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चंडीगढ़

पर्सनल लोन पर ब्याज दर 47 फीसदी फुलेर्टन इंडिया को 492000 का जुर्माना

May 28, 2019 09:01 PM

चंडीगढ, संजय मिश्रा:
फुलेर्टन इंडिया द्वारा अपने ग्राहकों को 47% ब्याज दर पर पर्सनल लोन देना भारी पड़ गया, चंडीगढ़ उपभोक्ता आयोग ने कंपनी पर 492000 रुपए का जुर्माना लगाया है।
मोहाली निवासी जसमेर सिंह ने चंडीगढ़ उपभोक्ता मंच में शिकायत देकर बताया था कि उसने अक्तूबर 2011 में फुलेर्टन इंडिया कंपनी से 62392 रुपए का पर्सनल लोन लिया था जिसे 36 महीने में चुकता किया जाना था। 36 महीने के बाद भी कंपनी ने किश्त काटना जारी रखा और दो किश्त ज्यादा ले लिया। फिर कंपनी ने जिस ब्याजदर पर लोन देने की बात कही थी, असल मायनों में उससे काफी ज्यादा का ब्याजदर वसूला गया यानि की 47%।
उपभोक्ता मंच में फुलेर्टन इंडिया कंपनी ने बताया कि लोन 36 माह के लिए नहीं बल्कि 48 माह के लिए लिया गया था और 48 माह पूरे होने के बाद किश्त का काटना अपने आप बंद हो जाएगा। फोरम ने शिकायत को सही नहीं मानते हुए इसे खारिज कर दिया जिसकी अपील उपभोक्ता आयोग में दी गई।
उपभोक्ता आयोग ने अपील संख्या 65/ 2018 का निपटारा करते हुए कहा कि- पर्सनल लोन पर 47% का ब्याजदर किसी भी लिहाज से सही नहीं है और ये भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देश दिनांक 2 जनवरी 2009 के खिलाफ है। आयोग ने कहा पर्सनल लोन 12% से 16% के ब्याजदर पर जायज है जैसा कि अन्य राष्ट्रीयकृत बैंक करते है। आयोग ने कहा कि फुलेर्टन इंडिया कंपनी इस बात को साबित करने में नाकाम रही कि उसे 47% ब्याजदर वसूलने का अधिकार कहाँ से मिला। कंपनी ने न जाने कितने उपभोक्ताओं के साथ इस तरह का धोखा किया होगा जिस कारण इस पर हैवी कोस्ट डालना जरूरी बनता है। अंततः फोरम ने कंपनी की अन्य दलीलों खारिज करते हुए फुलेर्टन इंडिया को आदेश दिया कि वो - मेम्बरशिप एवं सम्पूर्ण सुरक्षा के नाम पर लिए गए 6500 रुपया उपभोक्ता को वापस करे। 30 दिन के भीतर "बकाया नहीं है" का प्रमाणपत्र दे। मानसिक यातना के लिए 70000 एवं मुकदमा खर्च के लिए 22000 रुपया भी उपभोक्ता को दे। उपरोक्त के अलावा कंपनी 200000 रुपया चंडीगढ़ पीजीआई को गरीब मरीज इलाज फंड में दे एवं 200000 रुपया उपभोक्ता आयोग के उपभोक्ता सहायता फंड मे जमा कराये।

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