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राष्ट्रीय

अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन में नरविजय यादव सम्मानित

July 08, 2019 08:48 PM

चंडीगढ़,सुनीता शास्त्री।

  बौद्ध गुरु भिक्खु संघसेना ने हिमालय के पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय योगदान हेतु वरिष्ठ पत्रकार एवं पर्यावरण कार्यकर्ता नरविजय यादव को सम्मानित किया लद्दाख के सर्वोच्च बौद्ध गुरु, भिक्खु संघसेना ने हिमालय के पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय योगदान के लिए, चंडीगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार एवं पर्यावरण कार्यकर्ता नरविजय यादव को लेह में हाल ही में संपन्न एक अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन में सम्मानित किया।

यादव, सेव दि हिमालय फाउंडेशन के चंडीगढ़ चैप्टर के महासचिव हैं और पिछले 30 वर्षों से मीडिया में अपना सक्रिय योगदान देते रहे हैं। भिक्खू संघसेना ने पर्यावरण सम्मेलन के प्रथम दिन अपने संबोधन में कहा, हिमालय के पर्यावरण का संरक्षण न सिर्फ इस वहां रहने वालों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह संपूर्ण विश्व के लिए मायने रखता है, क्योंकि पूरी दुनिया में एक ही हिमालय है।

नरविजय यादव ने सेव दि हिमालय फाउंडेशन के चंडीगढ़ चैप्टर के महासचिव के तौर पर उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिसके लिए हम सब उनके आभारी हैं। तीन दिन के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में, हिमालय के पर्यावरण एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के अलावा, विश्व शांति एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गयी।

सम्मेलन में भाग लेने के लिए देश-विदेश से अनेक विद्वान आये हुए थे, जिनमें नेपाल के एकमात्र अरबपति व्यवसायी एवं चौधरी ग्रुप के चेयरमैन श्री बिनोद चौधरी, जर्मन पर्यावरणविद् डॉ. सुजाने फॉन डे हाइडे, नासा अमेरिका के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. नूर गिलानी, इसीमोड भूटान के डॉ. ताशी दोरजी, नव-नालंदा महाविहारा की प्रोफेसर रूबी कुमारी, कजाखस्तान के पूर्व राजदूत श्री फुंचोक स्तोबदन तथा इंडिया ग्लोबल पीस इनीशिएटिव, माउंट आबू की रीजनल डायरेक्टर, डॉ. बिनी सरीन आदि उल्लेखनीय हैं।

सम्मेलन की महत्ता इससे और बढ़ गयी कि इसमें थाईलैंड के वे 200 बौद्ध भिक्षु भी शरीक रहे, जिन्होंने धर्मशाला से लेह तक की एक माह की पदयात्रा पूरी की थी। यह चौथी वार्षिक पदयात्रा विश्व शांति का संदेश प्रसारित करने के उद्देश्य से आयोजित की गयी थी।

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