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राष्ट्रीय

चुनाव आचार संहिता के नियमों को तोड़ने पर नेता पड़ सकते हैं मुसीबत में

March 10, 2019 09:31 PM
जेएस कलेर
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के  2019 के 17वीं लोकसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित करते ही देश में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है।
पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को होगा. सात चरणों में होने वाला चुनाव 19 मई को खत्‍म हो जाएगा। चुनावों की मतगणना 23 मई को होगी। इस बार लोकसभा चुनावों के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष तैयारी की है। आचार संहिता लागू होते ही शासन और प्रशासन में कई अहम बदलाव हो जाते हैं। राज्यों और केंद्र सरकार के कर्मचारी चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव आयोग के कर्मचारी की तरह काम करते हैं। आचार संहिता लागू होने के बाद सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी ऐसे आयोजन में नहीं किया जा सकता जिससे किसी विशेष दल को फ़ायदा पहुंचता हों। जबकि अब तक तमाम सियासी दल के नेता अपना चुनाव प्रचार भी कर रहे थे लेकिन चुनाव आयोग और प्रशाशन के तमाम प्रयास के बाद भी अक्सर राजनैतिक संगठन के नेता और उनके समर्थक जाने अनजाने आचार संहिता का उलंघन कर देते हैं जिसके बाद उन्हें कार्यवाही का शिकार होना पड़ता है।
आचार संहिता लागू के बाद कुछ नियमों के बारे में नेता भी बेखर होते हैं और आम जनता भी अनजान है और जिनका पालन हर नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है | चुनाव आचार संहिता लागू होते ही सम्पूर्ण सीमा के अन्तर्गत पड़ने वाले क्षेत्र में सुरक्षा/शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 प्रभावी की जाती है, जिसमें आंशिक संशोधन करते हुए आगामी लोकसभा की घोषणा के दृष्टिगत सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु निम्न प्रतिबन्धों को जोड़ा जाता है, जो पूर्व जारी आदेश में उल्लिखित प्रतिबन्धों का अंग माना जायेगा। 
धार्मिक स्थलों पर नही होगा कोई धार्मिक राजनैतिक आयोजन  
किसी भी व्यक्ति/प्रत्याशी/राजनैतिक दल द्वारा मत प्राप्त करने के लिए जातिगत या साम्प्रदायिक भावनाओं की अपील नही की जायेगी। मस्जिदों गिरजाघरों, मन्दिरों, गुरुद्वारों या अन्य पूजा स्थलों का प्रयोग निर्वाचन अभियान के मंच के रूप में नही किया जायेगा। किसी भी व्यक्ति/प्रत्याशी/राजनैतिक दल द्वारा शान्तिपूर्ण और विघ्नरहित घरेलू जीवन-यापन के लिए प्रत्येक व्यक्ति के अधिकार का समादर किया जायेगा तथापि चाहें राजनैतिक दल या उम्मीदवार उसके राजनैतिक विचारो या क्रियाकलापों के कितने ही विरूद्ध क्यों न हो। व्यक्तियों के विचारों या क्रिया कलापों के विरूद्ध आक्रोश प्रकट करके उनके घरों के समक्ष धरना या प्रदर्शन का आश्रय किसी भी परिस्थिति में नही लिया जायेगा। किसी भी व्यक्ति/प्रत्याशी/राजनैतिक दल द्वारा चुनावी सभा में न तो गडबडी की जाएगी और न ही करवाई जाएगी। किसी भी व्यक्ति/प्रत्याशी/राजनैतिक दल द्वारा मतदाता को रिश्वत देकर या डरा धमकाकर या आतंकित कर अपने पक्ष में मत देने के लिए प्रभावित नहीं करेगा।