ENGLISH HINDI Tuesday, June 25, 2019
Follow us on
ताज़ा ख़बरें
महंगी बिजली मुद्दे पर राज्यपाल को मिलेगा 'आप': अरोड़ाअध्यापकों के ऑनलाइन तबादला नीति अब पब्लिक डोमेन में: सिंगलानहीं रहे स्वतंत्रता सेनानी सुशील रतन, बुधवार को होगा अंतिम संस्कारअपने हृदय सम्राट, पुण्यात्मा, समाज सुधारक स्व: सीताराम जी बागला की पुण्यतिथि पर नतमस्तक हुए क्षेत्रवासीनशाखोरी, ग़ैर-कानूनी तस्करी विरुद्ध 26 को हर जिले में मनाया जायेगा: सिद्धू12 एचसीएस अधिकारियों के स्थानान्तरण एवं नियुक्ति आदेश जारीजल के समुचित उपयोग से भारत भविष्य की प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रह सकता है: शेखावत नाभा जेल हत्या मामले के सभी पक्षों की जांच के लिए एस.आई.टी. का गठन
राष्ट्रीय

बच्चों की भौतिक शिक्षा के साथ आध्यात्मिक शिक्षा जरूरी

May 28, 2019 11:03 PM

आबू रोड। सात दिवसीय बाल व्यक्तित्व विकास शिविर में प्रतियोगिता में विजेता बच्चों को देश के पहले लोकपाल पीसी घोष ने पुरस्कार वितरण कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बच्चे आने वाले कल के भविष्य हैं। इनके संवारना अर्थात देश का भविष्य संवारना है। वे ब्रह्माकुमारीज संस्था के शांतिवन स्थिति डायमंड हॉल में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में सम्बोधित कर रहे थे।

आगे उन्होंने कहा कि हमारे देश में नौनिहालों को संभालना जरूरी है क्योंकि कई प्रकार की बुरी आदते युवाओं को अपने कब्जे में लेती जा रही है। इसलिए इससे बचाना आज हर एक माता पिता की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। हर एक मॉं बाप को अपने बच्चों पर पूरी नजर होनी चाहिए कि वह कहॉं जा रहा है और क्या कर रहा है। यही निगरानी बच्चों को दलदल में जाने से बचा सकता है।
समारोह में पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में शिक्षा प्रभाग के अध्यक्ष तथा बाल व्यक्तित्व विकास शिविर कार्यक्रम में कोआर्डिनेटर बीके मृत्युंजय ने कहा कि हमें इस तरह के शिविर का आयोजन करते हुए चालीस वर्ष हो गये। अब तक सैकड़ों बच्चों ने अपने जीवन को संवारा है और अपने अपने कार्य क्षेत्रों में मूल्यों और संस्कारों का परचहम फहरा रहे हैं। ऐसे ही बच्चे आने वाले समाज की तकदीर बदलेंगे। इसलिए इन्हें छोटे बच्चों की भौतिक शिक्षा के साथ आध्यात्मिक शिक्षा जरूरी है।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज संस्थान शिक्षा प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका बीके सुमन ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा कहा कि बच्चे ठीक होंगे तो समाज ठीक होगा। इसलिए अपने जीवन को हमेशा उपयोगी बनाने का अभ्यास करना चाहिए।
बच्चों का हुआ सम्मान: इस अवसर पर लम्बी दौड़, उंची दौड़, वक्तृत्व कला, नृत्य कला, म्यूजिकल चेयर, बोरी दौड़, लेमन चम्मच दौड़ प्रतियोगिता विजेता बच्चों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ में प्रभाग के अध्यक्ष बीके मृत्युंजय समेत कई लोग उपस्थित थे। 

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
और राष्ट्रीय ख़बरें
जल के समुचित उपयोग से भारत भविष्य की प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रह सकता है: शेखावत मेडिकल शिक्षा के साथ व्यवहारिकता का पाठ पढ़ाया जाएगा एम्स में योग को दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान भारतीय नौसेनेा के लिए छह पी75 पनडुब्बियों के निर्माण के लिए अभिरूचि पत्र आमंत्रित मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. निशंक ने किया राष्ट्रीय बाल भवन संस्था का औचक निरीक्षण रीज़नल आउटरीच ब्यूरो अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कल योग सत्र का आयोजन योग मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए भारतीय तीरंदाज सम्मानित बांग्लादेश और दक्षिण कोरिया के चैनल दूरदर्शन फ्री डिश पर चैनलों को रियलटी शो और कार्यक्रम दिखाए जाते समय बच्‍चों की भागीदारी में संयम और संवेदनशीलता बरतने की सलाह