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पंजाब

पंथ और पंजाब हितैषी होने की ड्रामेबाजी छोड़ें बादल: प्रो. बलजिन्दर कौर

June 18, 2019 08:13 PM

चंडीगढ़, फेस2न्यूज:
आम आदमी पार्टी पंजाब के तलवंडी साबो से विधायक और मुख्य प्रवक्ता प्रो. बलजिन्दर कौर ने बादल परिवार पर फिर से पंथक ड्रामेबाजी करने का दोष लगाया है।
पार्टी द्वारा जारी बयान में प्रो. बलजिन्दर कौर ने कहा कि बादल परिवार ने पंथ को हमेशा अपने निजी राजनैतिक हितों के लिए बेदर्दी के साथ इस्तेमाल किया है और अब भी इस्तेमाल करने की फिराक में हैं, पंजाब के लोगों को बादलों की गिरगिटी चालों से सावधान रहने की जरूरत है।
'आप' विधायक ने कहा कि पंथक संस्थाओं और पंजाब का जो नुकसान बादल परिवार और उनके चेले-चपाटों ने किया है, यह किसी से छिपा नहीं है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी और बहबल कलां गोलीकांड के संबंध में गठित विशेष जांच टीम (सिट) के बादलों की ओर से हुए इशारों के बाद अब ज्ञानी इकबाल सिंह के सनसनीखेज खुलासों ने साबित कर दिया है कि पैसे और सत्ता के लिए बादलों का परिवार किसी भी हद तक जा सकता है।
बलजिन्दर कौर ने कहा कि 10 वर्षों के माफिया राज के दौरान बादल परिवार ने पंजाब को आर्थिक, धार्मिक और सामाजिक स्तर पर बराबर तबाह किया है। पंजाब और पंजाबियों का रोम-रोम ऋणी कर दिया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी समेत सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों की बेअदबी की। गांव स्तर से लेकर विश्व स्तर तक पंजाबियों को कभी पंथ और कभी पार्टी के नाम पर बांटने और सामाजिक तौर पर तोडऩे की चालें चली, मकसद सिर्फ वोट हासिल करना ही रहा।
बलजिन्दर कौर ने कहा कि पंथ, पंजाब, पंजाब के पानी, पंजाब की राजधानी, पंजाबी बोलते इलाके और 1984 के भावनात्मिक नारों के द्वारा बार-बार सत्ता का आनंद लिया परंतु अपने राज भाग के दौरान इन मुद्दों को जानबुझ कर एक तरफ रखा। अब जब सत्ता पर काबिज नहीं है तो फिर से पंथ और पंजाब हितैषी होने के ड्रामें पर उतर आए हैं।
बलजिन्दर कौर ने कहा कि 1984 के सिक्ख कत्लेआम में कथित तौर पर शामिल कांग्रेसी नेता और मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री कमल नाथ के बारे में सुखबीर सिंह बादल ऐसे नाटक कर रहे हैं, जैसे उनकी केंद्र में विरोधी पक्ष की सरकार हो। उन्होंने कहा कि यदि बादल कमल नाथ समेत 1984 के सिक्ख कत्लेआम के सभी दोषियों को सजा दिलाने की सच्ची नीयत रखते हैं तो अपनी नरिन्दर मोदी सरकार के द्वारा न केवल 1984 के सभी बंद पड़े केस फिर से खोलें बल्कि समयबद्ध जांच करवा कर कमल नाथ और जगदीश टाइटलर सभी को जेलों में फेंकें, जिनमें आरएसएस के लोग भी शामिल हैं।
इसी तरह पंजाब के सभी लम्बित टकसाली मुद्दों के पंजाब समर्थकी हल, पहाड़ी राज्यों की तर्ज पर पंजाब के लिए विशेष औद्योगिक पैकेज, किसानों को स्वामीनाथन सिफारिशों के मुताबिक फसलों के लाभदायक दाम और पंजाब के सिर चढ़े कर्ज के निपटारे के लिए भाजपा के साथ लकीर खींच कर स्टैंड लें या फिर हरसिमरत कौर बादल की वजीरी त्याग कर भाजपा की अपेक्षा पक्के तौर पर राजनैतिक नाता तोड़ें।

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