किसी भी व्यक्ति/प्रत्याशी/राजनैतिक दल द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए चुनाव की प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार का मादक द्रव्य नहीं बांटा जायेगा।किसी भी व्यक्ति/प्रत्याशी/राजनैतिक दल द्वारा किसी अन्य उम्मीदवार या उसके समर्थक का पुतला लेकर चलने, उन्हें सार्वजनिक स्थानो पर जलाने अथवा इस प्रकार के अन्य कृत्य व प्रदर्शन नहीं करेंगे, न ही इसका समर्थन करेंगे। किसी भी व्यक्ति/प्रत्याशी/राजनैतिक दल द्वारा अन्य उम्मीदवार के पक्ष में आचार संहिता का उल्लंघन कर लगाये गये झण्डे या पोस्टरों को स्वयं न हटाकर उन्हें हटाने तथा नियम संगत कार्यवाही हेतु जिला प्रशासन से अनुरोध करेंगे।  
चुनावी विज्ञापन के लिए पार्टी और प्रत्याशी को लेनी पड़ेगी पूर्व अनुमति  
कोई भी व्यक्ति/प्रत्याशी/राजनैतिक दल टी.वी. चैनल/केबल नेटवर्क/वीडियो वाहन अथवा रेडियो से किसी भी प्रकार का विज्ञापन/प्रचार राज्य चुनाव आयोग की अनुमति के बाद ही कर सकेंगे। किसी व्यक्ति द्वारा प्रत्याशियों की अनुमति के बिना उनके पक्ष में निर्वाचन विज्ञापन या प्रचार सामग्री प्रकाशित नहीं करायी जायेगी। यदि कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता है तो उसका यह कृत्य भा.द.सं की धारा 171-एच के अन्तर्गत दण्डनीय होगा। कोई भी व्यक्ति/राजनीतिक दल/उम्मीदवार सभा/रैली/जुलूस को इस प्रकार आयोजित करेंगे कि यातायात में  बाधा उत्पन्न न हो। कोई भी व्यक्ति/राजनीतिक दल/उम्मीदवार जुलूसों और सभाओं या रैलियों में असलहे/विस्फोटक सामग्री  लाठी-डण्डे/ईंट पत्थर आदि शान्ति व्यवस्था भंग करने वाला कोई भी सामान लेकर नहीं चलेंगे। 
चुनाव प्रचार में इन बातों का रखना होगा ध्यान नही तो चलेगा चुनाव आयोग का डंडा  
किसी भी काफिले में 03 से अधिक वाहन एक साथ नहीं चलेंगे। किसी व्यक्ति की सुरक्षा श्रेणी के अनुसार वाहन संख्या 03 से अधिक होने पर आज्ञा के अनुसार ही 03 के अतिरिक्त वाहन साथ चल सकते हैं। 03 से अधिक वाहन सम्बन्धित सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना नहीं चलेंगे। नामांकन की तिथि पर कोई भी प्रत्याशी/राजनैतिक दल का सदस्य कलेक्ट्रेट गेट से 200 मीटर के दायरे में 03 से अधिक वाहन नहीं लायेगा। नामांकन हेतु प्रत्याशी एवं प्रस्तावक सहित 05 से अधिक व्यक्ति रिटर्निंग आफिसर के कार्यालय परिसर (कलेक्ट्रेट) में प्रवेश नहीं करेंगे। नामांकन जुलूस की कोई अनुमति नहीं होगी, इसी तरह मतगणना स्थल के बाहर कोई पंडाल नहीं लगेगा तथा मतगणना परिणाम के पश्चात कोई विजय जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा। किसी भी व्यक्ति अथवा राजनैतिक दल द्वारा किसी भी सरकारी सम्पत्ति, सार्वजनिक स्थान अथवा उसके परिसर पर किसी भी प्रकार की चुनाव सामग्री, चुनाव बैनर, होर्डिंग लगाने अथवा लेखन का कार्य नहीं किया जायेगा। कोई भी दल या प्रत्याशी स्थायी रूप से दीवारों पर कोई डीफेसमेन्ट नहीं करेगा तथा कोई भी वाल राईटिंग किसी भी प्रकार से सार्वजनिक या व्यक्तिगत भूमि पर चुनाव प्रचार हेतु नहीं लिखी जा सकेगी। 
