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चंडीगढ़

चंडीगढ़ को दिव्यांग मित्र शहर बनाने के लिए एनएसएस वालंटियर्स स्टडी करेंगे

February 21, 2019 08:07 PM

चंडीगढ़,सुनीता शास्त्री                                                                                                     एनएसएस वालंटियर्स के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो शहर को दिव्यांगों के लिए अनुकूल बनाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर शहर का ऑडिट करेंगे। यह कार्यक्रम उन विभिन्न स्थानों के बारे में बताने के लिए आयोजित किया गया जिनका सर्वेक्षण करने की आवश्यकता है और यह भी पता लगाना है कि शहर के विभिन्न दिव्यांग-अनुकूल स्थान वास्तव में अवरोध-मुक्त हैं या नहीं।शहर के 25 कॉलेजों के करीब 700 एनएसएस वालंटियर्स अपने प्रोग्राम ऑफिसर्स के साथ इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं।

  ओरिएंटेशन में, एनएसएस वालंटियर्स को दुनिया के पांच शहरों के बारे में बताया गया जो दिव्यांगों के लिए सुलभता के मामले में सबसे अच्छे शहर हैं। इन शहरों में बर्लिन, बार्सिलोना, लजुब्लाजना, सिडनी और सैन डियागो शामिल हैं। प्रोफेसर बी.एस.चवन, डायरेक्टर प्रिंसिपल, जीएमसीएच-32 और डायरेक्टर-जीआरआईआईडी ने ओरिएंटेशन प्रोग्राम के दौरान बताया कि इन पांच शहरों ने दिव्यांगों को कहीं भी आने जाने में आसानी प्रदान करने के लिए किस प्रकार से कैसे कैसे कदम उठाए हैं। उन्होंने उन मापदंडों को भी साझा किया जिन पर उनका मूल्यांकन किया गया है। इसके अलावा,चंडीगढ़ में भारत का पहला दिव्यांग मित्र (फ्रैंडली) शहर बनने की क्षमता है।                                 

प्रो.चवन ने बताया कि चार चरणों में किस तरह से ऑडिट किया जा रहा है, पहला चरण 14 फरवरी को आयोजित किया, जिसमें स्थानों की पहचान की गई थी। दूसरा चरण में आज वालंटियर्स का ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया, जबकि ऑडिट 22 से 26 फरवरी तक किया जाएगा और रिपोर्ट 28 फरवरी तक प्रस्तुत की जाएगी।प्रो.चवन ने बताया कि चंडीगढ़ दुनिया का पहला शहर बनने जा रहा है जो अन्य सभी प्रकार के दिव्यांगों पर भी ऑडिट कर रहा है, जिसमें सुनने और देखने की क्षमताओं आदि से प्रभावित दिव्यांग भी शामिल हैं।                                                                            उन्होंने कहा कि शहर के आम लोगों की सक्रिय भागीदारी के बिना, यह ऑडिट प्रभावी नहीं होगा। उन्होंने शहर के लोगों से आग्रह किया कि वे इस पर अपने विचार साझा करें ताकि आसान पहुंच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने साझा किया कि सुश्री नाज़ली कोऑर्डिनेटर हैं और डॉ. वसीम अहमद, प्रशिक्षण और ऑडिट के सुपरवाइजर हैं, जिनसे संपर्क किया जा सकता है ताकि अगर कोई क्षेत्र बिना ऑडिट के बचा हो तो वहां का ऑडिट भी हो सके।

डॉ.वसीम अहमद, असिस्टेंट प्रोफेसर, जीआरआईआईडी, ने ऑडिट के कार्यान्वयन पर बात की। उन्होंने इन्फ्रास्ट्रक्चर के विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट करते हुए संक्षिप्त प्रेजेंटेशन दी, जहां ऑडिट किया जाएगा।वालंटियर्स शहर में चारों तरफ जाएंगे और मौजूदा दिव्यांग-अनुकूल पहलों की भी जांच करेंगे कि वे बाधा रहित हैं या नहीं। वे स्वयं व्हीलचेयर का उपयोग करेंगे और एक दिव्यांग के तौर पर अलग अलग जगहों पर पहुंचने का निजी अनुभव प्राप्त करेंगे।

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