ENGLISH HINDI Tuesday, April 07, 2020
Follow us on
 
राष्ट्रीय

भारतीय—फ्रांसीसी नौसेनाओं का 10 मई तक वरुण 19.1 द्विपक्षीय अभ्यास

May 02, 2019 11:05 AM

नई दिल्ली, फेस2न्यूज:
भारतीय और फ्रांसीसी नौसेनाओं के संयुक्त नौसेना अभ्यास वरुण का पहला भाग- 19.1, 1 से 10 मई तक गोवा समुद्रतट के पास आयोजित किया जा रहा है।
आगामी 17वें आयोजन में फ्रांसीसी नौसेना का विमानवाहक एफएनएस चार्ल्स डी गौल, दो विध्वंसक, एफएनएस फोरबीन और एफएनएस प्रोवेंस, फ्रिगेट एफएनएस लाटच-ट्रेविल, टैंकर एफएनएस मार्न और एक नाभकीय पनडुब्बी की भागीदारी होगी। भारतीय नौसेना की ओर से इस अभ्यास में विमानवाहक आईएनएस विक्रमादित्य, विध्वंसक आईएनएस मुम्बई, टेग-क्लास फ्रिगेट, आईएनएस तरकश, शिशुमार-क्लास पनडुब्बी, आईएनएस शंकुल, दीपक-क्लास फ्लीट टैंकर, आईएनएस दीपक की भागीदारी होगी।
इस अभ्यास को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। गोवा में आयोजित हार्बर चरण में दोनों देशों के नौसेना अधिकारियों के दौरे, पेशेवर वार्तालाप एवं विचार-विमर्श तथा खेल आयोजन शामिल होंगे। समुद्री चरण में विभिन्न प्रकार के समुद्री संचालनों से जुड़े अभ्यासों को शामिल किया जाएगा।
अभ्यास का दूसरा भाग– वरुण 19.2 मई के अंत में डिबूटी में आयोजित किया जाएगा। द्विपक्षीय नौसेना अभ्यास की शुरूआत 1983 में की गई थी। वर्ष 2001 में इसका नामकरण ‘वरुण’ के रूप में किया गया। यह भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मार्च, 2018 में फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुअल मैक्रॉन की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान उनके और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग के संयुक्त सामरिक दृष्टिकोण पर हस्ताक्षर किया गया था। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों का उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस अभ्यास के तहत समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने में दोनों देशों के साझा हितों के साथ-साथ उनकी प्रतिबद्धताओं पर जोर दिया जाता है।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
 
और राष्ट्रीय ख़बरें
नौसेना दक्षिणी कमान ने गैर चिकित्‍साकर्मियों के लिए प्रशिक्षण कैप्‍सूल तैयार किया रक्षा पीएसयू, ओएफबी हुए कोविड-19 से लड़ाई में शामिल जनऔषधि केंद्र निभा रहे है लोगों को दवाइयां उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका विज्ञानं नहीं आध्यात्म से जीतता भारत ‘कोविड-19’ से निपटने की देशव्यापी तैयारियों की समीक्षा की खेती-किसानी के संबंध में दी गई छूट 5 अप्रैल को 9 बजे बत्तियां बुझाए जाने दौरान ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने के लिए पुख्‍ता प्रबंध उपराष्ट्रपति ने राज्यपालों/उप राज्यपालों से कहा कि वे धर्म गुरुओं को भीड़ वाले धार्मिक आयोजन न करने की सलाह दें कोविड-19 से निपटने के लिए देश में चिकित्‍सा आपूर्तियों का कोई अभाव नहीं: गौड़ा कोविड-19 से लड़ने में युद्ध स्तर पर जुटे सीएसआईआर के वैज्ञानिक