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राष्ट्रीय

डेबिट कार्ड से भुगतान पर उपभोक्ता से शुल्क वसूली अवैध

April 18, 2019 08:23 AM

चंडीगढ, संजय मिश्रा:
नोटबंदी के बाद से कैशलेस भुगतान में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। भारत सरकार ने भी कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए कई सुविधाएं दी जैसे कि डेबिट कार्ड या यूपीआई से भुगतान बिलकुल मुफ्त है। भीम यूपीआई एप के जरिये भुगतान शुल्कमुक्त तो है ही साथ ही सरकार ने उस एप के उपयोगकर्ता को कैश बैक की भी सुविधा दी। बावजूद इसके कई जगह डिजिटल भुगतान करने वालो से मर्चेन्ट के द्वारा 1 परसेंट से 2 परसेंट तक शुल्क वसूली की जाती थी जिसकी शिकायत मिलने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने इसे अवैध करार देते हुए 17 सितंबर 2013 को एक सर्कुलर जारी किया और कहा कि डिजिटल भुगतान शुल्कमुक्त है और मर्चेन्ट द्वारा उपभोक्ताओं से शुल्क वसूली की इजाजत नहीं दी जा सकती है क्योंकि ये अवैध है, संबन्धित बैंक को चाहिए कि वो ऐसे मर्चेन्ट से सख्ती से निपटें।
हालांकि 6 दिसंबर 2017 को रिजर्व बैंक ने इस बाबत एक अन्य सर्कुलर में बैंक को डेबिट कार्ड द्वारा भुगतान में 0.8 प्रतिशत से 0.9 प्रतिशत तक चार्जेस लगाने की अनुमति दी लेकिन इस शर्त पर कि संबन्धित बैंक ये सुनिश्चित करे की ये एम डी आर चार्जेस किसी भी हालत में उपभोक्ता से नहीं वसूला जायेगा। लेकिन उपभोक्ताओं मे जागरूकता की कमी की वजह से देश के कई हिस्सों में मर्चेन्ट के द्वारा उपरोक्त एम ड़ी आर चार्जेस की वसूली डेबिट कार्ड से भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं से की जा रही है।
बीते दिनों राम मनोहर लोहिया लॉं यूनिवर्सिटी लखनऊ के एक स्टूडेंट चाणक्या के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। गोवा घूमने के दौरान रेस्टोरेन्ट में खाना खाने का बिल का भुगतान डेबिट कार्ड से करने पर 2% का अतिरिक्त चार्ज वसूला गया जिसकी शिकायत चाणक्य ने दक्षिण गोवा के मरगाओं उपभोक्ता मंच में दी। उपभोक्ता मंच ने शिकायत संख्या 79 ऑफ 2016 का निपटारा करते हुए 21 सितंबर 2017 को अपने आदेश में संबन्धित मर्चेन्ट को डेबिट कार्ड से खाने के बिल भुगतान पर 2% चार्जेस अवैध रूप से वसूलने का दोषी पाया और 25000 रुपए का जुर्माना लगाया। फोरम ने कहा कि उपभोक्ता से उपरोक्त वसूली रिजर्व बैंक के 17 सितंबर 2013 के निर्देश का उल्लंघन है।
खालसा कॉलेज चंडीगढ़ द्वारा भी बच्चों के वार्षिक फीस के भुगतान पर डेबिट कार्ड ट्रांजेक्सन चार्जेस वसूला जाता है। एक अभिभावक ने चंडीगढ़ के उपभोक्ता मंच में खालसा कॉलेज के इस कृत्य की शिकायत दी कि वार्षिक फीस रुपया 42660 के भुगतान पर उनसे बैंक ट्रैंज़ैक्शन चार्ज के नाम पर 535 रुपए अधिक वसूले गए जो कि रिजर्व बैंक के सर्कुलर दिनांक 17 सितंबर 2013 एवं 6 दिसंबर 2017 का उल्लंघन है। चंडीगढ़ कंज़्यूमर फोरम-1 ने शिकायत संख्या 481 ऑफ 2018 को दर्ज कर सुनवाई शुरू कर दी है।

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