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राष्ट्रीय

अहंकारशून्य व्यक्ति ही सच्चा समाजसेवक: गच्छदार

July 02, 2019 10:08 AM

माउंट आबू, फेस2न्यूज:
नेपाल के पूर्व उपप्रधानमंत्री विजय कुमार गच्छदार ने कहा कि जो व्यक्ति निर्माण है वही महान कत्र्तव्यों के प्रति सजग रहता है। अहंकारशून्य व्यक्ति ही सच्चा समाजसेवक होता है। व्यक्ति के चरित्र निर्माण की सेवा करने के लिए स्वयं का चरित्र भी उच्च कोटि का होना चाहिए। समाज में दिन-प्रतिदिन बढ़ते संकटों से उबरने व कड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए ईश्वर का साथ आवश्यक है।मानवीय मन में सत्य ज्ञान के बीज अंकुरित होने से ही सर्वसमस्याओं का हल संभव है, सत्य ज्ञान केवल सत्यम् शिवम् सुन्दरम् परमात्मा से ही प्राप्त होता है। वे प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ज्ञान सरोवर में समाज सेवा प्रभाग द्वारा सुखमय जीवन, स्वस्थ समाज विषय पर आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन के उदघाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उपप्रधानमंत्री गच्छदार ने ब्रह्माकुमारी संगठन की द्वारा प्रशिक्षित राजयोग का अनुभव सांझा करते हुए कहा कि विकटतम परिस्थितियों में नेपाल की जनता को शांति का पाठ पढ़ाने में विश्वव्यापी ब्रह्माकुमारी संगठन का अहम योगदान है जो समय-समय पर लाखों की संख्या में जीवन में समर्पण भाव से परिपूर्ण संगठन के भाई-बहनें नि:स्वार्थरूप से सेवाओं में तत्पर रहते हैं। हिसांत्मक माहौल में भी संगठन के भाई-बहनों ने लोगों को व्यसनों से मुक्त करने, मानसिक तनाव से निजात दिलाने में भी अपने कत्र्तव्यों में अडिग रहे। गांव-गांव जाकर शिव परमात्मा का शान्ति का संदेश देने के कार्य में सहयोग देना पुनीत कार्य है। 

ब्रह्माकुमारी संगठन के ज्ञान सरोवर में समाज सेवकों का सम्मेलन आरंभ


ब्रह्माकुमारी संगठन की मुख्य प्रशासिका १०४ वर्षीय राजयोगिनी दादी जानकी ने कहा कि मैं और मेरापन सेवा में बाधक बनता है। अपने मन को प्रभु अर्पित करने से सेवायें निर्विघ्न रूप से चलती रहती हैं। शांत व स्थिर मन से ही समाज सेवा में सफलता मिलती है। स्वार्थ व चिंताओं से भरा मन सेवा में एकाग्र नहीं हो पाता है।
इंदौर रोटरी इंटरनेशनल पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर डॉ.नलिनी लेंगर ने कहा कि अध्यात्मिकता की मशाल जलाकर ब्रह्माकुमारी संगठन विश्व को ज्ञान की रोशनी से नई दिशा दे रहा है। मनसा, वाचा, कर्मणा से अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहिए। अपने कत्र्तव्यों की राह नहीं छोडऩी चाहिए। सामाजिक संस्कारों की परंपरा, सभ्यता को अपनी विसंगितयों से मानव प्रदूषित कर रहा है। जिस पर रोकथाम लगाने को राजयोग का अभ्यास करना चाहिए।
संगठन महासचिव राजयोगी बीके निर्वैर ने समाजसेवियों से वर्तमान में बढ़ती जल समस्या के स्थाई समाधान को लेकर ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने व वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि सामाजिक समस्याओं के समाधान को एकजुट होकर रहना जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात का जिक्र करते हुए उन्होंने हर व्यक्ति को पौधा रोपित करने पर बल दिया।
प्रभाग की राष्ट्रीय अध्यक्षा राजयोगिनी संतोष बहन ने कहा कि अपेक्षारहित सेवा करने से ही खुशी होती है। विचारों को पवित्र बनाने से सुख, शान्ति की प्राप्ति होती है।राजयोग से ईश्वर से संबंध जोडक़र पवित्र विचारों का मन में आगमन होता है।
नेपाल में ब्रह्माकुमारीज द्वारा की जा रही सेवाओं की जानकारी देते हुए नेपाल सेवाकेंद्रों की मुख्य संचालिका राजयोगिनी राज बहन ने कहा कि भयमुक्त मन से, सत्य की गहराई से ही समाज की सच्ची सेवा होती है। नम्रता, हृदय की विशालता के व्यापक सोच रखने वाले समाज सेवा को मूर्तरूप देने में सक्षम होते हैं।
प्रभाग उपाध्यक्ष बीके अमीर चंद, राष्ट्रीय संयोजक प्रेम सिंह, मुख्यालय संयोजक बीके अवतार, प्रभाग की क्षेत्रीय संयोजिका बीके वंदना बहन ने भी विचार व्यक्त किए।
दादी जानकी का किया सम्मान:
इस अवसर पर नेपाल के पूर्व उपप्रधानमंत्री गच्छदार व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गच्छदार ने दादी जानकी का नेपाल का ऐतिहासिक स्मृतिचिन्ह देकर सम्मान किया। इससे पूर्व स्वागत सत्र में महाराष्ट्र अमरावती से आए नन्हें मुन्हें कलाकारों ने स्वागत गीत व नृत्य के माध्यम से सुखमय जीवन व स्वस्थ समाज का चित्रण प्रस्तुत किया। दीप प्रज्जवलित कर सम्मेलन का उदघाटन किया गया।

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