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पंजाब

जीरकपुर में चुनाव आचार संहिता को ठेंगा दिखा रहे सियासी नेताओं के पोस्टर

March 11, 2019 07:18 PM

जीरकपुर, जेएस कलेर

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के 2019 के 17वीं लोकसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित करते ही पूरे देश में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। पंजाब की 13 लोकसभा सीटों पर एक चरण में 19 मई को मतदान होगा। चुनावों की मतगणना 23 मई को होगी। इस बार लोकसभा चुनावों के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष तैयारी की है।       

 
 
 
आचार संहिता लागू होते ही शासन और प्रशासन में कई अहम बदलाव हो जाते हैं। राज्यों और केंद्र सरकार के कर्मचारी चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव आयोग के कर्मचारी की तरह काम करते हैं। आचार संहिता लागू होने के बाद सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी ऐसे आयोजन में नहीं किया जा सकता जिससे किसी विशेष दल को फ़ायदा पहुंचता हो। जबकि अब तक तमाम सियासी दल के नेता अपना चुनाव प्रचार भी कर रहे थे लेकिन चुनाव आयोग और प्रशासन के तमाम प्रयास के बाद भी अक्सर राजनैतिक संगठन के नेता और उनके समर्थक जाने अनजाने आचार संहिता का उलंघन कर देते हैं जिसके बाद उन्हें कार्यवाही का शिकार होना पड़ता है।
चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता के लागू हो जाने से प्रशासन को एक्शन मोड में आ जाना चाहिए, परंतु ऐसा हुआ नहीं। राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के अलावा राजनीतिक दलों और नेताओं की ओर से लगाए गए बैनर, पोस्टरों को हटाने का काम नगर कौंसिल जीरकपुर ने शुरू तो किया है लेकिन यह कार्रवाई इतनी सुस्त है कि कार्रवाई कुछ एक पार्षदों व समर्थकों के पोस्टर उतारने तक ही की जा रही है जबकि अभी भी शहर में सत्ताधारी कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल सहित दिग्गज भाजपा नेताओं के बड़े बड़े होर्डिंग जस के तस लगे हुए हैं।    अंबाला सड़क पर स्थित विधायक एन के शर्मा के दफ्तर के ऊपर अकाली दल के चुनाव चिन्ह वाला लोहड़ी की शुभकामनाएं देता एक बड़ा होर्डिंग है तो वहीं सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी द्वारा हाल ही में फ्लाईओवर के नीचे सौन्दर्यीकर्ण के चुनावी लॉलीपॉप रूपी उद्घाटन का बड़ा यूनिपोल पटियाला चौक के बीचों बीच लगा है तो वहीं शहर के विभिन्न पैट्रोल पंपो पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीरें चुनाव आयोग के नियमों को मुह चिड़ा रहीं हैं। अधिकारी दावा तो कर रहे हैं कि शहर से राजनीतिक दलों के बैनर, पोस्टर हटाने व ग्रामीण इलाकों में बैनर, पोस्टर हटाने के लिए टीमें लगा दी गई है लेकिन इन दिग्गज नेताओं के पोस्टर या तो नगर कौंसिल अधिकारियों द्वारा चुनाव आचार सहिता लगने के बावजूद इन राजनैतिक पार्टियाँ की ओर से सरकारी दीवारों, खंभों पर लगा पोस्टर, झंडे प्रशासन की नज़र में नहीं आए या वह इस को नज़र अंदाज़ कर रहे हैं लेकिन सस्चाई यह कि जीरकपुर शहर की सड़कों पर अब भी राजनीतिक पोस्टर लगे हुए हैं। चुनाव आयोग की हिदायत के बाद भी जीरकपुर में लगे इस पोस्टर को अब तक हटाने की किसी ने जहमत नहीं उठाई।

