ENGLISH HINDI Saturday, September 21, 2019
Follow us on
 
राष्ट्रीय

योगिक व जैविक खेती को बढ़ावा देना समय की मांग

June 07, 2019 10:55 AM

माउंट आबू, फेस2न्यूज:
गुजरात गांधीनगर प्रशासक प्रभाग अतिरिक्त सचिव संगीता सिंह ने कहा कि योगिक व जैविक खेती अति उत्तम है। स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद जैविक व यौगिक खेती को बढ़ाना देना चाहिए। ब्रह्माकुमारी संगठन द्वारा गांव-गांव में किए जा रहे कार्य सार्थक सिद्ध हो रहे हैं। प्रकृति के साथ अन्नदाता किसान का गहरा संबंध होता है। किसानों की आर्थिक उन्नति तीव्रगति से विकसित करने को उन्हें खेती करते समय भी अध्यात्मिक विचारों के चिन्तन में रहना चाहिए। वे गुरुवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर में ग्राम विकास
प्रभाग द्वारा स्वर्णिम भारत का आधार शाश्वत यौगिक खेती विषय पर आयोजित सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित कर रहीं थीं।
गुजरात कृषि मंत्रालय अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने कहा कि प्रकृति का स्वभाव दातापन का है। प्रकृति एक मां की तरह हर मानव की पालना करती है। प्रकृति मानवीय आवश्यकताओं को नियमानुसार पूरा करने में सक्षम है, बशर्ते प्राकृतिक नियमों के अनुरुप मानव उनका सदुपयोग करे। जब पूरे मनोयोग से किसी कार्य को किया जाता है तो उसके सकारात्मक परिणाम स्वत: प्राप्त होते हैं।
प्रभाग अध्यक्षा राजयोगिनी बीके सरला बहन ने कहा कि प्राचीन भारतीय संस्कृति व सभ्यता सुख, शान्ति से जीने का तरीका सिखाती है। ग्रामीण जीवनशैली को पाश्चात्य संस्कृति से दूर रहना चाहिए।
मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष बीके करूणा ने कहा कि गांववासियों को नैतिकता जैसे जीवनोपयोगी मूल्यों से संपन्न करने का जो संगठन की ओर से भगीरथ कार्य किया जा रहा है वह खुली किताब की तरह है। गांव के बेहतर उत्थान को मेहनतकर्ता किसानों को आधुनिकता व अध्यात्मिकता का समन्वय रखना आवश्यक है।
गोंदिया रूचि ग्रुप निदेशक बीके महेंद्र ने कहा कि समाज के हर तबके को मानसिक शान्ति व शक्ति प्राप्त करने के लिए राजयोग का अभ्यास करने की जरूरत है। राजयोग मनोबल को बढ़ाने में सहायक है।
प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका बीके तृप्ति बहन ने कहा कि किसान के मन में संकल्प रूपी बीज सकारात्मक हो तो अनाज भी शक्ति प्रदान करने वाला होता है। जैविक खादों के प्रयोग से अनाज की पौष्टिकता भी उच्च गुणवत्ता वाली होती है।
प्रभाग के मुख्यालय संयोजक बीके सुमन्त कुमार ने कहा कि गांवों के सर्वागीण विकास को ग्रामवासियों में एकता के साथ आपसी सदभाव, पे्रम, सुख, शान्ति आदि मूल्यों को महत्व देना चाहिए।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
और राष्ट्रीय ख़बरें
एम्स में तीन दिवसीय कंप्यूटर एडिड ड्रग्स डिजाइनिंग कार्यशाला संपन्न छात्र, शिक्षक अन्‍य भाषाएं सीखने के साथ ही मातृभाषा को भी पर्याप्‍त महत्‍व दें एसीसी नियुक्ति दिल्ली एयरपोर्ट पर पांच अफगान यात्री पकड़े, 15 करोड़ की हेरोइन के 370 कैप्सूल बरामद जीवन की सार्थकता है 'स्वार्थ से सर्वार्थ की यात्रा, परमार्थ की यात्रा' तीसरा विश्व हिमालय सम्मेलन अगले वर्ष नेपाल में 15वें वित्‍त आयोग का दल सिक्किम का दौरा करेगा इस्पात उद्योग से रणनीति पर पुनर्विचार करने की अपील कंप्यूटर तकनीकी से नई दवाओं की खोज सराहनीय: प्रो. कांत पहाड़ों पर चढ़ने, नियमित सफर करने वाले हो सकते हैं किन बीमारियों के शिकार