बिना भवन मालिक की अनुमति के नही लगा सकेंगे झंडे और पोस्टर बैनर 
किसी भी व्यक्ति अथवा राजनैतिक दल द्वारा किसी भी सम्पत्ति पर उसके मकान मालिक की लिखित अनुमति के बिना तथा इसकी सूचना निर्वाचन आयोग को दिये बिना कोई भी झंडा अथवा बैनर नहीं लगाया जाएगा। किसी भी व्यक्ति अथवा राजनैतिक दल द्वारा किसी भी धार्मिक स्थान/ परिसर का प्रयोग चुनाव प्रचार हेतु नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति, दल, प्रत्याशी भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं करेगा।  किसी भी राजनैतिक दल/प्रत्याशी द्वारा मतदाताओं को डराने/ धमकाने, अन्य मतदाताओं के नाम फर्जी मतदान करने का प्रयास, पोलिंग स्टेशन से 200 मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार अथवा मतदान की समाप्ति के 48 घण्टे के पूर्व की अवधि में चुनाव प्रचार नहीं किया जायेगा और न ही अपने वाहनों का प्रयोग मतदाताओं को मतदान स्थल पर लाने तथा वापस भेजने हेतु करेगा। किसी भी प्रत्याशी द्वारा अन्य प्रत्याशी की सभा/जुलूस में व्यवधान/ नारेबाजी नहीं की जाएगी। किसी प्रत्याशी द्वारा अन्य प्रत्याशी के सभा स्थल से होकर कोई जुलूस नहीं ले जाया जाएगा। कोई भी व्यक्ति जुलूस/सभा की अनुमति होते हुए स्थानीय पुलिस की ओर से लगाये गये प्रतिबन्ध का न तो उल्लंघन करेगा और न ही यातायात को प्रभावित करेगा। किसी भी सरकारी व्यक्ति द्वारा चुनाव प्रचार नहीं किया जायेगा और न ही सरकारी वाहन का प्रयोग चुनाव प्रचार में किया जाएगा।मतदान से 48 घंटे पूर्व बंद होगा हर तरह का चुनाव प्रचार  
मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय से 48 घण्टे पूर्व सार्वजनिक सभा व चुनाव प्रचार बंद कर दिया जायेगा।  इसमें टी.वी/केबल चैनल/रेडियो/प्रिन्ट मीडिया आदि द्वारा चुनाव प्रचार/विज्ञापन भी सम्मिलित होगा। सभी व्यक्ति/राजनीतिक दल/उम्मीदवार निर्वाचन कार्य में लगे हुए अधिकारियों के साथ शान्तिपूर्वक, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तथा सुव्यवस्थित ढ़ंग से मतदान सम्पन्न कराने हेतु सहयोग करेंगे।सभी व्यक्ति/राजनीतिक दल/उम्मीदवार फर्जी मतदान करने अथवा कराने के लिए किसी व्यक्ति को न तो  उकसायेंगे, न ही मदद करेंगे। कोई भी व्यक्ति/राजनीतिक दल/उम्मीदवार मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक लाने/वापस ले जाने के लिए वाहन नहीं उपलब्ध करायेंगे। सभी व्यक्ति/राजनीतिक दल/उम्मीदवार मतदान के दिन मतदान केन्द्र के 100 मीटर के रेडियस के अन्दर चुनाव प्रचार नहीं करेंगे, न ही वोट मांगेंगे। सभी व्यक्ति/राजनीतिक दल/उम्मीदवार मतदान केन्द्र या उसके आस-पास आपत्तिजनक आचरण नहीं करेंगे। मतदान से सम्बन्धित अधिकारियों/कर्मचारियों के कार्य में न बाधा डालेंगे, न ही उनसे अभद्र व्यवहार करेंगे।  

