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पंजाब

विजिलेंस जांच के चलते कई अफसर नदारद, चौथे दिन भी हुई पूछताछ, हाईप्रेाफाइल मामले पर एआईजी ने कहा, जांच जारी

June 24, 2019 09:24 PM

जीरकपुर, जेएस कलेर

  स्टेट विजिलैंस की ओर से शुक्रवार को जीरकपुर के नगर कौंसिल दफ़्तर व एक बिल्डर के प्रोजेक्ट में स्टेट विजिलेंस एआइजी आशीष कपूर के नेतृत्व में 24 से अधिक अधिकारियों की टीम ने छापेमारी कर कई दस्तावेज अपने कब्जे में लिए थे।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार इसके बाद से ही नगर कौंसिल के अधिकारियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।

विजिलैंस ब्यूरो ने अधिकारियों से शनिवार व रविवार को भी पूछताछ की गई थी वहीं दो दिन की छुट्टी के बाद आज सोमवार को भी ईओ व एटीपी से स्टेट विजिलैंस अधिकारियों की ओर से पूछताछ के चलते दफ्तर से कुछ अधिकरी नदारद रहे जिसके चलते अपने काम व समस्याएं लेकर पहुचे लोगों को मायूस होना पड़ा। 

सूत्रों के मुताबिक ब्युरो के पास ईओ गिरीश गिरीश वर्मा के खिलाफ कौंसिल में मनमाने तरीके से कामकाज करने की लगातार शिकायतें पहुंच रही थी। गिरीश वर्मा सिविल कार्यों का अलाटमेंट अपनी मनमर्जी से कर रहे थे। वहीं कुछ पार्षदों ने भी ब्यूरो के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है। अब तक की जांच में यह भी पता चला है कि सिद्धू का निजी स्टाफ नगर कौंसिलों, यहां तक कि स्थानीय निकाय विभाग में अधिकारियों और क्लर्कों की तैनाती में पूरा दखल रखता था। इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में विजिलेंस ब्यूरो कुछ ऐसे ठेकेदारों से भी पूछताछ कर सकता है जो सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर के काफी करीबी हैं।

सूत्रों से यह भी पता चला है कि स्टेट विजिलैंस ब्यूरो ने अपनी जांच का दायरा सीमित करते हुए पिछले दो सालों में जीरकपुर नगर कौंसिल द्वारा पास किए गए प्रोजेक्ट्स के नक्शों पर टिका दिया है। इस सारी जांच की कवायद पूर्व स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और उनके करीबियों की दखलंदाजी से नगर कौंसिल से पास होने वाले नक्शों व प्रोजेक्ट्स पर टिका दी गई है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार ब्यूरो ने नगर कौंसिल से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के अलाटमेंट में घोर अनियमितता की शिकायत पर काम करना शुरू कर दिया है। विजिलेंस ब्यूरो प्रोजेक्टों के अलाटमेंट में सिद्धू के ओएसडी बन्नी संधू की भूमिका तलाश रहा है। वहीं यह भी पता चला है कि विजिलैंस ब्यूरो ने ईओ गिरीश वर्मा के मोबाइल फोन से कुछ ऐसे मैसेज हासिल किए थे जो उन्हें स्थानीय निकाय विभाग की ओर से किए गए थे।

ब्यूरो, ईओ गिरीश वर्मा से यह जानने की कोशिश कर रहा है कि यह मैसेज किसने और क्यों किए हैं। ब्यूरो ने जिन प्रोजेक्ट्स की फाइलें कब्जे में ली है उनकी विशेषज्ञों द्वारा पड़ताल करवाई जा रही है। इस मामले को ब्यूरो कितनी गंभीरता से देख रहा है, इसका अंदाजा इसी से चलता है कि लगातार चौथे दिन भी ब्यूरो के अधिकारी फाइलों की पड़ताल व अधिकारियों से पूछताछ में जुटे रहे।

सूत्रों के मुताबिक ब्युरो के पास ईओ गिरीश गिरीश वर्मा के खिलाफ कौंसिल में मनमाने तरीके से कामकाज करने की लगातार शिकायतें पहुंच रही थी। गिरीश वर्मा सिविल कार्यों का अलाटमेंट अपनी मनमर्जी से कर रहे थे। वहीं कुछ पार्षदों ने भी ब्यूरो के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है। अब तक की जांच में यह भी पता चला है कि सिद्धू का निजी स्टाफ नगर कौंसिलों, यहां तक कि स्थानीय निकाय विभाग में अधिकारियों और क्लर्कों की तैनाती में पूरा दखल रखता था। इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में विजिलेंस ब्यूरो कुछ ऐसे ठेकेदारों से भी पूछताछ कर सकता है जो सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर के काफी करीबी हैं।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव नतीजे आने के बाद कैप्टन ने सिद्धू का विभाग बदल दिया, वहीं सिद्धू लगातार दिल्ली स्थित कांग्रेस हाईकमान की शरण में हैं लेकिन अब तक सिद्धू ने उन्हें दिए गए बिजली विभाग का कामकाज नहीं संभाला है जिसकी कमान अब खुद मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह संभाल रहे हैं। वहीं ब्यूरो की कार्रवाई से स्पष्ट है कि आने वाले समय में सिद्धू की परेशानी बढ़ना तय है।

विजिलेंस अधिकारी इस संबंध में फिलहाल कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। एआइजी आशीष कपूर ने केवल इतना ही कहा कि अभी जांच चल रही है।

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