ENGLISH HINDI Sunday, December 15, 2019
Follow us on
 
हरियाणा

करनाल में आईटीआई छात्रों पर बर्बरता से राज्य सरकार का चेहरा आया सामने: सैलजा

April 14, 2019 10:19 AM

नई दिल्ली, फेस2न्यूज:

आईटीआई छात्रों पर पुलिस की बर्बरता के बाद अब सीएम मनोहर लाल खट्‌टर सीधे विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आ गए हैं। राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा ने तो सीधे तौर पर इसके लिए सीएम मनोहर लाल को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि सीएम सिटी में छात्र व छात्राओं पर ऐसी बर्बरता सीएम मनोहर लाल के आदेश के बिना नहीं हो सकती। उन्होंने पूरे मामले की जांच के साथ ही छात्रों पर निर्ममता से लाठियां बरसाने वाले पुलिस कर्मियों व लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की है।    

झूठे केसों में जेल भेजे गए छात्रों की तुरंत हो रिहाई, नैतिकता के आधार पर सीएम घटना की जांच के आदेश, घटना के लिए सीधे तौर पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार


पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि हादसे में एक सहयोगी छात्र की मौत के बाद पूरा मामला बिगड़ा। इस मामले में हवा देने में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा कि अगर अफसर संयम से काम लेते तो शायद ये नौबत न आती। सैलजा ने कहा कि जिस तरह पुलिस ने छात्र-छात्राओं पर निर्ममता दिखाई उससे साफ जाहिर है कि सरकार के आदेशों पर ही लाठीचार्ज के आदेश दिए गए। उन्होंने कहा कि इस घटना में कई छात्र-छात्राएं जख्मी हुई हैं। पुलिस ने बेरहमी से सभी को पीटा फिर गिरफ्तार कर उन्हें थानों में बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि स्थिति साफ है कि सरकार पूरी तरह बौखला गई है। इसी वजह से छात्रों को निशाना बनाया जा जा रहा है।
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर हो कार्रवाई:
सैलजा ने कहा कि घटना के लिए सीधेतौर पर सीएम मनोहर लाल जिम्मेदार हैं। मगर जानबूझकर वो तो इसकी जिम्मेदारी नहीं लेंगे। ऐसे में छात्रों को उकसाने वाले प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही बेरहमी से लाठियां बरसाने वाले पुलिस कर्मियों को भी सजा मिलनी चाहिए ताकि प्रदेश में फिर दोबारा ऐसी घटना न हो। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों का दमन करने में जुटी है। उन्हें अपने हक की आवाज उठाने की भी इजाजत नहीं दी जा रही है। मासूम छात्रों पर झूठे केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। सैलजा ने छात्रों के खिलाफ दर्ज केस को कैंसिल कर उन्हें तुरंत रिहा करने की भी मांग की है।
कहां गया बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान:
पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि जो पुलिस कर्मचारी प्रदेश की बेटियों पर बेरहमी से लाठियां बरसा रहे थे क्या उन्हें सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की जानकारी नहीं थी। सैलजा ने कहा कि सरकार ऐसे झूठे नारों से सिर्फ लोगों को गुमराह कर रही है। जिस तरह बेटियों को निशाना बनाया गया उससे नारे की हकीकत भी सबके सामने हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस जघन्य घटना का डटकर विरोध करती है। सीएम को भी नैतिकता के आधार पर मामले की जांच के आदेश देकर उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और हरियाणा ख़बरें
मौसम को ध्यान में रखते हुए यातायात एडवाइजरी जारी गन्नौर में अंतरराष्ट्रीय फल, फूल, सब्जियां एवं डेयरी उत्पाद टर्मिनल निर्माण की तैयारी 9वीं से 12वीं की एनरोलमैंट आवेदन की अंतिम तिथि बढाई औचक निरीक्षण: गैर-हाजिर 4 कर्मी निलंबित करने के निर्देश 18500 प्रतिबंधित नशीली दवाइयों, 112 बोतल सीरप के साथ दो गिरफ्तार पालिकाओ, परिषदों, निगमों के प्रशासनिक अधिकारियों को प्रतिदिन जनता दरबार लगाने के निर्देश केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का स्वच्छ भारत के अभियान 15 तक बैडमिंटन प्रतियोगिता 27 दिसंबर से 2 जनवरी तक चौकसी ब्यूरो की 12 जांचों में से 7 आरोप सिद्ध, 30 हजार की रिश्वत लेते मुख्य सिपाही काबू दंत जाँच शिविर का आयोजन