वहीं चुनाव की अधिसूचना जारी होनेे से जीरकपुर के बलटाना, पिरमुछाला, बलटाना, ढकोली, वीआईपी रोड़, पभात, लोहगढ़, नाभा व रामगढ़ भूड़ा में चल रहे विकास कार्य पूरी तरह ठप हो होने के आसार है क्योंकि इन विकास कार्यों का हाल ही के दिनों में कांग्रेस के जिला प्रधान व प्रदेश सचिव दीपिन्दर ढिल्लों ने शिलान्यास किया था जबकि नगर कौंसिल जीरकपुर की परिषद पर अकाली भाजपा पार्षदों के क्लीन स्वीप वर्चस्व स्थापित है और वे अक्सर इन चुनावी उद्घाटनों पर सवाल खड़े करते आ रहे हैं क्योंकि इन विकास कार्यों के लिए फंड्स नगर कौंसिल की हाऊस की मीटिंग में पार्षदों की सहमति से पास किए जाते हैं। जीरकपुर शहर में हाल के कुछ महीनों में दीपिन्दर ढिल्लों द्वारा ताबड़तोड़ करोड़ों रुपये के कार्यों के शिलान्यास किए गए थे जिनमें बिजली व सड़क संबंधित कुछ कार्य तो पूरे हो गए हैं वहीं कौंसिल की हाऊस की मीटिंग में विधायक एन के शर्मा की मौजूदगी में बहुत से एजेंडे ध्वनि मत से पास करवा कर नगर निकाय विभाग को भेजे गए हैं जिनके आचार सहिता लागू होने के कारण प्रभावित होने की आशंका हैं। इन विकास कार्यों का बीते दिनों दो-दो बार शिलान्यास भी हो चुके हैं जो अब शायद पत्थर बन कर ही रह जाएंगे। वहीं पिछले कुछ महीनों में दोनों दलों में उद्घाटन पत्थर रखने की दौड़ इस कदर हावी रही की एक ही विकास कार्य का पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के जिला प्रधान ढिल्लों करते थे तो अगले दिन नगर कौंसिल प्रधान कुलविंदर सोही व पार्षदों की मौजूदगी में विधायक एन के शर्मा मगर अब चुनावी भागदौड़ के चलते काम पर असर पड़ता साफ दिख रहा है।

इस बारे में जीरकपुर नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी गिरीश वर्मा का कहना है कि जीरकपुर क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता का पूरी तरह पालन कराया जा रहा है। जहां विकास कार्य पहले से शुरू हो चुके हैं, वे चल रहे हैं। कोई भी नया कार्य शुरू नहीं होगा। इस बारे में विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि होर्डिंग्स को उतारने की कार्रवाई युद्ध स्तर पर की जा रही है।

क्या क्या कार्य रहे अधूरे
-वीआईपी रोड़ पर एलईडी स्ट्रीट लाइट्स लगाने का प्रोजेक्ट
-ढकोली रोड़ पर एलईडी स्ट्रीट लाइट्स लगाने का प्रोजेक्ट
-किशनपुरा रोड़ पर एलईडी स्ट्रीट लाइट्स लगाने का प्रोजेक्ट
-पिरमुछाला-पंचकूला रोड़ पर एलईडी स्ट्रीट लाइट्स लगाने का प्रोजेक्ट
-बलटाना रोड़ पर एलईडी स्ट्रीट लाइट्स लगाने का प्रोजेक्ट
-पंचकूला से ढकोली को आते गंदे पानी की चैनलाइजेशन का काम
-पंचकूला से बलटाना को आते गंदे पानी की चैनलाइजेशन का काम
-डॉग स्टरलाइजेशन सैंटर का काम
-लोहगढ़ सड़क की कारपेटिंग का काम
-शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बरसाती पानी की निकासी का कार्य
-फ्लाईओवर के नीचे सौन्दर्यीरकर्ण का काम जिसे कांग्रेस द्वारा बड़ी जोर शोर से प्रचारित किया गया व खुद डीसी मोहाली की मौजूदगी में महारानी परनीत कौर ने उद्घाटन किया।

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