40 से ज्यादा जवानों की शहादत के बाद केन्द्रीय मंत्रिमंडल के सुरक्षा समिति (सीसीएस) की आज शुक्रवार सुबह अहम बैठक हुई, जिसमें पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा वापस लेने का फैसला लिया गया एवं किसी भी तरह के जवाबी कार्रवाई के लिए सुरक्षा बलों को पूरी छूट दे दी गई है।
केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि जो भी इस हमले में शामिल हैं, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और जवानों के खून के एक एक बूंद का हिसाब लिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पड़ोसी देश और आतंकी बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं अब गुनहगारों को सजा जरूर मिलेगी। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि उन्‍होंने सैनिकों को जवाबी कार्रवाई की खुली छूट दे दी है। उन्होंने कहा कि आतंकियों को अपनी इस गलती की बड़ी कीमत चुकानी होगी। 'लोगों का खून खौल रहा है। हम पड़ोसी देश के मंसूबों को कभी भी पूरा नहीं होने देंगे। 

मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा भी पाकिस्तान से वापस लिया

सीआरपीएफ की 78 गाड़ियों के काफिले पर आतंकियों ने फिदायीन हमला कर दिया था। इस काफिले में 2547 जवान शामिल थे। जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली है।


केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह आज श्रीनगर जा रहे हैं। उनके लौटने के बाद ऑल पार्टी मीटिंग होगी जिसमें पाकिस्तान से संबन्धित अन्य कई मामलों पर चर्चा की जाएगी। 1986 में भारत ने यूएन में एक प्रस्ताव भेजा था जो पारित नहीं हुआ, क्योंकि उसमें आतंकवाद की परिभाषा साफ नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस प्रस्ताव पारित कराने की कोशिश शुरू की जाएगी।

मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा भी पाकिस्तान से छीना:
विश्‍व व्‍यापार संगठन और इंटरनेशनल ट्रेड नियमों के आधार पर व्यापार में मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया जाता है। जिस देश को यह दर्जा मिलता है, उसे आश्वासन रहता है कि उसे कारोबार में नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। भारत ने 1996 में पाकिस्‍तान को मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया था। 2016 में सिंधु जल समझौता खत्म करने के समय और उड़ी हमले के बाद भी भारत ने पाक से एमएफएन का दर्जा वापस लेने के संकेत दिए थे। हालांकि बाद में केंद्र सरकार ने इसे जारी रखा था लेकिन पाक ने कभी भी भारत को एमएफएन का दर्जा नहीं दिया।
यह दर्जा प्राप्त देश से कारोबार सबसे कम आयात शुल्क पर होता है। भारत-पाकिस्तान के बीच सीमेंट, चीनी, ऑर्गेनिक केमिकल, रुई, सब्जियों और कुछ चुनिंदा फलों के अलावा मिनरल ऑयल, ड्राई फ्रूट्स, स्टील जैसी कमोडिटीज का कारोबार होता है।
एमएफएन का दर्जा छीनने के बाद भारत पाकिस्तानी आयात पर किसी भी सीमा तक शुल्क बढ़ा सकता है। विश्व व्यापार संगठन के अनुच्छेद 21 बी के तहत कोई भी देश किसी देश को दिया एमएफएन का दर्जा तब वापस ले सकता है, जब उन दोनों के बीच सुरक्षा संबंधी मुद्दे पर विवाद हो। हालांकि नियम के मुताबिक, किसी भी देश से एमएफएन का दर्जा वापस लेने के लिए सारी शर्तें पूरी करनी होती हैं।
दूसरी ओर, कांग्रेस सहित देश की सभी विपक्षी पार्टियों ने भी इस हमले की पुरजोर निंदा की है कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने हमले के बाद प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि 'जवानों की शहादत चिंता का विषय है, सरकार कार्यवाही करे।' प्रियंका ने कहा- 'शहीद परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं और आज पूरा देश उनके साथ खड़ा है।'

मोदी की रैलियां रद्द:
इस बीच मध्यप्रदेश के इटारसी में आज और धार में कल होने वाली मोदी की रैलियां रद्द कर दी गई हैं। भाजपा ने भी शुक्रवार को पार्टी के सभी राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए। उधर, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की 12 सदस्यीय टीम शुक्रवार को हमले वाली जगह पर फोरेंसिक साक्ष्य जुटाएगी। इसमें एक आईजी रैंक के अफसर को भी शामिल किया गया है।

सबसे बड़ा फिदायीन हमला:
जम्मू से श्रीनगर जा रही सीआरपीएफ की 78 गाड़ियों के काफिले पर आतंकियों ने फिदायीन हमला कर दिया था। इस काफिले में 2547 जवान शामिल थे। जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली है। विस्फोटकों से भरी गाड़ी के जरिए अब तक का सबसे बड़ा हमला है। इससे पहले अक्टूबर 2001 में कश्मीर विधानसभा पर भी इसी तरह हमला हुआ था। इसमें 38 मौतें हुई थीं।

कैसे हुआ पुलवामा हमला?
जैश के आतंकी आदिल अहमद उर्फ वकास कमांडो ने दोपहर 3:15 बजे यह फिदायीन हमला किया। उसने एक गाड़ी में विस्फोटक भर रखे थे। जैसे ही सीआरपीएफ का काफिला लेथपोरा से गुजरा, आतंकी ने रॉन्ग साइड से आकर अपनी गाड़ी जवानों से भरी बस से टकरा दी। जिस बस को हमले के लिए निशाना बनाया गया, वह 76वीं बटालियन की थी। बताया जा रहा है कि आदिल ने एक गाड़ी में 100 किलोग्राम विस्फोटक भर रखा था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि आतंकी के पास 350 किलो विस्फोटक था। पुलवामा के काकापोरा का रहने वाला आदिल 2018 में जैश में शामिल हुआ था।

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