ENGLISH HINDI Monday, August 26, 2019
Follow us on
 
ताज़ा ख़बरें
नैक्टर लाईफ़ केमिकल फैक्ट्री में हादसे के मामले में डीसी ने जांच के दिए आदेश , 16 ज़ख़्मियों में से एक की हालत गंभीर ब्राह्मण समाज के बेरोजगार नौजवानों के लिए रोजगार के प्रबंध कराएगा ब्राह्मण यूथ विंगबठिंडा में तीन दिवसीय 12वीं जूनियर स्टेट नैटबॉल चेंपिअनशिप 2019-20 धूमधाम से संपन्न पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे किसके सरंक्षण में चल रहे अवैध आटो?डॉक्टरों की लापरवाही से गई मासूम की जान, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के आदेशनिकासी प्रबंधों का आभाव: आधे घंटे की बरसात में ही भबात की सड़कों में भरा पानीकरंट लगने से राजमिस्त्री की मौत का मामला :तिवारी - दुबे ने पुलिस चौकी एवं थाने का घेराव कियासेक्टर 18 की चर्च में लगाया गया जांच शिविर
राष्ट्रीय

उत्तराखंड: पर्यावरण मंत्रालय बनाने का फैसला

August 14, 2019 11:04 AM

देहरादून (ओम रतूड़ी) उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने पर्यावरण मंत्रालय बनाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में पर्यावरण निदेशालय गठित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। वन विभाग से अलग यह मंत्रालय पर्यावरण से संबंधित मामलों का निपटारा करेगा वहीं, पर्यावरण मंत्रालय के अस्तित्व में आने से विकास योजनाओं में पर्यावरण क्लियरेंस के मामले जल्द निपटाया जा सकेंगे। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया की कैबिनेट मीटिंग में आए 21 प्रस्तावों में 19 को मंजूरी दे दी गई। नए पर्यावरण मंत्रालय में 4 संस्थान होंगे। जिसमें नया निदेशालय का गठन होगा। इसका निदेशक अखिल भारतीय सेवा का अधिकारी होगा। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधीन आने वाला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बायोडायवर्सिटी बोर्ड, स्टेट इनवायरमेंट इम्पेक्ट असेसमेंट अथारिटी और स्टेट इनवायरमेंट असेसमेंट कमेटी भी नए विभाग का हिस्सा होंगे। जिनमें पर्यावरण संरक्षण, एक्शन प्लान का क्रियान्वयन, संवेदनशील इको सिस्टम की पहचान जैसे कार्य जल्द हो सकेंगे।
कौशिक ने बताया कैबिनेट की बैठक में कई फैसले लिए गए, प्रदेश में शुगर मिल के गन्ना पेराई में किसानों को समय पर भुगतान नहीं करने से राज्य की शुगर मिलों की ओर 403 करोड़ का भुगतान लंबित है। सरकार ने निर्णय लिया है कि अब खांडसारी व पावर क्रशर इंडस्ट्री को बढ़ावा देने का फैसला लिया गया है। वहीं वर्ष 2019-20 के गन्ना पेराई सत्र में खांडसारी इकाइयों व पावर कृषि सेक्टर के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे अब चीनी मिल के 6 किलोमीटर की परिधि के बाद खांडसारी इकाई को लाइसेंस दिया जा सकेगा। चीनी मिल के सुरक्षित क्षेत्र से क्षेत्र में नया खांडसारी लाइसेंस दिए जाने पर प्रतिबंध हटा दिया गया है, पुराने लाइसेंस का भी नवीनीकरण किया जा सकता है।

कुछ कहना है? अपनी टिप्पणी पोस्ट करें
और राष्ट्रीय ख़बरें