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पंजाब

बेचे गए दुर्लभ दस्तावेजों की हाईकोर्ट की निगरानी में हो सीबीआई जांच: आप

June 12, 2019 08:07 PM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:

आम आदमी पार्टी पंजाब ने अकाली दल (बादल) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर दोष लगाया है कि वह (बादल) साका नीला तारा (1984) मौके सिक्ख रैफरैंस लाइब्रेरी से भारतीय फौज की ओर से जब्त और नष्ट किए बेहद विलक्षण और बेशकीमती दस्तावेजों के बारे में देश विदेश में रहती समूची संगत को गुमराह कर रहे हैं, जिससे लोगों का ध्यान इन दस्तावेजों के बाहर-के-बाहर बेचे जाने के बारे में लग रहे गंभीर दोषों से भटकाया जा सके।
पार्टी द्वारा बुद्धवार को जारी संयुक्त बयान में पार्टी के नेताओं प्रो. बलजिन्दर कौर, कुलतार सिंह संधवां, जै किशन सिंह रोड़ी, मनजीत सिंह बिलासपुर और कुलवंत सिंह पंडोरी (सभी विधायक) ने कहा कि सिक्ख रैफरैंस लाइब्रेरी से गायब दुर्लभ पवित्र स्वरूप और दस्तावेजों की वापसी के लिए सुखबीर सिंह बादल की ओर से पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक की गई पहुंच केवल एक नाटक है, क्योंकि बादल खुद केंद्र सरकार का हिस्सा हैं, जो 1984 के बाद एक दशक से अधिक समय शासन कर चुकी है और अब भी सत्ता में है, परंतु सुखबीर सिंह बादल ऐसे प्रभाव दे रहे हैं, जैसे विरोधी पक्ष में हों।
'आप' विधायकों ने सुखबीर सिंह बादल को कहा कि यदि वह सचमुच पंजाब और पंथ के हितैषी होते तो केंद्र की सत्ता में हिस्सेदार होने के नाते बहुत समय पहले ही भारत सरकार की तरफ से जब्त सभी बेशकीमती दस्तावेजों को वापिस ला चुके होते।
'आप' विधायकों ने सुखबीर सिंह बादल को सीधा सवाल किया कि जो दस्तावेज भारतीय फौज/सरकार की तरफ से शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को समय-समय पर ऑन रिकार्ड वापस किए जा चुके हैं, परंतु सिक्ख रैफरैंस लाइब्रेरी से गायब हैं, वह (बादल) उन दस्तावेजों के गायब होने की उच्च स्तरीय जांच से अब तक क्यूं भागते आ रहे हैं, जबकि उनकी अपनी पार्टी (अकाली दल) से सम्बन्धित रहे पंथक नेता इन दस्तावेजों को करोड़ों रुपए में बेचे जाने के गंभीर दोष लगा रहे हैं।
'आप' विधायकों ने दोष लगाया कि इन ऐतिहासिक और दुर्लभ दस्तावेजों को एसजीपीसी के आधिकारियों ने बादलों की मिलीभुगत से बाहर- के-बाहर मोटी रकम ले कर बेेचा हैं, जिस की माननीय हाईकोर्ट की निगरानी में नए सिरे से सीबीआई जांच होनी चाहिए।
'आप' विधायकों ने केंद्र सरकार से भी मांग की है कि वह इन दस्तावेजों के बारे में एक वाइट पेपर जारी करे जिससे दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ सके।

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