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पंजाब

स्कूलों परिसर में वर्दियां और किताबों की बिक्री पर रोक

June 16, 2019 12:14 PM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
राज्य में कुछ प्राईवेट स्कूलों द्वारा मां-बाप के आर्थिक शोषण सम्बन्धी मिली रिपोर्टों पर सख्त कार्यवाही करते हुये पंजाब के शिक्षा मंत्री श्री विजय इंद्र सिंगला ने राज्य में स्थित सी.बी.एस.ई./ आई.सी.एस.ई. और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों को निर्देश जारी किये हैं कि वह मां-बाप को स्कूल द्वारा सुझायी गई दुकान /फर्म से किताबें या वर्दियां खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। इसके साथ ही स्कूल परिसर में किताबें और वर्दियों की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।   

प्राईवेट स्कूलों को बोर्ड द्वारा प्रवानित किताबों की सूची स्कूल की वैब-साइट पर अपलोड करने के लिए दिए निर्देश, डिफालटर स्कूलों के एन.ओ.सी. किये जाएंगे रद्द


इस सम्बन्धी जारी किये दिशा-निर्देशों अनुसार स्कूल द्वारा लगाई गई वर्दी कम से-कम तीन वर्ष के लिए लागू रहेगी और इस समय के दौरान वर्दी के रंग और डिज़ाइन में किसी किस्म की कोई तबदीली नहीं की जायेगी। वर्दी के रंग, डिज़ाइन, टेक्सचर/ मटीरियल आदि सम्बन्धी सारी जानकारी स्कूल की वैबसाईट पर अपलोड कर दी जाये जिससे मां-बाप द्वारा रेडिमेड वर्दी किसी भी जगह से खऱीदी जा सके या अपनी ज़रूरत के मुताबिक सिलवायी जा सके।

इसके साथ ही स्कूल अथॉरिटी के लिए यह भी लाजि़मी किया गया है कि वह बोर्ड के सिलेबस पर आधारित प्रवानित किताबें ही इस्तेमाल की जाएं और इन किताबों की सूची स्कूल की वैबसाईट पर अपलोड की जाये जिससे विद्यार्थी /माता-पिता अपनी सुविधा के मुताबिक किसी भी जगह से किताबें खरीद सकें।
स्कूलों को जारी की गई हिदायतों यह भी स्पष्ट करती हैं कि कई स्कूल द्वारा पिछले वर्ष के सिलेबस में कुछ तबदीली बताकर कई प्राईवेट प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए ज़ोर डाला जाता है जबकि बोर्ड द्वारा सिलेबस में ऐसी कोई तबदीली नहीं की गई होती। यह सब कुछ विद्यार्थियों और उनके मां-बाप को मूर्ख बनाने के लिए किया जाता है जिससे वह सैकंड हैड किताबें न खरीद सकें और नयी किताबों पर खर्चा किया जा सके।
इसीलिए ऐसी धोखाधडिय़ों पर लगाम लगाने की ज़रूरत है जिससे माता-पिता/ विद्यार्थियों को नयी किताबें खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े।
उक्त हिदायतों को लागू करने सम्बन्धी एक सप्ताह का समय देते हुये यह जानकारी भी दी गई कि जिन स्कूलों की वैबसाईट नहीं है वह जल्द से जल्द अपने स्कूल की वैबसाईट तैयार करवा कर किताबें और वर्दियों सम्बन्धित सारी सूची अपलोड करें और इस सम्बन्धी किसी किस्म की कोई कोताही या बहाना बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। इन हिदायतें की पालना के मद्देनजऱ स्कूलों की अचानक चैकिंग भी की जायेगी।
यह आदेश यह भी स्पष्ट करते हैं कि उक्त हिदायतों की पालना ना करने वाले स्कूलों के एन.ओ.सी. रद्द कर दिए जाएंगे।

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