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विश्व में सबसे ज्यादा दिल के मरीज भारत में: डा. बाली

April 01, 2019 10:16 PM

चंडीगढ़, सुनीता शास्त्री।

भारत में दिल के रोगों से पीडि़त मरीजों की गिनती में पिछले 26 सालों में बहुत वृद्धि हुई है। विश्व के सभी देशों से अधिक दिल के मरीजभारत में हैंऔर भारत के प्रदेशों पंजाब -हार्टअटैक के मामलों में नंबर वन पर है।

यह खुलासा दिल के रोगों के विशेषज्ञ तथा पंचकूला के पारस सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल काॢडयक सेंटर के चेयरमैन डा. एच.के. बाली ने कहा कि पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए किया। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि ऐसे मरीजों में नौजवान लडक़े व लड़कियों की संख्या ज्यादा है।

पंजाब -हार्ट अटैक के मामलों में नंबर वन पर

सर्जरी विभाग के डा. राणा संदीप ने बताया कि यहां हर तरह की गंभीर समस्याओं के हल के लिए सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों के दिल का इलाज करने के लिए विशेष किस्म की सुविधा भी है।  भारत में दिल के इलाज की कम सुविधा होने के कारण 50 प्रतिशत के करीब लोग बिना इलाज से ही मौत के मुंह में चले जाते हैं। छोटे बच्चों का ऐसे रोग से पीडि़त होना और भी घातक है।

 उन्होंने कहा कि रहन-सहन के तरीकों में आई तबदीली इस बीमारी का बड़ा कारण है। उन्होंने अपने 30 वर्षों के तजुर्बें दौरान 15 हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज किया है।  पिछले समय दौरान बड़ी उम्र के मरीज आते थे, पर आजकल ज्यादा मरीज 25 से 35 वर्ष की उम्र वाले होते हैं।  भारत में इस रोग के कारण पिछले 26 सालों दौरान मौतों में 34 प्रतिशत इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि पारस सुपर स्पेशलिस्ट पंचकूला में ऐसे मरीजों की सुविधा के लिए विश्व स्तरीय व्यापक सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं, जहां अति आधुनिक तरीकों के साथ मरीजों का इलाज किया जाएगा। इस अवसर पर बातचीत करते हुए सर्जरी विभाग के डा. राणा संदीप ने बताया कि यहां हर तरह की गंभीर समस्याओं के हल के लिए सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों के दिल का इलाज करने के लिए विशेष किस्म की सुविधा भी है।  भारत में दिल के इलाज की कम सुविधा होने के कारण 50 प्रतिशत के करीब लोग बिना इलाज से ही मौत के मुंह में चले जाते हैं। छोटे बच्चों का ऐसे रोग से पीडि़त होना और भी घातक है।

उन्होंने इस संबंधी सुझाव देते हुए कहा कि छाती, पेट या बाजू में होते दर्द को अनदेखा नहीं करना चाहिए। इसके अलावा अपने ब्लड प्रैशर पर भी ध्यान रखना चाहिए। इसी तरह ही चलते समय या सीढ़ी चढ़ते समय सांस चढऩे तथा पैरों, टांगों आदि में साजिश होने की स्थिति में भी डाक्टरी सुविधा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धूम्रपान सहित अन्य नशों से बचाव करके तथा अपने भार को कंट्रोल में रखकर ही हार्ट अटैक के खतरे से बचा जा सकता है।इस अवसर पर अन्यों के अलावा डा. संजीब रावत, डा. महेश गर्ग तथा डा. प्रियंका गुप्ता भीमौजूद थे।

दिल के रोगों से बचाव के टिप्स भी बताये-धूम्रपान को करो ना,बल्ड प्रैशर, शुगर तथा कलोस्ट्रोल पर करो कंट्रोल,अपने भार पर करो नियत्रंण,रोजाना कसरत की आदत बनाओ,कम फेट वाले खाने को अपनाओ,लीवर की जांच यकीनी बनाओ,शराब तथा अल्कोहल युक्त पदार्थों से करो किनारा, योगा तथा मैडीटेशन की आदत डालो,होमोसैसटाइन का स्तर जानो।
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