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चंडीगढ़

नींद न आने की समस्या को नजऱअंदाज़ न करे: डॉ विरदी

July 14, 2019 08:55 PM

चंडीगढ़ सुनीता शास्त्री:
नींद से जुड़ी समस्याओं पर एक सीएमई आज ओजस अस्पताल, पंचकूला में आयोजित की गई, जिसमें 25 डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

सीएमई का आयोजन नींद संबंधी बीमारियों पर चर्चा करने के साथ ही अन्य विशेषज्ञों की मदद के लिए किया गया ताकि वे अपने मरीजों में कॉमन टेस्ट्स आदि के माध्यम से स्लीप स्टडी और उनका सामान्य चैकअप कर उनकी समस्याओं को पहचान सकें। सीएमई को संबोधित करते हुए, डॉ.सनी विरदी, कंसल्टेंट -पल्मोनरी ने कहा कि नींद से संबंधित अत्यधिक समस्याएं जैसे काफी अधिक खर्राटे लेने से नींद के दौरान गंभीर सांस की समस्या होती है, जिन्हें ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) और सेंट्रल स्लीप एपनिया (सीएसए) कहा जाता है।

ये वे रोग हैं जो अन्य रोगों जैसे डायबटीज, हाई ब्लडप्रेशर, हार्ट रोग, किडनी रोग, स्ट्रोक आदि के अनुसार होते हैं।उन्होंने आगे कहा कि ओएसए और सीएसए में फेफड़ों के गहरे हिस्सों में हवा की डिलीवरी कम हो जाती है जिससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है जिससे दिल और ब्रेन में दवाब बढ़ जाता है।

डॉ. विरदी ने कहा कि ओजस में हाल ही में लॉंच की गयी ट्राइसिटी की बेस्ट स्लीप लैब है, जिसका उपयोग नींद से जुड़ी समस्याओं का प्रारंभिक अवस्था में ही उपचार किया जाता है जो डॉक्टरों को इन रोगों का प्रबंध करने में मदद करती है।उन्होंने डॉक्टरों और आम जनता से इस बीमारी के सामान्य लक्षणों जैसे अत्यधिक खर्राटे, नींद के दौरान सांस लेने में तकलीफ, दिन के समय काफी अधिक नींद आना, अच्छे से नींद न आना और कम उम्र में बिना किसी स्पष्ट कारण के ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव आना आदि को नजऱअंदाज़ न करने का अनुरोध किया ।

इस बीच अन्य विशेषज्ञों ने भी इस बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने और दिन-प्रतिदिन बीमारी के बढ़ते बोझ के बारे में अपने विचार साझा किया।

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