ENGLISH HINDI Tuesday, June 18, 2019
Follow us on
पंजाब

जीरकपुर में एयरपोर्ट के 100 मीटर के दायरे में नगर कौंसिल ने गिराए निर्माण

June 03, 2019 09:20 PM

जीरकपुर, जेएस कलेर

हाईकोर्ट के निर्देश पर एयरपोर्ट की बाऊंड्री वॉल से 100 मीटर के दायरे में किए अवैध निर्माण को प्रशासन ने दोबारा जांच कराकर चिन्हित कर लिया है। एटीपी राजेश जिंदल ने बताया कि ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर ली जा चुकी है। इंटरनैशनल एयरपोर्ट जीरकपुर के हिस्से में 100 मीटर के दायरे में किए गए अवैध निर्माण को लेकर सर्वे कराया गया था।

चंडीगढ़ इंटरनैशनल एयरपोर्ट के 100 मीटर के दायरे में निर्माणों पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की सख्ती के बाद आखिरकार जीरकपुर नगर कौंसिल एक्शन मोड में है। शनिवार को नगर कौंसिल की जेसीबी से अवैध निर्माणों को गिराया। जीरकपुर नगर कौंसिल का दावा है कि सर्वे करने के बाद अवैध निर्माण करने वालों को पहले वार्निंग फिर नोटिस जारी किए गए थे जिन्हें शनिवार को गिरा दिया गया।

हाईकोर्ट के निर्देश पर एयरपोर्ट की बाऊंड्री वॉल से 100 मीटर के दायरे में किए अवैध निर्माण को प्रशासन ने दोबारा जांच कराकर चिन्हित कर लिया है। एटीपी राजेश जिंदल ने बताया कि ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर ली जा चुकी है। इंटरनैशनल एयरपोर्ट जीरकपुर के हिस्से में 100 मीटर के दायरे में किए गए अवैध निर्माण को लेकर सर्वे कराया गया था।

जिक्रयोग है कि एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए ख़तरा मानते हुए माननीय हाईकोर्ट में चल रहे मामलें में जहाँ एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से ताज़ा निर्माणों की तस्वीरें पेश करने पर अदालत की ओर से नगर कौंसिल जीरकपुर के आधिकारियों को सख़्त फटकार लगाई गई थी जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की दीवार नज़दीक 100 मीटर निर्माण वर्जित क्षेत्र में निर्माण कर बैठे लोगों को हाईकोर्ट के सख़्त रुख के चलते राहत मिलने के असार बहुत कम हैं। बीते समय दौरान नगर कौंसिल के आधिकारियों की ओर से प्रयोग की गई नरमी दौरान इस मनाही क्षेत्र में इमारतों का भंडार बन गया है।
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की जल निकासी के प्रबंधों को लेकर नगर कौंसिल प्रशासन की ओर से अदालत से तीन महीनो का समय मांगा गया है और इस संबंध में प्रशासन की ओर से एक 1 करोड़ 96 लाख 50 हज़ार रुपए की लागत के साथ बनने वाले बरसाती नाले की ड्राइंग भी मुकम्मल की जा चुकी है परन्तु बुधवार को सुनवाई के दौरान एयरपोर्ट अथारटी के आधिकारी की ओर से अदालत में जीरकपुर के मनाही क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की तस्वीरों पेश की गई हैं जिस पर हाईकोर्ट की तरफ से इस मामले और सख़्त रुख अपनाया था।

पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से इस क्षेत्र में नए निर्माण पर पूर्ण पूर से रोक के आदेश के बावजूद यहां निर्माण जारी रहने की रिपोर्ट मिलती रही है। इस पर पंजाब सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति अब इस क्षेत्र का सर्वेक्षण करेगी। समिति को छह सप्ताह में नए निर्माणों की सूक्ष्म रिपोर्ट अदालत में दायर करनी होगी।

हाईकोर्ट ने इस समिति में पंजाब के नागरिक उड्डयन विभाग के प्रधान सचिव, गमाडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर, मोहाली के उपायुक्त, जीरकपुर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी और चंडीगढ़ एयरफोर्स के एक वरिष्ठ अधिकारी को भी शामिल किए जाने के आदेश दिए हैं।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
और पंजाब ख़बरें
जीरकपुर.पटियाला सड़क पर हादसे में एक ही परिवार के छह सदस्य घायल हाईवे पर ट्रक डिवाईडर पर चढ़ा तो लगा दो घंटे जाम ओएलएक्स पर लगातार हो रहीं है ठगी की वारदातें, फ्रिज की खरीद के नाम पर बैंक खाते से निकाले 48 हजार 4000 किलो प्लास्टिक के लिफ़ाफ़े किये ज़ब्त खाना-जंगी में बे-वजह 'झटके' झेल रहे हैं लोग: चीमा स्कूलों परिसर में वर्दियां और किताबों की बिक्री पर रोक कला व साहित्य प्रेमियों को श्री गुरु नानक देव जी के 550वें गुरूपर्व समारोहों में शामिल होने का न्यौता नगर कांउसिल ज़ीरकपुर का 81 करोड़ 42 लाख रु. का वार्षिक बजट पास पंजाब विधानसभा की विभिन्न कमेटियाँ गठित, नोटिफिकेशन जारी पॉवर कारपोरेशन द्वारा क्षेत्रीय दफ़्तरों में कंट्रोल रूम स्थापित