चुनाव आयोग की ऐप पर एक शिकायत पर बढ़ सकती है उम्मीदवारों की मुश्किलें,   कितने समय में चुनाव आयोग करेगा शिकायत का समाधान? , किसी की धार्मिक भावना पर पंहुचा आघात तो भी होंगे दंड के अधिकारी, घातक हथियारों का प्रदर्शन करने पर होगी कार्यवाही , सरकारी अधिकारी कर्मचारी भी करेंगे निष्पक्ष भावना से काम  

सरकारी अधिकारी कर्मचारी भी करेंगे निष्पक्ष भावना से काम  
कोई भी व्यक्ति/राजनीतिक दल/उम्मीदवार मतदान केन्द्रों पर कब्जा करने अथवा मतदाता को मतदान से रोकने या उसे मतदान स्थल तक जाने में बाधा उत्पन्न करने का कार्य नहीं करेेंगे। कोई भी व्यक्ति जो सम्बन्धित जिले/विधानसभा का निवासी नहीं है वह मतदान समाप्ति के 48 घण्टे पूर्व निर्वाचन क्षेत्र छोड़ देगा। सुरक्षा प्राप्त एवं निर्वाचन क्षेत्र में निवास करने वाले कोई भी व्यक्ति अपना मत प्रयोग करने के पश्चात निर्वाचन क्षेत्र में भ्रमण नहीं करेंगे। सरकारी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी उम्मीदवारों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करेंगे और अपने दायित्वों का निवर्हन बिना किसी से प्रभावित हुए निष्पक्ष होकर करेंगे।  कानून व्यवस्था या सुरक्षा के लिए तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों को छोडकर अन्य अधिकारी/कर्मचारी किसी भी जनसभा या आयोजन में सम्मिलित नहीं होगे। सुरक्षा में लगे अधिकारी एवं कर्मचारी के सिवाय अन्य शासकीय अधिकारी व कर्मचारी किसी मंत्री के साथ चुनाव में उनके साथ नहीं जायेंगे। चुनाव प्रचार की समाप्ति के पश्चात ऐसा कोई व्यक्ति, किसी ऐसे क्षेत्र में नहीं रहेगा, जो उस क्षेत्र का मतदाता न हो। कोई भी व्यक्ति /राजनैतिक दल का सदस्य रिटर्निंग/ सहायक रिटर्निंग आफिसर/सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना वाहन पर चुनाव प्रचार सामग्री यथा झंडा, बैनर, पोस्टर आदि लगाकर नहीं चलेगा तथा लाउडस्पीकर का प्रयोग भी उपरोक्त अधिकारी की अनुमति के बिना नहीं करेगा।किसी भी प्रकार की सभा अथवा जुलूस, रैली प्रभारी अधिकारी/ जिला मैजिस्ट्रेट/सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट/नगर मजिस्ट्रेट/रेजीडेण्ट मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना आयोजित नहीं की जायेगी। 
मतदान कक्ष के अन्दर मीडिया का प्रवेश होगा वर्जित  
किसी भी व्यक्ति द्वारा शस्त्र लेकर मतदान स्थल के 200 मीटर की परिधि में प्रवेश नहीं किया जाएगा। सरकारी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति का सुरक्षा कर्मी भी शस्त्र लेकर मतदेय स्थल के 200 मीटर की परिधि में प्रवेश नहीं करेगा। आयोग द्वारा प्राधिकृत किसी व्यक्ति के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति या मीडियाकर्मी मतदेय स्थल के भीतर फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी नहीं करेगा। शैक्षिक संस्थानों के परिसर का उपयोग चुनाव प्रचार हेतु नहीं किया जाएगा। 
घातक हथियारों का प्रदर्शन करने पर होगी कार्यवाही  
