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पंजाब

महंगी बिजली मुद्दे पर बादलों की ड्रामेबाजी की खोलेंगे पोल: चीमा

July 07, 2019 05:56 PM

चण्डीगढ़, फेस2न्यूज:
आम आदमी पार्टी के नेता और विरोधी पक्ष के हरपाल सिंह चीमा और ‘आप’ के बिजली मोर्चे के को-आर्डीनेटर ने महंगी बिजली के लिए सीधा सुखबीर सिंह बादल को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि बादल दल द्वारा बिजली के मुद्दे पर धरनों का ऐलान केवल राजनैतिक स्टंट है, ‘आप’ लीडरशिप इनकी इस ड्रामेबाजी सारी पोलें खोलेगी।
‘आप’ द्वारा जारी बयान में चीमा ने कहा कि ‘पंजाब और पंजाब के लोगों के लिए यह शुभ शगुन है कि अकाली दल (बादल) ने महंगी बिजली के मुद्दे पर अपनी पिछली सरकार के दौरान खुद ही लगाई आग में हाथ डाल लिया है। सुखबीर सिंह बादल और उसकी समूची पार्टी को लोगों के समक्ष बताना पड़ेगा कि उन्होंने सस्ती बिजली पैदा कर रहे सरकारी थर्मल प्लांटों को बंद करके प्राईवेट थर्मल कंपनियों के साथ बेहद महंगे और घातक शर्तों वाले बिजली खरीद समझौते (पीपीएज) क्यों किए थे? यह भी बताना पड़ेगा कि एक भी यूनिट न खरीदे जाने के बावजूद ‘फिक्स चार्जिज’ के नाम पर इन तीन प्राईवेट थर्मल प्लांटों (तलवंडी साबो, राजपुरा और श्री गोइन्दवाल साहिब) को सरकारी खाजने से वार्षिक 2800 करोड़ रुपए किस के लिए, किसने और क्यों फिक्स किए गए हैं? इस के साथ ही मीत हेयर ने कहा कि लोगों की कचहरी में सुखबीर सिंह बादल को यह भी मानना पड़ेगा कि इन महंगे और पंजाब व लोग विरोधी समझौते में उसने (बादलों) अपनी कितनी हिस्सेदारी रखी है और आज कल कैप्टन सरकार को कितनी हिस्सेदारी ‘कमीशन’ के रूप में जा रही है, क्योंकि कांग्रेस अपने उस चुनावी वायदे से भी भाग गई है, जिस के अंतर्गत पंजाब के लोगों को विश्वास दिलाया गया था, कि कांग्रेस की सरकार बनते ही बादलों की तरफ से किए गए महंगे बिजली समझौते रद्द करके लोगों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जायेगी।
मीत हेयर ने कहा कि पंजाब में चल रहे ‘बिजली माफिया’ की जड़ खुद सुखबीर सिंह बादल हैं और कैप्टन सरकार इनकी हिस्सेदार बन चुकी है। इस लिए आम आदमी पार्टी इनकी ‘चोर साथ ही चतुरता’ वाली राजनैतिक स्टंटबाजी का इनके धरनों के मौके ही राज खोलेंगे। मीत हेयर ने बताया कि ‘बिजली मोर्चे’ के अंतर्गत ‘आप’ के लोगों और पार्टी वर्करों-नेताओं को जागरूक करने के लिए जिलावार प्रोगराम जारी हैं। रविवार को विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा संगरूर और कोर समिति के चेयरमैन प्रिंसीपल बुद्धराम मानसा जिले में सक्रिय रहे। मीत हेयर ने बताया कि 9 जुलाई को इस मुद्दे पर चण्डीगढ़ में लीडरशिप की बैठक उपरांत वह (मीत), हरपाल सिंह चीमा, प्रिंसीपल बुद्धराम, खजांची सुखविन्दर सुखी 10 और 11 जुलाई को दोआबा और माझा में बिजली मोर्चे की कमान संभालेंगे।

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