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पंजाब

कैप्टन सरकार की अहम जिम्मेदारी है पंजाब के लोगों को सस्ती बिजली देना: केजरीवाल

June 30, 2019 02:53 PM

नई दिल्ली, फेस2न्यूज:
पंजाब में हद से ज्यादा महंगी बिजली दरों के विरोध में आम आदमी पार्टी द्वारा खोले गए मोर्चे के अंतर्गत 'आप' लीडरशिप अगले 2 माह गांवों और मोहल्लों में पूरी तरह से सक्रिय रहेगी। यह फैसला शनिवार को 'आप' के राष्ट्रीय कनवीनर और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने पंजाब में चलाए जा रहे बिजली मोर्चे की आगामी रूप रेखा के लिए दिल्ली में बुलाई गई एक सूत्री बैठक के दौरान लिया।
मुख्यमंत्री के गृह स्थान पर बुलाई इस बैठक में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री गोपाल राए, पंजाब के प्रधान और संसद मैंबर भगवंत मान, राज्य कोर कमेटी के चेयरमैन प्रिंसिपल बुद्धराम, विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा, सीनियर विधायक अमन अरोड़ा, कुलतार सिंह संधवां, रुपिन्दर कौर रूबी, मनजीत सिंह बिलासपुर, मीत हेयर, जै किशन सिंह रोड़ी, कोर कमेटी मैंबर कुलदीप सिंह धालीवाल, सुखविन्दर सुखी, जमील-उर-रहमान, दलबीर सिंह ढिल्लों, डा. बलबीर सिंह, मनजीत सिंह सिद्धू, राजनैतिक समीक्षा कमेटी के चेयरमैन हरचन्द सिंह बस्र्ट समेत सभी जिला अध्यक्ष, हलका अध्यक्ष, लोकसभा उम्मीदवार और विभिन्न विंगों के प्रमुख और अधिकारी मौजूद थे।
इस दौरान विधायक मीत हेयर को बिजली मोर्चे की समूची मैनेजमेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई और एक बिजली मोर्चा समिति गठित करने का फैसला लिया गया, जो माहिरों की मदद से पंजाब के लोगों को बिजली दरें, बिलों और मीटरों आदि की खुद जांच करने की प्रशिक्षण और जानकारी देगी। विचार चर्चा दौरान अरोड़ा ने जहां पिछली बादल सरकार की तरफ से निजी थर्मल प्लांटों के साथ किए बेहद महंगे और घातक शर्तों वाले बिजली खरीद समझौते (पीपीएज़) के द्वारा पंजाब के खजाने और लोगों की जेबों को लूटने सम्बन्धित सभी अधिकारियों को विस्तार सहित कड़वी सचाई जनतक की वहीं यह भी सामने आया कि बिजली के मीटर तेज चलते हैं।
बैठक दौरान बार-बार यह बात भी चर्चा का विषय बनी कि निजी थर्मल प्लांटों से किए समझौते इसलिए रद्द नहीं किए जा रहे क्यूंकि इन कंपनियों के साथ सत्ताधारीओं ने अपना मोटा कमिशन तय किया हुआ है।
इस अवसर पर अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि बादलों और कांग्रेसियों की इस कमिशन के बारे में घर-घर जा कर बताया जाएगा। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में भी पिछली कांग्रेस सरकार ने निजी बिजली कंपनियों के साथ सांठ-गांठ की हुई थी, आम आदमी पार्टी की सरकार बनते ही इस बिजली माफिया को तोड़ कर दिल्ली के लोगों को सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध करवाई गई। केजरीवाल ने कहा कि जल्दी ही बिजली की दरों में ओर कटौती करके दिल्ली के लोगों को ओर राहत दी जा रही है। केजरीवाल ने कहा कि अगर दिल्ली सरकार लोगों को राहत दे सकती है तो कैप्टन अमरिन्दर सिंह की सरकार क्यों नहीं कर सकती? क्योंकि वायदे मुताबिक सस्ती बिजली देना कैप्टन की जिम्मेदारी है। उन्होंने ऐलान किया कि अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने पंजाब के लोगों को महंगी बिजली से राहत न दी तो आम आदमी पार्टी की वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर पहला फैसला बिजली सस्ती करने का लिया जाएगा।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि लोक आंदोलन बड़े-बड़े तख्त हिला देते हैं, 'आप' का बिजली मोर्चा एक दिन कैप्टन सरकार को झुका देगा।भगवंत मान ने कहा कि वह महंगी बिजली का मुद्दा पार्लियामेंट में उठाएंगे।

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