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चंडीगढ़

‘अनडॉउन्टेड: पुस्तक लेखिका की ओर से राष्ट्रीय शहीद को है श्रद्धांजलि

March 28, 2019 11:11 PM

चंडीगढ़,सुनीता शास्त्री

भावना अरोड़ा की नई किताब ‘अनडॉउन्टेड -लेफ्टिनेंट उमर फैयाज ऑफ कश्मीर’पुस्तकका विमोचन किया। भावना अरोड़ा की चौथी पुस्तक‘अनडॉउन्टेड’, एक राष्ट्रीय शहीद की याद में एक श्रद्धांजलि है, जिसने संभावित खतरों के बावजूद सेना की वर्दी पहनने की हिम्मत दिखाई। इस किताब को काफी संवेदनशीलता के साथ लिखा गया है और गहराई से शोध किया गया है और हर घटनाक्रम को महसूस करने के साथ बयां किया गया है।
  
‘अनडॉउन्टेड’ के लिए उन्होंने दो साल तक गहन रिसर्च की, जिसमें करीब 6 महीने तक कश्मीर घाटी के विभिन्न इलाकों, आईएमए, एनडीए, एमएचओडब्ल्यू, देवलाली और अखनूर की यात्राएं हैं, ताकि लेफ्टिनेंट उमर के जीवन का एक प्रामाणिक लेखाजोखा शब्दों में उतारा जा सके। ‘अनडॉउन्टेड’ कश्मीर के युवा आर्मी ऑफिसर लेफ्टिनेंट उमर फैयाज के जीवन की असाधारण कहानी है, जिन्हें मई, 2017 में दक्षिण कश्मीर के शोपियां में आतंकवादियों ने उस समय अपहरण कर मार दिया था, जहां वह एक रिश्तेदार के शादी समारोह में शामिल होने गए थे।जम्मू और कश्मीर के कुलगाम जिले से संबंधित फैयाज जम्मू में अखनूर इलाके में तैनात थे। उन्हें उनकी हत्या से सिर्फ पांच महीने पहले ही दिसंबर 2016 में सेना में सबसे पुरानी राइफल रेजिमेंट, राजपुताना राइफल्स की दूसरी बटालियन में तैनाती दी गई थी। उनकी मृत्यु ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया, और एक युवा सैनिक की स्मृति को उनके जहन में अमिट कर अमर बना दिया।
अपने संक्षिप्त, प्रेरणादायक जीवन में, उमर ने एक उदाहरण स्थापित करने और साथी कश्मीरियों को हिंसा के चक्रव्यूह से बाहर निकल कर सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। उनके साथी कश्मीरी राज्य में अशांति से लगातार प्रभावित हो रहे थे और उमर ने उन्हें एक नई राह दिखाई। भावना का कहना है कि ये शीर्षक जानबूझकर रखा गया है। ये शीर्षक भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट उमर फैयाज के लिए एकदम सटीक है। हालांकि, हम सर्वसम्मति से सहमत थे कि उनकी कश्मीरी पहचान पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, क्योंकि उनका भारतीय सेना से होने को लेकर कभी किसी को कोई संशय नहीं था। यह धारा के विपरीत बहने और कुछ ऐसा करने की कोशिश करता है जो एक तय रूझान नहीं है। लेफ्टिनेंट उमर फैयाज ने ठीक यही किया और हमने उसी को सब के सामने रखा है।भावना ने यह भी घोषणा की कि किताब से प्राप्त रॉयल्टी का उपयोग फैयाज के नाम पर एक वार्षिक स्कॉलरशिप के लिए किया जाएगा। इस फंड से उस हाई स्कूल के स्टूडेंट्स को लाभान्वित किया जाएगा, जिसमें उसने पढ़ाई की।
स्कॉलरशिप के अलावा, एक रोलिंग ट्रॉफी भी होगी। और, इस राशि से अर्जित ब्याज, आने वाले सालों में स्कॉलरशिप के लिए फंडिंग देता रहेगा। उमर ने अपनी स्कूली शिक्षा, कक्षा 5-12 से, जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी), अनंतनाग में प्राप्त की है। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने किताब की प्रस्तावना में लिखा है कि ‘‘उमर ने वास्तिविक अर्थों में ‘कश्मीरियत’ को जिया है और उन्हें इतिहास में एक ऐसे नायक के रूप में जाना जाएगा, जिसने सभी बाधाओं को पार जाकर और सभी तरह के विरोध के खिलाफ जाकर राष्ट्र की सेवा करने का विकल्प चुना।
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