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डेराबस्सी के सरकारी अस्पताल से मिला नवजात बच्चे का शव, अस्पताल प्रबंधन मामलें को दबाने पर तुला

May 25, 2019 09:22 PM

डेराबस्सी, जेएस कलेर

यहां सिविल अस्पताल में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब वहां इमरजेंसी वार्ड के बाथरूम की फ्लश टैंकी में एक पूर्ण विकसित भ्रूण नुमा नवजात बच्चा पड़ा हुआ मिला। सफाई कर्मचारी ने बाथरूम में बदबू आने पर जब फ्लश की टैंकी का ढक्कन खोल कर देखा तो उसमें एक पूर्ण विकसित नवजात बच्चा मृत हालात में पड़ा देखा और अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी।

माना जा रहा है कि किसी ने रिश्तों को शर्मसार करते हुए बाथरूम में किसी पाप को छुपाने के लिए यह कृत्य किया होगा। अस्पताल कर्मचारियों के मुताबिक अभी तक इस जघन्य अपराध करने वाले की अभी पहचान नहीं हो पा रही है। वहीं अस्पताल के सीसीटीवी में भी कुछ स्पष्ट नहीं हो रहा है कि इस जघन्य अपराध को किसने और कब अंजाम दिया है।


 
 
बताते हैं कि शनिवार सुबह सफाई कर्मचारी ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाथरूम की फ्लश में एक पूर्ण विकसित भ्रूण नुमा बच्चे का शव पड़े होने की सूचना मिली। अस्पताल के कर्मचारियों ने अस्पताल के प्रबंधन को इसकी सूचना दी।

माना जा रहा है कि किसी ने रिश्तों को शर्मसार करते हुए बाथरूम में किसी पाप को छुपाने के लिए यह कृत्य किया होगा। अस्पताल कर्मचारियों के मुताबिक अभी तक इस जघन्य अपराध करने वाले की अभी पहचान नहीं हो पा रही है। वहीं अस्पताल के सीसीटीवी में भी कुछ स्पष्ट नहीं हो रहा है कि इस जघन्य अपराध को किसने और कब अंजाम दिया है।
बताया जा रहा है कि डेराबस्सी अस्पताल में इतनी सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद इस कृत्य को अंजाम देने वाली महिला को किसी ने आते-जाते नहीं देखा जबकि इमरजेंसी गेट पर दो दरवाजे लगे हुए हैं और वार्ड में 2 नर्से व प्राइवेट नर्सिंग कालेजों का ट्रेनिंग स्टाफ 24 घँटे ड्यूटी पर रहता है।
एसएमओ संगीता जैन की भूमिका भी संदिग्ध

अस्पताल की एसएमओ संगीता जैन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, सीसीटीवी में अभी तक ऐसा कोई संदिग्ध सामने नहीं आया । इस सारे प्रकरण में संगीता जैन की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है क्योंकि इससे पहले भी एक नाबालिग लड़की ने एक बच्चे को जन्म दिया था जिसके रिश्तेदारों को अस्पताल की एक महिला स्टाफ कर्मी ने नवजन्मे बच्चे को चंडीगढ़ के किसी अनाथ आश्रम को देने के केस भी सामने आया था जिसकी बकायदा मुबारिकपुर चौकी में एफ.आई.आर भी दर्ज नही की गई है उसका भी एसएमओ संगीता जैन आज तक खुलासा नहीं कर सकी। जब इस मामले की जानकारी लेने के लिए जब पत्रकारों की टीम अस्पताल में एसएमओ के पास गई तो मोहतरमा ने उनसे भी बदसलूकी की।

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