निर्वाचन से सम्बन्धित ड्यूटी पर लगे समस्त स्टाफ/अधिकारी, सुरक्षा बल एवं मतदाता के अतिरिक्त निर्वाचन आयोग से किसी आइडेंटिटी कार्ड के बिना कोई भी व्यक्ति अथवा समूह मतदान केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में प्रवेश नहीं करेगा। शासकीय कर्मचारियों/अधिकारियों और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को छोडकर कोई भी व्यक्ति अस्त्र शस्त्र का न तो प्रदर्शन करेगा और न ही साथ रख सकता है। किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई भी व्यक्ति ऐसे व्यक्तियों के समूह के साथ सम्मिलित नहीं होगा, जिसका उद्देश्य किसी विधि विरूद्ध गतिविधि में भाग लेना हो तथा किसी व्यक्ति की नीतियों, कार्यक्रमों, पूर्व के इतिहास व कार्य की  सीमा तक ही व्यवहार किया जायेगा। शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात सशस्त्र बलों एवं राजकीय कर्मियों को छोड़कर कोई भी व्यक्ति आग्नेय अस्त्र, विस्फोटक पदार्थ, डंडा, भाला अथवा तेजधार वाले हथियार लेकर सार्वजनिक रूप से न तो विचरण करेगा और न ही किसी प्रकार से अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन करेगा। 
किसी की धार्मिक भावना पर पंहुचा आघात तो भी होंगे दंड के अधिकारी   
ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जायेगा, जिससे किसी जाति या धर्म के व्यक्तियों की भावनाओं को आघात पहुंचे  और साम्प्रदायिक/धार्मिक उन्माद की स्थिति उत्पन्न हो तथा किसी भी प्रकार के प्रचार आदि के लिए अपने साथ-साथ किसी अन्य व्यक्ति की भूमि, भवन आदि का किसी भी रूप में प्रयोग बिना पूर्व अनुमति के नहीं करेगा। कोई भी सभा या रैली ऐसे स्थान पर नहीं की जायेगी, जहां कोई निषेधाज्ञा या प्रतिबन्धात्मक आदेश शासन, स्थानीय प्रशासन अथवा न्यायालय द्वारा लागू हो। इस आदेश अथवा इसके किसी भी अंश का उल्लंघन भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। 
चुनाव आयोग की ऐप पर एक शिकायत पर बढ़ सकती है उम्मीदवारों की मुश्किलें 
चुनाव आयोग ने ऐसी तैयारी की है जिससे आगामी चुनावों में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करना उम्मीदवारों के लिए आसान नहीं होगा। दरअसल चुनाव आयोग ने खास तकनीक का इस्तेमाल करते हुए एक ऐप की मदद से नियम तोड़ने वाले नेताओं पर नकेल कसने की तैयारी की है। चुनाव आयोग ने C-VIGIL नाम का एक ऐप के साथ साथ हेल्‍पलाइन नंबर 1950 के जरिए चुनाव से जुड़ी शिकायत की जा सकेगी। अगर मतदाताओं को चुनाव से जुड़ी कोई थी दिक्‍कत है तो उसे इस हेल्‍पलाइन नंबर के जरिए दूर करवाया जा सकता है। 
कितने समय में चुनाव आयोग करेगा शिकायत का समाधान? 
भारत निर्वाचन आयोग ने बताया है कि हेल्‍पलाइन नंबर 1950 में जो भी शिकायत दर्ज कराई जाएगी उसका समाधान 100 मिनट में चुनाव आयोग को करना होगा। आयोग की ओर से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि आचार संहिता उल्लंघन की सूचना देरी से मिलने की वजह से कार्रवाई में देरी होती है और आरोपी उम्मीदवार कई बार बचते आए हैं। इसके अलावा तस्वीरें या फिर वीडियो जैसे सबूतों की कमी की वजह से भी शिकायतों की पुष्टि करने में परेशानी होती थी। 
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