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हिमाचल प्रदेश

नवरात्र मेला की शुरूआत

April 06, 2019 07:59 PM

ज्वालामुखी, (विजयेन्दर शर्मा) सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी में आज झंडा चढ़ाने की रस्म के साथ चैत्र नवरात्र मेला का विधिवत शुभारंभ हो गया। मंदिर न्यास के चैयरमेन एसडीएम राकेश शर्मा ने मंदिर में झंडा चढ़ाया। इस अवसर पर मंदिर न्यास के सदस्य एवं बारीदार मौजूद रहे।
नवरात्र मेला के दौरान ज्वालामुखी मंदिर की आभा में चार चांद लग गये हैं । देश के विभिन्न भागों से आने वाले मां के भक्त आजकल ज्वालाजी में अपने विश्वास श्रद्घा और भक्ति का प्रर्दशन कर रहे हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार ज्वालामुखी भी शक्तिपीठ है । यहां सती की महाजिव्हा गिरी थी। इसकी पुष्टि तंत्र चूड़ामणि से होती है। ज्वालामुख्यां महाजिहा देव उन्मत भैरव: । अर्थात ज्वालामुखी में सती की महााजिहा्र है और वहां पर भगवान शिव उन्मत भैरव रूप में स्थित हैं । ज्वालामुखी धूम्रा देवी धूमावती का स्थान है । व इसे 52 शक्तिपीठों में सर्वोच्च शक्ति सम्पन्न स्थान माना गया है । इस पवित्र स्थल में देवी ज्योति रूप में विराजमान है । तंत्र विद्या में इसे पवित्र एंव प्रचण्ड स्थल माना गया है । शिवालिक पहाडिय़ों के आंचल में यह मंदिर स्थापित है । मंदिर के गर्भगृह में नौ ज्योतियां जल रही हैं । इनके नाम महाकाली, अन्नपूर्णा, चण्डी, हिंगलाज, विंध्यवासिनी, महालक्ष्मी, सरस्वती, अम्बिका तथा अन्जना हैं । इनकी श्रद्धालु परिक्रमा करते हैं । विश्व में शायद यही ऐसा देवालय है जहां प्रतिमा की पूजा नहीं होती । व जल रही ज्योति ही शक्ति का साक्षात स्वरूप है। देश -दुनिया के तीर्थ यात्रियों का यह पसंदीदा तीर्थ बन गया है।
मन्दिर में आरती के समय बड़ा ही अदभुत नजारा देखने को मिलता है।मन्दिर में पाँच आरतियाँ की जाती हैं। पहली मंगल आरती मन्दिर के कपाट खुलते ही सुबह पाँच बजे की जाती है।इस के साथ ही दूसरी आरती और दोपहर की आरती 12 बजे की जाती है। आरती के साथ साथ माता को भोग भी लगाया जाता है। फिर शाम 7 बजे संध्या आरती की जाती है। इस के बाद देवी की शयन शैय्या को तैयार किया जाता है और उसे फूलों और सुगन्धित सामग्री से सजाया जाता है। इस के बाद रात्रि साढ़े 9 बजे माता की शयन आरती की जाती है जिस में बड़ी संख्या में आये हुये श्रद्धालु भाग लेते हैं।
राजस्थान के सवाई माधोपुर से दर्शनों को आये नरेन्दर सिंह ने कहा कि उन्हें दर्शन कर बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि नवरात्र मेला के चलते यहां उन्हें महौल भक्तिमय देखने को मिल रहा है।

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