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चंडीगढ़

फूड फेस्टिवल में राजस्थानी शाही रसोई के व्यंजनों स्वाद

March 22, 2019 11:16 PM

चंडीगढ़, सुनीता शास्त्री।

ट्राइसिटी के भोजन प्रेमियों के लिए होटल बेला विस्टा ने राजस्थानी फूड फेस्टिवल का आयोजन किया है, जिसमें राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और महाराजाओं के पसंदीदा असली व्यंजनों को पेश किया जा रहा है। अब राजस्थानी भोजन पसंद करने वाले लोग होटल वेलकमहोटल बेला विस्टा पहुंच कर शाही भोजन का स्वाद लेने ले सकेंगे। इस अवसर पर वेलकम होटल बेला विस्टा को राजस्थान के आकर्षक ढंग से सजाया गया हैं। भोजन उत्सव 1 मार्च 2019 तक चलेगा। यह जानकारी विवेक खन्ना जर्नल मनेजर वेलकमहोटल बेला विस्टा पंचकूला  ने दी। उन्होंने बताया कहा यह फेस्टिवल ट्राइसिटी निवासियों को राजस्थान के असली व्यंजनों से परिचित होने का शानदार अवसर प्रदान करेगा। राजस्थानी भोजन को पारंपरिक तरीके से पकाया गया है। यहां बेसन की रोटी और बेजड़ की रोटी पेश की जा रही है। दाल बाटी देसी घी के साथ खास है।

इस अवसरपर चरखा मुर्ग और केर-संगरी दो राजस्थानी व्यंजनों का लाइव डेमो भी पेश किया गया।राजस्थानी पाककला का माहिर वेलकमहोटल जोधपुर में सेवारत सोमदत्त शर्मा ने नॉन वेज स्नैक्स,चरखा मुर्ग - मसालेदार चिकन और शाकाहारी मेन कोर्स केर सांगरी बना कर दिखाया । शाकाहारी स्टार्टर में पनीर के सोले, सांगरी कबाब - जो सूखे बीन्स कबाब होते है। यहां मंगोड़ी कबाब भी उपलब्ध हैं। नॉन वेज मेन कोर्स में, मेथी मांस, राजस्थानी शैली की चिकन डिश - मुर्ग की मोकल, झींगा जैसलमेरी, सफेद मांस और मुर्ग जोधपुरी - जो कि जोधपुर की एक खासियत है। लाल मांस - जो लाल मिर्च और दही के साथ पकाया जाता है और मुर्ग शेखावाटी - जो कि शेखावाटी क्षेत्र की विशेषता हैशाकाहारी मेन कोर्स में पनीर सांगरी और जयपुर की मिक्स वेजिटेबल स्पेशलिटी - त्रिपोलिया सब्जी शामिल है।

भरवां गट्टे जो कि दही की ग्रेवी और राजस्थानी कढ़ी के साथ परोसे जाते हैं, यहां मिल रहे हैं। इतना ही नहीं, पापड़ पनीर, गट्टे का साग, पनीर मेथी दाना, चक्की का साग और एक राजस्थानी विशेषता - केर सांगरी अचारी भी आपको पसंद आयेगा। मीठे व्यंजन बड़े स्वादिष्ट हैं, जिनमें शामिल है चूरमा - साबुत गेहूं के आटे की मिठाई, बीकानेरी रसगुल्ले, मलाई घेवर, मिश्री मावा और राजभोग। सोमदत्त शर्मा ने कहा, ‘राजस्थानी भोजन शाही भोजन शाही परिवारों के बीच विवाह समारोहों, मुगलों और राजपूतों के बीच संबंध और अंग्रेजों के साथ संबंधों के कारण चलन में आया।
भोजन जिन मसालों से तैयार किया गया है वे राजस्थान में उपलब्ध हैं और हमने भी अपने व्यंजनों में इन्हीं का उपयोग किया है। लाल मांस को शाही भोजन का हिस्सा माना जाता है और हम इसे ट्राइसिटी के भोजन प्रेमियों के लिए लेकर आये हैं। एक और अनूठी डिश है - केर सांगरी, जिसे राजस्थानी जंगली जामुन और सूखे बीन्स का इस्तेमाल करके बनाया जाता है।’
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